पीटी उषा की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात: एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण
सारांश
Key Takeaways
- पीटी उषा का प्रधानमंत्री से मिलना एक महत्वपूर्ण अवसर है।
- भारत में खेलों का बुनियादी ढांचा और समर्थन बढ़ रहा है।
- खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं के लिए सहायक हैं।
- भारत २०३० और २०३६ में बड़े खेल आयोजनों की मेज़बानी करने का लक्ष्य बना रहा है।
नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस अवसर पर उनके बेटे उज्ज्वल भी उनके साथ थे।
उषा ने इस मुलाकात को एक गर्मजोशी भरा और यादगार पल बताते हुए प्रधानमंत्री को उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ऐसे पल हमेशा दिल के करीब रहते हैं।
इससे पहले, स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजेएफआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन में उषा ने कहा कि भारत खेलों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और मजबूत संस्थागत समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि २०३० कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी और २०३६ ओलंपिक लाने का लक्ष्य भारत के खेल भविष्य के प्रति बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।
उषा ने यह भी कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजनों की मेजबानी से न केवल भारत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा, बल्कि खेल ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी और नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले एक दशक में भारत में खेलों को समर्थन देने और उन्हें बढ़ावा देने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग मिल रहा है।
सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए उषा ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ जैसे कार्यक्रमों ने देशभर में युवा प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।