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नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 626 पहुँची, आईओएम ने पुनर्वास सहायता का आश्वासन दिया

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नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या 626 पहुँची, आईओएम ने पुनर्वास सहायता का आश्वासन दिया

सारांश

नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ के चार दिन बाद मृतकों की संख्या 626 पहुँच गई है और 2,500 लोग लापता हैं। आईओएम ने पुनर्वास में पूर्ण सहयोग का वादा किया है, जबकि भारत 57.5 टन राहत सामग्री और 11 सदस्यीय चिकित्सा दल भेज चुका है।

मुख्य बातें

नेपाल भोटेकोशी बाढ़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है; करीब 2,500 लोग अभी भी लापता हैं।
संयुक्त राष्ट्र के आईओएम ने तिब्बत और नेपाल दोनों में राहत व पुनर्वास कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
भारत अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेज चुका है; शुक्रवार रात 10 टन की अतिरिक्त खेप काठमांडू पहुँची।
11 सदस्यीय भारतीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की टीम नेपाल में तैनात की गई है।
आईओएम अस्थायी आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ, कैंप प्रबंधन और आजीविका पुनर्निर्माण में सहायता देने को तैयार है।

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के चार दिन बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 626 हो गई है, जबकि लगभग 2,500 लोग अभी भी लापता हैं। संयुक्त राष्ट्र के अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने इस भीषण त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए राहत और पुनर्वास कार्यों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़े जारी किए।

आईओएम की प्रतिक्रिया और सहायता का दायरा

जिनेवा स्थित आईओएम मुख्यालय से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, 'आईओएम दोनों देशों — तिब्बत और नेपाल — की जरूरतों और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार राहत और पुनर्वास कार्यों में मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। नेपाल में, आईओएम सरकारी एजेंसियों और मानवीय सहायता देने वाले सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।' संगठन ने यह भी बताया कि जरूरी सेवाओं तक पहुँच बाधित होने से मानवीय सहायता की तत्काल आवश्यकता उत्पन्न हो गई है।

आईओएम के अनुसार, पिछली आपदाओं में उसने अस्थायी आश्रय, गैर-खाद्य सामग्री, कैंप प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, डेटा प्रबंधन, शुरुआती पुनर्वास और आजीविका पुनर्निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहायता प्रदान की है। इस बार भी इन्हीं क्षेत्रों में काम करने की तैयारी है।

तबाही का विस्तार और मौजूदा स्थिति

बाढ़ ने नेपाल में व्यापक तबाही मचाई है। 626 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और करीब 2,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत एजेंसियों के अनुसार, दूरदराज के इलाकों में संपर्क टूटने के कारण वास्तविक संख्या और अधिक हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में मानसून का मौसम अपने चरम पर है और बचाव अभियान चलाना अत्यंत कठिन हो गया है।

भारत की सहायता

इस विकट परिस्थिति में भारत ने तेज़ी से मदद का हाथ बढ़ाया है। अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। शुक्रवार रात 10 टन राहत सामग्री की एक और खेप काठमांडू पहुँची। इसके साथ ही 11 सदस्यीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की एक विशेष टीम भी नेपाल रवाना की गई है।

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया

संयुक्त राष्ट्र सहित दुनिया के कई देशों ने नेपाल के साथ एकजुटता जताई है। गौरतलब है कि नेपाल भौगोलिक दृष्टि से आपदा-संवेदनशील देश है, जहाँ हर मानसून में बड़े पैमाने पर बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएँ होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी नदियों के किनारे बसी आबादी के लिए दीर्घकालिक पुनर्वास और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे की सख्त जरूरत है।

आगे की राह

बचाव और राहत अभियान जारी है, लेकिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियाँ इसमें बाधा डाल रही हैं। आईओएम और अन्य अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियाँ नेपाल सरकार के साथ समन्वय करते हुए प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में लापता लोगों की तलाश और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 लापता लोग यह सवाल उठाते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय सहायता के बावजूद नेपाल में आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश क्यों नहीं हो पाया। भारत की त्वरित सहायता सराहनीय है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के बिना यह राहत चक्र हर साल दोहराता रहेगा। आईओएम के वादे तभी सार्थक होंगे जब पुनर्वास केवल अस्थायी शिविरों तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी पुनर्स्थापन और जलवायु-अनुकूल बस्तियों की ओर बढ़े।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल भोटेकोशी बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के शनिवार सुबह 10 बजे तक के आँकड़ों के अनुसार 626 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा करीब 2,500 लोग अभी भी लापता हैं।
आईओएम नेपाल बाढ़ पीड़ितों की किस प्रकार मदद करेगा?
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) अस्थायी आश्रय, गैर-खाद्य सामग्री, कैंप प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएँ, डेटा प्रबंधन, शुरुआती पुनर्वास और आजीविका पुनर्निर्माण में सहायता देने की तैयारी में है। संगठन नेपाल सरकारी एजेंसियों और मानवीय सहायता सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए क्या मदद भेजी है?
भारत ने अब तक 57.5 टन आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल भेजी है, जिसमें शुक्रवार रात काठमांडू पहुँची 10 टन की अतिरिक्त खेप भी शामिल है। इसके साथ ही 11 सदस्यीय चिकित्सकों और पैरामेडिक्स की एक विशेष टीम भी नेपाल में तैनात की गई है।
भोटेकोशी बाढ़ से कौन-कौन से देश प्रभावित हुए हैं?
भोटेकोशी बाढ़ से नेपाल और तिब्बत दोनों प्रभावित हुए हैं। आईओएम ने अपने बयान में दोनों देशों की जरूरतों का उल्लेख करते हुए सहायता का आश्वासन दिया है।
नेपाल में बाढ़ राहत कार्य में क्या चुनौतियाँ हैं?
जरूरी सेवाओं तक पहुँच बाधित होने और मानसून की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बचाव अभियान कठिन हो गया है। दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में संपर्क टूटने से राहत सामग्री पहुँचाना और लापता लोगों की तलाश करना बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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