पीटी उषा की फीबा सेक्रेटरी जनरल से ग्लासगो में मुलाकात, भारत में बास्केटबॉल विकास पर बनी रणनीति
सारांश
मुख्य बातें
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने 25 जुलाई 2026 को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान फीबा (FIBA) के सेक्रेटरी जनरल एंड्रियास जैग्लिस से महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात में भारत में बास्केटबॉल के विकास को नई गति देने, भारतीय एथलीट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर बढ़ाने और आईओए व फीबा के बीच सहयोग को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य एजेंडा
इस उच्चस्तरीय बैठक में आईओए प्रमुख और अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल समुदाय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। दोनों पक्षों ने जमीनी स्तर पर बास्केटबॉल के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने, एथलीट विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने और भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
पीटी उषा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "आज ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान फीबा के सेक्रेटरी जनरल और अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल समुदाय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर खुशी हुई।"
सहयोग और साझा प्रतिबद्धता
उषा ने स्पष्ट किया कि यह बातचीत केवल औपचारिक संवाद तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें खेल के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत बास्केटबॉल के विकास के लिए सहयोग मजबूत करने, एथलीट्स के लिए मौके बढ़ाने और खेल के विकास के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थी।"
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारतीय खेल प्रशासन अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के साथ अपने संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
भारत में बास्केटबॉल की स्थिति
भारत के खेल परिदृश्य में बास्केटबॉल उन खेलों में शामिल है जिन पर हाल के वर्षों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जमीनी स्तर पर ढाँचागत सुधार, युवा एथलीट विकास कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास निरंतर जारी हैं। फीबा के साथ यह करीबी जुड़ाव भारतीय बास्केटबॉल को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में सहायक हो सकता है।
आगे की राह
भविष्य की योजनाओं पर आशा व्यक्त करते हुए पीटी उषा ने कहा, "मैं भारत में बास्केटबॉल को बढ़ावा देने और इसके वैश्विक विकास में योगदान देने के लिए फीबा के साथ निरंतर सहयोग की उम्मीद करती हूं।" यह बैठक आईओए और फीबा के बीच एक नई साझेदारी की नींव रख सकती है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय बास्केटबॉल के लिए नए द्वार खोलेगी।