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IIT मद्रास का 'फाइबॉल' लॉन्च: बास्केटबॉल से प्रेरित, 21 खिलाड़ी और 3 टीमों का अनोखा खेल

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IIT मद्रास का 'फाइबॉल' लॉन्च: बास्केटबॉल से प्रेरित, 21 खिलाड़ी और 3 टीमों का अनोखा खेल

सारांश

IIT मद्रास ने बास्केटबॉल की महँगी कोर्ट-संस्कृति को तोड़ने के लिए 'फाइबॉल' बनाया — एक ऐसा खेल जिसमें तीन टीमें, 21 खिलाड़ी और एक गोल कोर्ट है। यह ओमेगा बॉल के बाद संस्थान की दूसरी खेल-नवाचार पहल है, जो ग्रामीण भारत तक खेल पहुँचाने की सोच से जन्मी है।

मुख्य बातें

IIT मद्रास राष्ट्रीय खेल दिवस पर नया इनवेज़न स्पोर्ट 'फाइबॉल' लॉन्च करने जा रहा है।
फाइबॉल में 3 टीमें और 21 खिलाड़ी एक गोल कोर्ट पर एक साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं।
खेल बास्केटबॉल से प्रेरित है और इसे कम बुनियादी ढाँचे में खेला जा सकता है।
गुम्माडी के अनुसार, सरकारी और ग्रामीण स्कूलों में बास्केटबॉल की पहुँच बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
IIT मद्रास इससे पहले अप्रैल 2026 में ओमेगा बॉल लॉन्च कर चुका है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर एक नया इनवेज़न स्पोर्ट — 'फाइबॉल' — लॉन्च करने जा रहा है। यह खेल बास्केटबॉल से प्रेरित है और इसमें एक गोल कोर्ट पर एक साथ तीन टीमें और 21 खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस आयोजन में संस्थान के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, फैकल्टी सदस्य और छात्र शामिल होंगे।

फाइबॉल क्या है और कैसे खेला जाता है

फाइबॉल में तीन टीमें एक साथ एक गोल कोर्ट पर प्रतिस्पर्धा करती हैं। प्रत्येक टीम के लिए एक अलग बास्केट होती है और हर टीम का लक्ष्य अपनी बास्केट को बाकी दोनों टीमों से बचाना होता है। इस खेल में गति, टीमवर्क और त्वरित तकनीकी निर्णय-क्षमता तीनों का समावेश है।

IIT मद्रास ने फाइबॉल क्यों बनाया

IIT मद्रास के डीन प्रो. सत्यनारायण एन. गुम्माडी ने बताया, 'अगर आपको याद हो तो पिछले अप्रैल में, हमने ओमेगा बॉल गेम लॉन्च किया था, यह फुटबॉल खेलने का एक अलग तरीका है। उस समय, हमने सोचा कि, तो क्यों न हम इंडिया में एक गेम बनाएं और इसे इंडियन स्पोर्ट्स के लोगों के लिए लॉन्च करें।'

प्रो. गुम्माडी ने आगे कहा कि बास्केटबॉल को आधार खेल के रूप में इसलिए चुना गया, क्योंकि यह देश के सरकारी और ग्रामीण स्कूलों में कोर्ट की ऊँची लागत के कारण व्यापक रूप से नहीं खेला जाता। फाइबॉल इस बाधा को कम करने की कोशिश है — इसके लिए बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता न्यूनतम है।

छात्रों की प्रतिक्रिया

B.Tech तृतीय वर्ष के एक छात्र ने उत्साह के साथ कहा कि उन्होंने पहले कभी फाइबॉल के बारे में नहीं सुना था, लेकिन यह विचार शानदार है और इससे बास्केटबॉल कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा। अंतिम वर्ष की छात्रा हर्षिता ने कहा, 'आईआईटी मद्रास के लिए पारंपरिक खेलों को लांच करने के दृष्टिकोण से यह साल शानदार रहा है। भारत की जनसंख्या और जगह की उपलब्धता को देखते हुए ज्यादा से ज्यादा खेलों को लाने की जरूरत है।'

ओमेगा बॉल के बाद एक और नई पहल

गौरतलब है कि IIT मद्रास इससे पहले अप्रैल 2026 में ओमेगा बॉल — फुटबॉल का एक नया स्वरूप — लॉन्च कर चुका है। फाइबॉल उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है, जो भारत में खेल संस्कृति को नई दिशा देने की दिशा में संस्थान के बढ़ते प्रयासों को दर्शाती है।

आगे की राह

हर्षिता के अनुसार, फाइबॉल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इसे कम संसाधनों में खेला जा सकता है, जिससे यह ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी लोकप्रिय हो सकता है। यदि यह खेल व्यापक स्तर पर अपनाया जाता है, तो यह भारतीय खेल परिदृश्य में एक नई और सुलभ विधा के रूप में स्थापित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक नीतिगत सवाल की स्वीकृति है — भारत में खेल का बुनियादी ढाँचा अब भी शहरी और संपन्न वर्ग तक सीमित क्यों है? बास्केटबॉल को आधार बनाकर उसकी लागत-बाधा को तोड़ने की कोशिश सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या फाइबॉल IIT के परिसर से निकलकर सरकारी स्कूलों तक पहुँचता है। ओमेगा बॉल के बाद यह दूसरी पहल है — यदि संस्थान इन खेलों को राज्य खेल प्राधिकरणों और स्कूली पाठ्यक्रम से जोड़ने में सफल रहा, तभी यह नवाचार टिकाऊ बनेगा।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाइबॉल खेल क्या है और इसे कैसे खेला जाता है?
फाइबॉल एक नया इनवेज़न स्पोर्ट है जिसे IIT मद्रास ने विकसित किया है। इसमें एक गोल कोर्ट पर तीन टीमें एक साथ खेलती हैं, प्रत्येक टीम में 7 खिलाड़ी होते हैं और हर टीम अपनी बास्केट को बाकी दोनों टीमों से बचाती है।
IIT मद्रास ने फाइबॉल क्यों बनाया?
IIT मद्रास के डीन प्रो. सत्यनारायण एन. गुम्माडी के अनुसार, बास्केटबॉल सरकारी और ग्रामीण स्कूलों में महँगे कोर्ट की वजह से नहीं खेला जाता। फाइबॉल को इसी बाधा को दूर करने और भारत में एक नया, सुलभ खेल लाने के उद्देश्य से बनाया गया है।
फाइबॉल का लॉन्च कब और कहाँ होगा?
फाइबॉल को IIT मद्रास राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के हिस्से के रूप में चेन्नई में लॉन्च करेगा। इस आयोजन में संस्थान के निदेशक प्रो. वी. कामकोटी, फैकल्टी और छात्र शामिल होंगे।
क्या IIT मद्रास ने पहले भी कोई नया खेल लॉन्च किया है?
हाँ, IIT मद्रास ने अप्रैल 2026 में 'ओमेगा बॉल' लॉन्च किया था, जो फुटबॉल का एक नया और अलग स्वरूप है। फाइबॉल उसी खेल-नवाचार श्रृंखला की अगली कड़ी है।
फाइबॉल भारत में कितना लोकप्रिय हो सकता है?
छात्रों और फैकल्टी के अनुसार, फाइबॉल को न्यूनतम बुनियादी ढाँचे की आवश्यकता है, जिससे यह ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी खेला जा सकता है। यदि इसे स्कूली स्तर पर अपनाया जाए, तो यह भारत में एक नई खेल विधा के रूप में उभर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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