29 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ में 616 की मौत, सैकड़ों लापता; सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बचाव दल की मदद स्वीकारी

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नेपाल बाढ़ में 616 की मौत, सैकड़ों लापता; सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बचाव दल की मदद स्वीकारी

सारांश

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 616 पहुंच गई है — चितवन सबसे बुरी तरह प्रभावित। सरकार ने पहले अंतरराष्ट्रीय मदद ठुकराई, फिर 24 घंटे में पलटी। भारत तीसरा राहत विमान भेज चुका है, लेकिन लापता भारतीय नागरिकों की संख्या सर्वाधिक है।

मुख्य बातें

नेपाल में बाढ़ से 29 अगस्त सुबह तक 616 लोगों की मौत की पुष्टि, सैकड़ों अभी भी लापता।
सर्वाधिक 233 मौतें चितवन में; नवलपरासी ईस्ट में 158 , गोरखा में 48 शव बरामद।
बाढ़ की उत्पत्ति चीन के तिब्बत क्षेत्र से; भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में आई।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बचाव दल की मदद ठुकराने के 24 घंटे के भीतर अपना फैसला पलटा।
लापता लोगों में भारतीय नागरिकों की संख्या सर्वाधिक; भारत ने 10 टन सामग्री और 11 सदस्यीय बचाव दल के साथ तीसरा राहत विमान भेजा।
भारत ने गुरुवार को 37.5 टन HADR सामग्री की दूसरी खेप भी नेपाल को सौंपी।

नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 29 अगस्त, शनिवार की सुबह तक बढ़कर 616 हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के अनुसार, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे आठ जिलों में खोज एवं बचाव अभियान जारी है और मृतक संख्या में और वृद्धि की आशंका है।

जिलेवार मृतक संख्या

पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे तक सर्वाधिक 233 शव चितवन जिले में बरामद हुए। इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 158, गोरखा में 48, नवलपरासी वेस्ट में 47, धाडिंग में 45, नुवाकोट में 41, तनहुन में 31 और रसुवा में 13 शव मिले हैं। नदी किनारों और बाढ़ के मलबे में अभी भी तलाश जारी है।

बाढ़ की उत्पत्ति और व्यापक तबाही

बुधवार को रसुवा जिले में आई यह विनाशकारी बाढ़ चीन के तिब्बत क्षेत्र से उत्पन्न हुई और सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई। यह ऐसे समय में आई है जब मानसून पहले से ही पहाड़ी इलाकों में कहर बरपा रहा है। गौरतलब है कि नेपाल में हर मानसून सीजन में बाढ़ और भूस्खलन से सैकड़ों जानें जाती हैं, लेकिन इस बार की तबाही असाधारण पैमाने की है।

सरकार का बदला रुख — अंतरराष्ट्रीय मदद स्वीकार

नेपाल सरकार ने शुरुआत में विदेशी बचाव दलों की मदद लेने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि नेपाली बचावकर्मी खोज अभियान संभालने में सक्षम हैं। हालांकि, यह निर्णय एक दिन भी नहीं टिक पाया। रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन ने विदेशी विशेषज्ञता के साथ सीमित अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने का फैसला किया। आलोचकों का कहना है कि इस देरी से बहुमूल्य समय और जीवन बचाने के अवसर गंवाए जा सकते हैं।

भारत की मदद और लापता भारतीय नागरिक

नेपाल पर्यटन बोर्ड के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लापता व्यक्तियों में भारतीय नागरिकों की संख्या सर्वाधिक है। शुक्रवार को भारत का तीसरा राहत विमान 11 सदस्यीय चिकित्सा एवं सुरंग बचाव दल और 10 टन मानवीय सहायता सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा। इस सामग्री में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाद्य पैकेट और जल शुद्धिकरण गोलियाँ शामिल थीं। इससे पहले गुरुवार को भारत ने दवाओं और खाद्य सामग्री सहित मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) की 37.5 टन की दूसरी खेप भी नेपाल को सौंपी थी।

आगे की राह

बाढ़ प्रभावित इलाकों में सड़कें मलबे और भूस्खलन से बंद हैं, जिन्हें साफ करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। बचाए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान जारी रहने के साथ मृतक संख्या में और इजाफा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय बचाव दलों के शामिल होने से राहत कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल में बाढ़ से अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
29 अगस्त, शनिवार की सुबह तक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 616 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं और खोज अभियान जारी रहने के कारण मृतक संख्या और बढ़ सकती है।
नेपाल की यह बाढ़ कहाँ से आई?
बुधवार को आई यह बाढ़ चीन के तिब्बत क्षेत्र से उत्पन्न हुई और सीमा पार बहने वाली भोटेकोशी नदी के रास्ते नेपाल में दाखिल हुई। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों के किनारे बसे आठ जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मदद क्यों ठुकराई थी और फिर क्यों मानी?
सरकार ने शुरुआत में यह कहते हुए विदेशी बचाव दलों को अनुमति देने से इनकार किया कि नेपाली बचावकर्मी अभियान संभालने में सक्षम हैं। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार यह निर्णय 24 घंटे के भीतर पलट दिया गया और प्रशासन ने सीमित अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता स्वीकार करने का फैसला किया।
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत में क्या मदद दी है?
भारत ने शुक्रवार तक तीन राहत विमान नेपाल भेजे हैं। तीसरे विमान में 11 सदस्यीय चिकित्सा एवं सुरंग बचाव दल और 10 टन सामग्री थी। गुरुवार को 37.5 टन HADR सामग्री की दूसरी खेप भी नेपाल को सौंपी गई, जिसमें दवाएँ, खाद्य पैकेट और जल शुद्धिकरण सामग्री शामिल थी।
लापता लोगों में भारतीय नागरिक कितने हैं?
नेपाल पर्यटन बोर्ड के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, लापता व्यक्तियों में भारतीय नागरिकों की संख्या सर्वाधिक है। हालांकि, सटीक संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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