ईंधन मूल्यवृद्धि पर विपक्ष का केंद्र पर हमला, भाजपा बोली — यह वैश्विक संकट है
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 19 मई को ईंधन की बढ़ती कीमतों और महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस स्थिति का बचाव करते हुए कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें एक वैश्विक आर्थिक संकट का हिस्सा हैं, जिससे दुनिया के अधिकांश देश प्रभावित हैं।
आप का केंद्र पर हमला
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने ऑटो और ट्रक चालकों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा, 'ऑटो ड्राइवरों ने अब घोषणा कर दी है कि वे हड़ताल पर जाएंगे, क्योंकि सीएनजी गैस की कीमतें बढ़ रही हैं। ट्रक ड्राइवरों ने पहले ही कह दिया था कि वे हड़ताल पर जाएंगे, क्योंकि डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। वे ऑटो ड्राइवरों, ट्रक ड्राइवरों और आम लोगों की चिंताओं को समझने में नाकाम रहे हैं।'
ढांडा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील और BJP नेताओं के मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने को 'राजनीतिक ड्रामा' करार दिया। उन्होंने कहा, 'इस समय पूरा देश मुश्किल में है और लोग परेशान हैं। भारतीय जनता पार्टी के नेता, उनके मंत्री, और मुख्यमंत्री इस तरह का ड्रामा करके लोगों के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि BJP नेता 30-40 सुरक्षाकर्मियों के साथ मेट्रो में यात्रा करते हैं और पूरे डिब्बों पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे आम यात्रियों के लिए जगह नहीं बचती।
कांग्रेस का रुपये की गिरावट पर निशाना
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने महंगाई के साथ-साथ कमजोर होते रुपये को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश एक बहुत ही मुश्किल दौर से गुजर रहा है। अगर किसी मुद्रा में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सबसे तेज गिरावट देखी गई है तो वह भारतीय रुपया है।' हुड्डा ने यह भी दावा किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और उर्वरकों की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।
भाजपा का बचाव — वैश्विक संकट का हवाला
उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरे विश्व के सामने खड़ा एक संकट है। उन्होंने कहा, 'दुनिया के हर देश में डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत में यह बढ़ोतरी सबसे कम हुई है और सबसे आखिर में हुई है।' राजभर ने कहा कि उन्हें अपनी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गर्व है।
आम जनता पर असर
सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ रहा है। ऑटो और ट्रक चालकों द्वारा हड़ताल की घोषणा से रोजमर्रा की आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब रसोई गैस और उर्वरकों की ऊंची कीमतें पहले से ही घरेलू बजट पर दबाव डाल रही हैं।
आगे क्या
विपक्षी दलों के बढ़ते दबाव के बीच यह देखना होगा कि केंद्र सरकार ईंधन की कीमतों पर कोई राहत उपाय घोषित करती है या नहीं। ऑटो और ट्रक चालकों की संभावित हड़ताल से पहले सरकार और ट्रांसपोर्ट संघों के बीच बातचीत की संभावना भी बनती है।