29 अगस्त 2026
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नोएडा डूब क्षेत्र में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन: CM योगी की फटकार के बाद विभाग सक्रिय

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नोएडा डूब क्षेत्र में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन: CM योगी की फटकार के बाद विभाग सक्रिय

सारांश

नोएडा के डूब क्षेत्र में 2017 से नए कनेक्शन पर रोक के बावजूद 13 हजार अवैध कनेक्शनों का नेटवर्क — और हर महीने ₹1.5 करोड़ की कथित वसूली। CM योगी की फटकार के बाद विभाग जागा, लेकिन असली सवाल यह है कि सात साल तक यह सब किसकी नज़र में था।

मुख्य बातें

नोएडा के डूब क्षेत्र में 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला 29 अगस्त को CM योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया।
मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन चेयरमैन आशीष गोयल को फटकार लगाई और जवाब तलब किया।
क्षेत्र में केवल 3,800 वैध कनेक्शन हैं; अवैध कनेक्शन इससे कई गुना अधिक अनुमानित।
एक निजी सिंडिकेट पर प्रति कनेक्शन ₹1,000 मासिक वसूली का आरोप; कुल मासिक वसूली ₹1.5 करोड़ तक आँकी जा रही है।
वर्ष 2017 से डूब क्षेत्र में नए कनेक्शन पर प्रतिबंध के बावजूद नेटवर्क सक्रिय रहा।
कथित सिंडिकेट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज; छिजारसी गाँव से अभियान शुरू।

नोएडा के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शनों का मामला 29 अगस्त को शासन स्तर तक पहुँच गया, जब स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष यह मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया, जिसके बाद बिजली विभाग ने तत्काल अभियान छेड़ दिया।

मुख्य घटनाक्रम

बिजली विभाग के आँकड़ों के अनुसार डूब क्षेत्र में केवल 3,800 वैध बिजली कनेक्शन हैं, जबकि कथित अवैध कनेक्शनों की संख्या 13 हजार तक आँकी जा रही है। विभाग की टीमें छिजारसी गाँव से अभियान शुरू करते हुए अवैध मीटर चिन्हित कर उन्हें बंद कर रही हैं और अवैध बिजली लाइनें काटी जा रही हैं। नोएडा के मुख्य अभियंता एसके जैन ने बताया कि कथित सिंडिकेट से जुड़े लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की गई है।

कैसे खड़ा हुआ अवैध नेटवर्क

गौरतलब है कि डूब क्षेत्र में वर्ष 2017 से नए बिजली कनेक्शन देने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद आरोप है कि एक निजी सिंडिकेट ने अवैध तरीके से मीटर लगाकर समानांतर बिजली आपूर्ति नेटवर्क खड़ा कर लिया। कथित तौर पर प्रत्येक कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह वसूले जाने का अनुमान है। यदि 13 हजार कनेक्शनों को आधार बनाया जाए, तो इस नेटवर्क के जरिए हर महीने ₹1.5 करोड़ तक की वसूली होने की आशंका जताई जा रही है — हालाँकि इन आँकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद ही होगी।

विभागीय व्यवस्था पर सवाल

यह मामला इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि प्रतिबंध के सात वर्षों बाद भी इतने बड़े पैमाने पर अवैध नेटवर्क सक्रिय रहा और विभाग को इसकी जानकारी नहीं हुई। डूब क्षेत्र में खड़ी बड़ी इमारतों, फार्म हाउसों और अन्य निर्माणों तक बिजली पहुँचने पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि इन निर्माणों की वैधता पहले से विवादास्पद रही है। आलोचकों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतना बड़ा नेटवर्क वर्षों तक नहीं चल सकता था।

आगे क्या होगा

मुख्य अभियंता एसके जैन के अनुसार यह अभियान एक-दो दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतिदिन जाँच जारी रखते हुए पूरे अवैध नेटवर्क को खत्म किया जाएगा। जाँच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं और अब तक कितनी राशि की वसूली हुई। यह प्रकरण उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग की निगरानी व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है और आने वाले दिनों में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सात साल की संस्थागत विफलता का है — 2017 में लगे प्रतिबंध के बाद भी 13 हजार कनेक्शन बिना किसी विभागीय हस्तक्षेप के कैसे सक्रिय रहे, यह सवाल सीधे निगरानी तंत्र की साख पर उठता है। CM की फटकार के बाद शुरू हुई कार्रवाई यह भी दर्शाती है कि ऊपर से दबाव न हो तो विभाग स्वप्रेरणा से नहीं जागता। डूब क्षेत्र में खड़ी इमारतों और फार्म हाउसों तक बिजली पहुँचने का सवाल केवल तकनीकी नहीं, बल्कि भूमि अतिक्रमण और पर्यावरणीय उल्लंघन की बड़ी तस्वीर से जुड़ा है। जब तक जाँच में विभागीय संलिप्तता की पड़ताल नहीं होती, यह अभियान सिंडिकेट के निचले पायदान तक सीमित रहने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा के डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन का मामला क्या है?
नोएडा के डूब क्षेत्र में 2017 से नए बिजली कनेक्शन पर प्रतिबंध के बावजूद एक कथित निजी सिंडिकेट ने करीब 13 हजार अवैध मीटर लगाकर समानांतर बिजली आपूर्ति नेटवर्क खड़ा कर लिया। यह मामला 29 अगस्त को CM योगी आदित्यनाथ के सामने रखे जाने के बाद सुर्खियों में आया।
CM योगी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया। इसके बाद बिजली विभाग ने छिजारसी गाँव से अभियान शुरू कर अवैध कनेक्शन काटने और कथित सिंडिकेट के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की।
इस अवैध नेटवर्क से कितनी वसूली होती थी?
आरोपों के अनुसार प्रत्येक अवैध कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से कथित तौर पर न्यूनतम ₹1,000 प्रति माह वसूले जाते थे। 13 हजार कनेक्शनों के आधार पर मासिक वसूली ₹1.5 करोड़ तक आँकी जा रही है, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जाँच पूरी होने के बाद होगी।
डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन पर रोक कब से है?
नोएडा के डूब क्षेत्र में नए बिजली कनेक्शन देने पर वर्ष 2017 से प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद सात वर्षों में हजारों अवैध कनेक्शन सक्रिय रहे और विभाग को इसकी जानकारी नहीं हुई, जो प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे जाँच में क्या स्पष्ट होने की उम्मीद है?
जाँच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंध के बावजूद इतने बड़े पैमाने पर अवैध कनेक्शन किस तरह दिए गए, इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितनी राशि की वसूली हुई। मुख्य अभियंता एसके जैन के अनुसार यह अभियान प्रतिदिन जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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