वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 1 मई से सूरत में: CM भूपेंद्र पटेल करेंगे उद्घाटन, 18+ सेमिनार और बड़े MOU की उम्मीद
सारांश
Key Takeaways
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 1 मई 2025 को सूरत में दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 30 अप्रैल को आयोजन स्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को यह जानकारी दी। 'रीजनल एस्पिरेशन, ग्लोबल एम्बिशन' के मंत्र के साथ आयोजित यह सम्मेलन दक्षिण गुजरात की औद्योगिक क्षमता और क्षेत्रीय ताकतों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्य कार्यक्रम और तैयारियाँ
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कॉन्फ्रेंस की पूर्व संध्या पर आयोजन स्थल का जायजा लिया और दक्षिण गुजरात के प्रमुख उद्यमियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि दो दिनों के दौरान 18 से अधिक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों से 'वन टू वन' मुलाकात करेंगे, जो इस आयोजन की एक विशेष विशेषता है।
गुजरात सरकार के 10 से अधिक विभागों के उच्च अधिकारी सूरत में ही उपस्थित रहेंगे, ताकि दक्षिण गुजरात के व्यापारियों और औद्योगिक संगठनों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके। संघवी ने यह भी कहा कि सम्मेलन के दौरान बड़े पैमाने पर नए एमओयू (समझौता ज्ञापन) होने की प्रबल उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
इस रीजनल समिट में 5 देश पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए हैं। कई देशों के राजदूत सूरत पहुँच चुके हैं और शहर के विकास कार्यों का अवलोकन कर रहे हैं। शाम को विदेशी प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दक्षिण गुजरात की संभावनाओं और विदेशी निवेश पर विस्तृत चर्चा हुई। गौरतलब है कि वाइब्रेंट गुजरात पारंपरिक रूप से गांधीनगर में आयोजित होता था, लेकिन इसे अब क्षेत्रीय स्तर पर विकेंद्रित किया जा रहा है।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के माहौल के बीच ₹1,300 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे खातों में आना टेक्सटाइल उद्योग के लिए 'बूस्टर डोज' की तरह है। उन्होंने कहा कि यह अन्य राज्यों में जाने पर विचार कर रहे उद्योगों को एक कड़ा संदेश है कि गुजरात में निवेश सुरक्षित और पारदर्शी है।
दक्षिणी गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्योगपति इस क्षेत्रीय आयोजन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के उद्योगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन पर अब सीधे ध्यान दिया जाएगा और व्यक्तिगत उद्यमी जो विस्तार करना चाहते हैं, वे भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकेंगे।
उद्योग प्रतिनिधि हरीश जोशी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात राज्य और देश दोनों के लिए एक अहम बूस्टर है और यह एक ऐसा मॉडल बन चुका है जिसे भारत के अन्य राज्यों ने भी अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के इस प्रारूप ने उद्योगों और सरकार के बीच संवाद को मज़बूत किया है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप है।
आम जनता और उद्योगों पर असर
उपमुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि गुजरात का हर नागरिक और हर उद्योग इस राज्य का ब्रांड एंबेसडर है। जो लोग वर्षों से गुजरात से जुड़े हैं, उन्होंने यहाँ अपने कारोबार स्थापित किए हैं और अपने उद्यमों के साथ-साथ निजी तरक्की भी देखी है। इस सम्मेलन से रोज़गार सृजन, निर्यात वृद्धि और कर राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्रीय पहल के परिणाम गुजरात की औद्योगिक नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।