वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 1 मई से सूरत में: CM भूपेंद्र पटेल करेंगे उद्घाटन, 18+ सेमिनार और बड़े MOU की उम्मीद

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वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 1 मई से सूरत में: CM भूपेंद्र पटेल करेंगे उद्घाटन, 18+ सेमिनार और बड़े MOU की उम्मीद

सारांश

वाइब्रेंट गुजरात का विकेंद्रीकरण एक रणनीतिक बदलाव है — गांधीनगर की बजाय सूरत में आयोजन का मतलब है दक्षिण गुजरात के उद्योगों को सीधी पहुँच। 5 पार्टनर देश, 18+ सेमिनार और बड़े MOU की उम्मीद के साथ यह सम्मेलन 'रीजनल एस्पिरेशन, ग्लोबल एम्बिशन' के नारे को ज़मीन पर उतारने की कोशिश है।

Key Takeaways

CM भूपेंद्र पटेल 1 मई 2025 को सूरत में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय सम्मेलन में 18 से अधिक सेमिनार और मुख्यमंत्री की उद्योगपतियों से 'वन टू वन' मुलाकात होगी। गुजरात सरकार के 10 से अधिक विभागों के अधिकारी सूरत में मौजूद रहेंगे — मौके पर समस्या समाधान के लिए। 5 देश पार्टनर कंट्री के रूप में जुड़े; कई देशों के राजदूत सूरत पहुँचे। टेक्सटाइल उद्योग को ₹1,300 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे खातों में मिलने की जानकारी। बड़े पैमाने पर नए MOU होने की उम्मीद; दक्षिण गुजरात में औद्योगिक विकास को गति मिलने का अनुमान।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल 1 मई 2025 को सूरत में दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 30 अप्रैल को आयोजन स्थल का निरीक्षण करने के बाद मीडिया को यह जानकारी दी। 'रीजनल एस्पिरेशन, ग्लोबल एम्बिशन' के मंत्र के साथ आयोजित यह सम्मेलन दक्षिण गुजरात की औद्योगिक क्षमता और क्षेत्रीय ताकतों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्य कार्यक्रम और तैयारियाँ

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कॉन्फ्रेंस की पूर्व संध्या पर आयोजन स्थल का जायजा लिया और दक्षिण गुजरात के प्रमुख उद्यमियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि दो दिनों के दौरान 18 से अधिक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगपतियों से 'वन टू वन' मुलाकात करेंगे, जो इस आयोजन की एक विशेष विशेषता है।

गुजरात सरकार के 10 से अधिक विभागों के उच्च अधिकारी सूरत में ही उपस्थित रहेंगे, ताकि दक्षिण गुजरात के व्यापारियों और औद्योगिक संगठनों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके। संघवी ने यह भी कहा कि सम्मेलन के दौरान बड़े पैमाने पर नए एमओयू (समझौता ज्ञापन) होने की प्रबल उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

इस रीजनल समिट में 5 देश पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए हैं। कई देशों के राजदूत सूरत पहुँच चुके हैं और शहर के विकास कार्यों का अवलोकन कर रहे हैं। शाम को विदेशी प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें दक्षिण गुजरात की संभावनाओं और विदेशी निवेश पर विस्तृत चर्चा हुई। गौरतलब है कि वाइब्रेंट गुजरात पारंपरिक रूप से गांधीनगर में आयोजित होता था, लेकिन इसे अब क्षेत्रीय स्तर पर विकेंद्रित किया जा रहा है।

उद्योग जगत की प्रतिक्रिया

फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जीरावाला ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध के माहौल के बीच ₹1,300 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे खातों में आना टेक्सटाइल उद्योग के लिए 'बूस्टर डोज' की तरह है। उन्होंने कहा कि यह अन्य राज्यों में जाने पर विचार कर रहे उद्योगों को एक कड़ा संदेश है कि गुजरात में निवेश सुरक्षित और पारदर्शी है।

दक्षिणी गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात के उद्योगपति इस क्षेत्रीय आयोजन से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के उद्योगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उन पर अब सीधे ध्यान दिया जाएगा और व्यक्तिगत उद्यमी जो विस्तार करना चाहते हैं, वे भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकेंगे।

उद्योग प्रतिनिधि हरीश जोशी ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात राज्य और देश दोनों के लिए एक अहम बूस्टर है और यह एक ऐसा मॉडल बन चुका है जिसे भारत के अन्य राज्यों ने भी अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस के इस प्रारूप ने उद्योगों और सरकार के बीच संवाद को मज़बूत किया है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित 'विकसित भारत 2047' के विजन के अनुरूप है।

आम जनता और उद्योगों पर असर

उपमुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि उनका दृढ़ विश्वास है कि गुजरात का हर नागरिक और हर उद्योग इस राज्य का ब्रांड एंबेसडर है। जो लोग वर्षों से गुजरात से जुड़े हैं, उन्होंने यहाँ अपने कारोबार स्थापित किए हैं और अपने उद्यमों के साथ-साथ निजी तरक्की भी देखी है। इस सम्मेलन से रोज़गार सृजन, निर्यात वृद्धि और कर राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस क्षेत्रीय पहल के परिणाम गुजरात की औद्योगिक नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

Point of View

बल्कि उनका क्रियान्वयन होगी। पिछले वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलनों में हज़ारों करोड़ के MOU हुए, पर उनमें से कितने ज़मीन पर उतरे, इसका पारदर्शी लेखा-जोखा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ है। दक्षिण गुजरात के उद्योगपतियों का उत्साह वास्तविक है, लेकिन '10 विभागों के अधिकारी मौके पर' जैसी व्यवस्था तभी सार्थक होगी जब समस्याओं के समाधान की समयसीमा और जवाबदेही तय हो। विकेंद्रीकरण की यह पहल यदि नीतिगत बदलावों में तब्दील हुई, तो यह गुजरात मॉडल को एक नई परिपक्वता देगी।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस 2025 क्या है?
यह 1-2 मई 2025 को सूरत में आयोजित दो दिवसीय औद्योगिक सम्मेलन है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल करेंगे। यह वाइब्रेंट गुजरात के विकेंद्रीकृत क्षेत्रीय प्रारूप का हिस्सा है, जो दक्षिण गुजरात की औद्योगिक संभावनाओं को वैश्विक निवेशकों के सामने रखने का मंच है।
इस कॉन्फ्रेंस में कितने देश भाग ले रहे हैं?
5 देश इस रीजनल समिट में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल हुए हैं। कई देशों के राजदूत सूरत पहुँच चुके हैं और विदेशी निवेश पर विशेष बैठक का आयोजन भी किया गया है।
सूरत में इस सम्मेलन से दक्षिण गुजरात को क्या फायदा होगा?
दक्षिण गुजरात के उद्योगपतियों को सरकार के 10 से अधिक विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही समस्या समाधान का अवसर मिलेगा। इसके अलावा नए MOU, विदेशी निवेश और रोज़गार सृजन की उम्मीद है।
टेक्सटाइल उद्योग को कितनी सब्सिडी मिलने की बात कही गई है?
फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जीरावाला के अनुसार ₹1,300 करोड़ से अधिक की सब्सिडी सीधे खातों में आई है, जिसे उन्होंने टेक्सटाइल उद्योग के लिए 'बूस्टर डोज' बताया।
वाइब्रेंट गुजरात को क्षेत्रीय स्तर पर क्यों आयोजित किया जा रहा है?
पहले वाइब्रेंट गुजरात केवल गांधीनगर में आयोजित होता था। अब इसे क्षेत्रीय स्तर पर विकेंद्रित किया गया है ताकि दक्षिण गुजरात जैसे क्षेत्रों के उद्योगपतियों को सीधी पहुँच मिले और उनकी स्थानीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
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