विपक्ष ने सरकार पर जनता को गुमराह करने के गंभीर आरोप लगाए
सारांश
Key Takeaways
- विपक्ष ने महंगाई और एलपीजी की कीमतों पर सरकार पर आरोप लगाए हैं।
- सांसदों ने जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
- अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना पर चर्चा हो रही है।
- विपक्ष का कहना है कि सरकार को जनता की आवाज सुननी चाहिए।
- महंगाई के कारण आम लोगों की जिंदगी कठिन हो रही है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। महंगाई, एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। विपक्ष के नेताओं का कहना है कि सरकार आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है और उन्हें गुमराह कर रही है।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, "देश में एलपीजी सिलेंडर के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। इसे केवल संसद में एक बयान के तौर पर नहीं रखना चाहिए, बल्कि इस पर व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए। जब देश का नियंत्रण एक पार्टी या व्यक्ति के हाथ में हो, तब सभी को देश के हित के बारे में सोचना आवश्यक है।"
कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, "आम जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। रोजमर्रा की आवश्यक चीजें जैसे गैस सिलेंडर और पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम लोगों की जिंदगी कठिन हो रही है।" उन्होंने सरकार से अपील की कि वह जनता की आवाज सुने और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की मदद करे।
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महंगाई अपने चरम पर है और जनता इससे परेशान है, लेकिन सरकार को इसकी गंभीरता का एहसास नहीं हो रहा है। भारत का संविधान एक वेलफेयर स्टेट की अवधारणा पर आधारित है, लेकिन वर्तमान सरकार इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठा रही है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बताया कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा कि जनता की कठिनाइयों पर संसद में चर्चा होना आवश्यक है। उन्होंने सरकार पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने भी सदन में सत्ता पक्ष की भाषा और रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी, लेकिन सत्ता पक्ष का ध्यान मुद्दों के बजाय विपक्ष के नेता पर केंद्रित दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वैश्विक तनाव और संघर्ष जारी रहते हैं, तो कई सेक्टर प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का सरकार का निर्णय सही है, लेकिन दूरदृष्टि की कमी के कारण देश कठिन स्थिति में पहुंच गया है।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि एलपीजी की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और एयरलाइंस के किराए भी बढ़ाए जा रहे हैं। इसे केंद्र सरकार की नाकामी बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को पहले ही कदम उठाकर सब्सिडी देनी चाहिए थी, ताकि आम जनता पर बोझ न पड़े।