सीएनजी मूल्यवृद्धि पर सपा का भाजपा पर हमला: 'महंगाई से जनता त्रस्त, चीनी ₹100 किलो'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं ने 29 अगस्त को लखनऊ में सीएनजी के दाम बढ़ाए जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के चलते आम जनता महंगाई की मार झेल रही है। सपा सांसद और नेताओं ने पेट्रोल, चीनी, दाल-चावल और आलू की बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
महंगाई पर सपा सांसद का हमला
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, 'देश और राज्य की जनता इस सरकार से परेशान है। किन चीजों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं? कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। चीनी की कीमत बढ़ गई है और आसमान छू रही है। हमें कुछ जगहों से जानकारी मिली है कि चीनी ₹100 प्रति किलो बिक रही है। सीएनजी की कीमतें भी बढ़ गई हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के संदर्भ में अवधेश प्रसाद ने कहा कि सरकार का भरोसा जमीनी स्तर तक नहीं पहुँच रहा। उनके अनुसार, 'कोई भी मुख्यमंत्री हर शहर और गाँव तक नहीं पहुँच सकता, लेकिन उसका भरोसा वहाँ तक पहुँचता है। सरकार की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो गई है, जिसका नतीजा है कि लगातार हत्याएँ हो रही हैं।' गौरतलब है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी इस मामले पर पहले ही बयान दे चुके हैं।
रक्षाबंधन पर फ्री बस सेवा का दावा खारिज
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की घोषणा को लेकर अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह घोषणा जमीन पर कहीं भी लागू नहीं हुई। उन्होंने इसे 'बिल्कुल झूठी घोषणा' करार दिया और कहा कि कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।
फखरुल हसन चांद का आरोप: पेट्रोल ₹167 प्रति लीटर
सपा नेता फखरुल हसन चांद ने कहा, 'भाजपा की सरकार में महंगाई बढ़ गई है। पेट्रोल ₹167 प्रति लीटर में बिक रहा है। चीनी, आलू और दाल-चावल के दाम बढ़े हैं। भाजपा सरकार ने महंगाई बढ़ाकर लोगों को परेशान करने का काम किया है।' उन्होंने सरकार पर आम जनता की जेब पर बोझ डालने का सीधा आरोप लगाया।
एसआईआर और चुनाव आयोग पर सवाल
फखरुल हसन चांद ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा, 'अगर चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध हो जाएगी तो लोकतंत्र कैसे सुरक्षित रहेगा?' — यह टिप्पणी चुनाव आयोग (ECI) की निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाती है। सपा का कहना है कि आने वाले चुनावों में मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।