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भारत की खेल महत्वाकांक्षा: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेज़बानी का संकेत

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भारत की खेल महत्वाकांक्षा: कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेज़बानी का संकेत

सारांश

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 और ओलंपिक 2036 की मेज़बानी को भारत की खेल क्षेत्र में आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। यह कदम खेल विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्य बातें

भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी करेगा।
ओलंपिक 2036 के लिए बोली लगाई गई है।
खेल का बुनियादी ढाँचा और संस्थानिक सहयोग बढ़ा है।
‘ खेलो इंडिया ’ जैसे कार्यक्रम युवाओं को समर्थित कर रहे हैं।
भारत की खेल महत्वाकांक्षा उच्च स्तर पर है।

नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 2036 के लिए बोली देना देश के खेल क्षेत्र में महत्वाकांक्षा और आत्मविश्वास को उजागर करता है।

रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए, उन्होंने कहा कि भारत अपने खेल सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुँच चुका है, जहाँ बेहतर बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और एथलीट्स के लिए मजबूत संस्थागत सहयोग उपलब्ध है।

पीटी उषा ने कहा, "हम 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेज़बानी करेंगे और ग्रीष्मकालीन ओलंपिक 2036 को अपने देश में लाने का हमारा दृष्टिकोण एक ऐसे राष्ट्र के आत्मविश्वास को दर्शाता है, जो अपने खेल भविष्य में विश्वास रखता है।"

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजनों की मेज़बानी देश भर में खेल विकास को गति देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, "ऐसे आयोजनों की मेज़बानी न केवल भारत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगी, बल्कि खेल बुनियादी ढांचे के विकास को भी तेज़ करेगी और एथलीट्स की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।"

आईओए के अध्यक्ष का मानना है कि भारत की खेल प्रगति मजबूत सहयोग प्रणालियों और एथलीट्स की जरूरतों की बढ़ती पहचान से प्रेरित रही है। उन्होंने कहा, "आज, भारत अपने खेल सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। पिछले एक दशक में, हमने अपने देश में खेलों को जिस प्रकार से समर्थन और सम्मान दिया जाता है, उसमें एक बड़ा बदलाव देखा है। एथलीट्स अब बेहतर बुनियादी ढांचे, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और मजबूत संस्थागत सहयोग का लाभ उठा रहे हैं।"

खेल के आधार को व्यापक बनाने में सरकारी पहलों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, उषा ने कहा कि 'खेलो इंडिया' जैसे कार्यक्रमों ने पूरे देश में युवा प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें निखारने में मदद की है।

उन्होंने कहा, "भारत सरकार के दृष्टिकोण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रोत्साहन ने एक मजबूत खेल इकोसिस्टम के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 'खेलो इंडिया' जैसी पहलों ने खेलों को स्कूलों और विश्वविद्यालयों तक पहुँचाया है, जिससे पूरे देश से युवा प्रतिभाओं को उभरने का अवसर मिला है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि युवा प्रतिभाओं को भी आगे लाएगी।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 कब होंगे?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी भारत करेगा, हालाँकि आयोजन की तिथि अभी निर्धारित नहीं की गई है।
भारत ओलंपिक 2036 की मेज़बानी क्यों कर रहा है?
भारत का लक्ष्य खेलों के विकास को बढ़ावा देना और अपने एथलीट्स को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करना है।
पीटी उषा ने खेल के विकास पर क्या कहा?
पीटी उषा ने कहा कि भारत में बेहतर बुनियादी ढाँचा और मजबूत संस्थागत सहयोग खेल के विकास में महत्वपूर्ण हैं।
राष्ट्र प्रेस
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