नेपाल बाढ़ त्रासदी: मनीष तिवारी बोले- 'दिल दहला देने वाली', 584 मौतें और 320 भारतीय लापता
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर भारतीय विपक्षी दलों के नेताओं ने गहरी चिंता जताई है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 29 अगस्त को कहा, 'नेपाल में हुई त्रासदी सचमुच दिल दहला देने वाली है।' उनके साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने भी केंद्र सरकार से व्यापक मानवीय सहायता की माँग की है।
मनीष तिवारी का बयान: हिमालय की पारिस्थितिकी पर चेतावनी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'इस त्रासदी को बयां करने के लिए कोई शब्द ही नहीं हैं। एक क्षण तो लोग बहुत आराम से काम कर रहे थे, और दूसरे क्षण गांव, शहर, सड़कें और पुल सब बह गए।' उन्होंने इस तबाही को हिमालय की भूवैज्ञानिक संवेदनशीलता से जोड़ा और कहा कि यह इस बात को प्रमाणित करता है कि हिमालय 'यंग फोल्ड माउंटेंस' (नई वलित पर्वत-शृंखला) हैं और इसलिए किसी भी जलवायु परिवर्तन या बुनियादी ढाँचे के निर्माण कार्यों के प्रति बहुत संवेदनशील और असुरक्षित हैं।
तिवारी ने आगे कहा कि नेपाल की यह भीषण त्रासदी एक बार फिर गंभीरता से याद दिलाती है कि इन पर्वत-शृंखलाओं की पारिस्थितिकी को लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में किसी भी बुनियादी ढाँचे का विकास अत्यंत सोच-समझकर और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।
मुख्य घटनाक्रम: 584 मौतें, 2,482 लापता
TMC नेता सौगत रॉय ने आपदा की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नेपाल में करीब 584 लोगों की जान जा चुकी है और 2,482 लोग लापता हैं, जिनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने राहत सामग्री लेकर तीन विमान नेपाल भेजे हैं और इसे एक सकारात्मक कदम बताया।
गौरतलब है कि नेपाल हर साल मानसून के दौरान भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, लेकिन इस बार की तबाही का पैमाना असाधारण रूप से बड़ा बताया जा रहा है — गाँव, सड़कें और पुल बह गए।
विपक्ष की माँग: मिशन मोड में राहत अभियान
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'जो लोग फंसे हुए हैं उन्हें बचाया जाना चाहिए; वहाँ बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हैं। भारत सरकार को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फंसे हुए लोगों को बचाया जाए।'
JMM नेता मनोज पांडे ने इसे 'बहुत बड़ी विभीषिका' करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अपने संसाधन भेजकर मिशन मोड में काम करना चाहिए और फंसे हुए भारतीयों की खोजबीन करनी चाहिए।
आम जनता और भारतीयों पर असर
नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम और व्यापार के सिलसिले में रहते हैं। 320 भारतीयों के लापता होने की खबर ने परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-नेपाल के बीच सीमापार आवाजाही और आर्थिक संबंध गहरे हैं।
आगे क्या होगा
भारत सरकार द्वारा भेजे गए तीन राहत विमानों के अलावा, विपक्षी नेता और भी व्यापक सरकारी हस्तक्षेप की माँग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए इस तरह की आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता भविष्य में और बढ़ सकती है।