29 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ त्रासदी: मनीष तिवारी बोले- 'दिल दहला देने वाली', 584 मौतें और 320 भारतीय लापता

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: मनीष तिवारी बोले- 'दिल दहला देने वाली', 584 मौतें और 320 भारतीय लापता

सारांश

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में 584 मौतें और 2,482 लापता — जिनमें 320 भारतीय। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने हिमालयी पारिस्थितिकी की नाजुकता पर चेतावनी दी, जबकि TMC, सपा और JMM ने केंद्र से मिशन मोड राहत अभियान की माँग की।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ में अब तक 584 लोगों की मौत, 2,482 लापता — जिनमें 320 भारतीय नागरिक शामिल।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने त्रासदी को 'दिल दहला देने वाली' बताया और हिमालय की पारिस्थितिकी संवेदनशीलता पर चेतावनी दी।
TMC नेता सौगत रॉय ने बताया कि भारत सरकार ने राहत सामग्री लेकर तीन विमान नेपाल भेजे।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद और JMM नेता मनोज पांडे ने केंद्र से मिशन मोड में व्यापक मानवीय सहायता की माँग की।
विशेषज्ञों के अनुसार हिमालय 'यंग फोल्ड माउंटेंस' होने के कारण जलवायु परिवर्तन और निर्माण कार्यों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ पर भारतीय विपक्षी दलों के नेताओं ने गहरी चिंता जताई है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने 29 अगस्त को कहा, 'नेपाल में हुई त्रासदी सचमुच दिल दहला देने वाली है।' उनके साथ तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने भी केंद्र सरकार से व्यापक मानवीय सहायता की माँग की है।

मनीष तिवारी का बयान: हिमालय की पारिस्थितिकी पर चेतावनी

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'इस त्रासदी को बयां करने के लिए कोई शब्द ही नहीं हैं। एक क्षण तो लोग बहुत आराम से काम कर रहे थे, और दूसरे क्षण गांव, शहर, सड़कें और पुल सब बह गए।' उन्होंने इस तबाही को हिमालय की भूवैज्ञानिक संवेदनशीलता से जोड़ा और कहा कि यह इस बात को प्रमाणित करता है कि हिमालय 'यंग फोल्ड माउंटेंस' (नई वलित पर्वत-शृंखला) हैं और इसलिए किसी भी जलवायु परिवर्तन या बुनियादी ढाँचे के निर्माण कार्यों के प्रति बहुत संवेदनशील और असुरक्षित हैं।

तिवारी ने आगे कहा कि नेपाल की यह भीषण त्रासदी एक बार फिर गंभीरता से याद दिलाती है कि इन पर्वत-शृंखलाओं की पारिस्थितिकी को लेकर बेहद सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में किसी भी बुनियादी ढाँचे का विकास अत्यंत सोच-समझकर और सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम: 584 मौतें, 2,482 लापता

TMC नेता सौगत रॉय ने आपदा की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नेपाल में करीब 584 लोगों की जान जा चुकी है और 2,482 लोग लापता हैं, जिनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ने राहत सामग्री लेकर तीन विमान नेपाल भेजे हैं और इसे एक सकारात्मक कदम बताया।

गौरतलब है कि नेपाल हर साल मानसून के दौरान भीषण बाढ़ और भूस्खलन का सामना करता है, लेकिन इस बार की तबाही का पैमाना असाधारण रूप से बड़ा बताया जा रहा है — गाँव, सड़कें और पुल बह गए।

विपक्ष की माँग: मिशन मोड में राहत अभियान

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार से बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'जो लोग फंसे हुए हैं उन्हें बचाया जाना चाहिए; वहाँ बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हैं। भारत सरकार को बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता देनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फंसे हुए लोगों को बचाया जाए।'

JMM नेता मनोज पांडे ने इसे 'बहुत बड़ी विभीषिका' करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अपने संसाधन भेजकर मिशन मोड में काम करना चाहिए और फंसे हुए भारतीयों की खोजबीन करनी चाहिए।

आम जनता और भारतीयों पर असर

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम और व्यापार के सिलसिले में रहते हैं। 320 भारतीयों के लापता होने की खबर ने परिजनों में चिंता की लहर पैदा कर दी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-नेपाल के बीच सीमापार आवाजाही और आर्थिक संबंध गहरे हैं।

आगे क्या होगा

भारत सरकार द्वारा भेजे गए तीन राहत विमानों के अलावा, विपक्षी नेता और भी व्यापक सरकारी हस्तक्षेप की माँग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए इस तरह की आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता भविष्य में और बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह वही पार्टी है जिसके शासनकाल में हिमालयी क्षेत्रों में बड़े बुनियादी ढाँचे की नींव रखी गई थी। 320 भारतीयों का लापता होना एक कूटनीतिक और मानवीय दायित्व दोनों है — तीन राहत विमान शुरुआत हो सकती है, पर्याप्त उत्तर नहीं। मुख्यधारा की कवरेज बयानबाजी पर टिकी है; असली परीक्षा यह है कि सरकार फंसे भारतीयों की वापसी में कितनी तेज़ी दिखाती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ त्रासदी में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक करीब 584 लोगों की जान जा चुकी है और 2,482 लोग लापता हैं। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
नेपाल बाढ़ में फंसे भारतीयों के लिए भारत सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
भारत सरकार ने राहत सामग्री लेकर तीन विमान नेपाल भेजे हैं। विपक्षी नेता इसे एक सकारात्मक शुरुआत मानते हुए और अधिक व्यापक मिशन मोड राहत अभियान की माँग कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नेपाल त्रासदी पर क्या कहा?
मनीष तिवारी ने इसे 'दिल दहला देने वाली त्रासदी' बताया और कहा कि हिमालय 'यंग फोल्ड माउंटेंस' होने के कारण जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढाँचे के निर्माण के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। उन्होंने संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में किसी भी विकास कार्य में अधिकतम सावधानी बरतने की अपील की।
नेपाल बाढ़ पर अन्य विपक्षी दलों ने क्या माँगें रखी हैं?
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद और JMM नेता मनोज पांडे ने केंद्र सरकार से मिशन मोड में संसाधन भेजने और फंसे भारतीयों को बचाने की माँग की है। TMC नेता सौगत रॉय ने भारत के तीन राहत विमानों की सराहना की लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और प्रयासों की ज़रूरत बताई।
हिमालयी क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन इतने विनाशकारी क्यों होते हैं?
हिमालय 'यंग फोल्ड माउंटेंस' यानी नई वलित पर्वत-शृंखला हैं, जो भूवैज्ञानिक दृष्टि से अस्थिर होती हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण असामान्य वर्षा और ग्लेशियर पिघलने से इस क्षेत्र में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे गाँव, सड़कें और पुल पलभर में बह सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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