11 जुलाई 2026
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पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर महंगाई नियंत्रण में विफलता का आरोप

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पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस का हमला, सरकार पर महंगाई नियंत्रण में विफलता का आरोप

सारांश

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सांसद जेबी माथेर, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने एक स्वर में कहा — महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है और सरकार संसद में चर्चा से भाग रही है।

मुख्य बातें

कांग्रेस ने 26 मई को केंद्र सरकार पर पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों को लेकर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि ईंधन महंगाई से खाद्य, कृषि, मछली पालन, होटल और परिवहन सभी क्षेत्र प्रभावित हैं।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मुक्तसर साहिब से कहा कि आम लोगों के पास ईंधन भरने के पैसे नहीं बचे।
हरिप्रसाद ने BJP सरकार पर जनता का ध्यान भटकाने और संसद में चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने माँग की कि सरकार तत्काल ईंधन कीमतों में राहत दे और संसद में विस्तृत बहस कराए।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने 26 मई को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला, यह आरोप लगाते हुए कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रही है। पार्टी ने माँग की है कि केंद्र तत्काल ईंधन कीमतों में राहत दे और संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा कराए।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, 'बहुत पहले ही कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ने माँग की थी कि इन संकटों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। लेकिन सरकार का जवाब सिर्फ 'सब चंगा है' रहा। अब हर दिन पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें बढ़ रही हैं।' उन्होंने आगे कहा कि यह केवल ईंधन की महंगाई नहीं है — खाद्य क्षेत्र, कृषि, मछली पालन, होटल और परिवहन जैसा हर क्षेत्र इससे प्रभावित हो रहा है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने मुक्तसर साहिब से कहा, 'आज जनता वोट डालने जा रही है तो सिर्फ एक संदेश देने के लिए कि हालात बहुत खराब हो गए हैं। आम लोगों की कमर महंगाई ने तोड़ दी है। उनके पास गाड़ी चलाने और ईंधन भरने के पैसे नहीं बचे हैं।'

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार इस मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'देश के शीर्ष पद पर बैठे लोग हर दो-तीन दिन में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा रहे हैं। सरकार चर्चा से भाग रही है और जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।'

कांग्रेस के आरोप और माँगें

कांग्रेस का कहना है कि सरकार मध्य-पूर्व संकट का हवाला देकर आम जनता पर ईंधन महंगाई का बोझ डाल रही है। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि संसद सत्र में इस अहम मुद्दे पर कोई बहस नहीं हुई और सरकार विपक्षी दलों से संवाद करने से बच रही है। गौरतलब है कि ईंधन की ऊँची कीमतें परिवहन लागत बढ़ाकर खाद्य वस्तुओं, कृषि उत्पादों और रोज़मर्रा की ज़रूरतों को भी महँगा बना देती हैं, जिसका सीधा असर निम्न और मध्यम आय वर्ग पर पड़ता है।

आम जनता पर असर

ईंधन मूल्य वृद्धि का प्रभाव केवल पंप तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से सब्जी, दूध और अनाज जैसी आवश्यक वस्तुएँ महँगी होती हैं। मछुआरों और किसानों के लिए डीजल की ऊँची कीमत परिचालन खर्च बढ़ाती है, जबकि सीएनजी की बढ़ती दरें ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों की आजीविका पर सीधा असर डालती हैं।

क्या होगा आगे

कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह संसद के अगले सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएगी और सरकार से ईंधन कीमतों में तत्काल कटौती की माँग जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावी प्रक्रिया के बीच महंगाई एक प्रमुख जन-मुद्दा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या नहीं। मध्य-पूर्व संकट का हवाला देना आंशिक रूप से उचित हो सकता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिरती हैं तो उपभोक्ताओं को उसका पूरा लाभ नहीं मिलता। संसद में चर्चा की माँग को बार-बार नज़रअंदाज़ करना लोकतांत्रिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
कांग्रेस के अनुसार सरकार मध्य-पूर्व संकट का हवाला देकर ईंधन कीमतें बढ़ा रही है, जिसका बोझ सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। हालाँकि केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस ने सरकार से क्या माँगें की हैं?
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से तत्काल ईंधन कीमतों में राहत देने और संसद सत्र में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने की माँग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार विपक्षी दलों से संवाद करने से भी बच रही है।
ईंधन महंगाई का आम जनता पर क्या असर पड़ता है?
पेट्रोल-डीजल-सीएनजी की ऊँची कीमतें परिवहन लागत बढ़ाती हैं, जिससे खाद्य वस्तुएँ, सब्जियाँ और रोज़मर्रा की ज़रूरतें महँगी हो जाती हैं। किसान, मछुआरे, ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक जैसे तबके सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।
कांग्रेस के किन नेताओं ने इस मुद्दे पर बयान दिए?
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग (मुक्तसर साहिब से), और वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद ने 26 मई को केंद्र सरकार पर महंगाई नियंत्रण में विफलता के आरोप लगाए।
क्या संसद में ईंधन महंगाई पर चर्चा हुई है?
कांग्रेस का आरोप है कि संसद सत्र में इस अहम मुद्दे पर कोई बहस नहीं हुई। पार्टी ने कहा है कि वह अगले सत्र में इसे प्रमुखता से उठाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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