यूपी में बिजली कटौती के बीच 10% सरचार्ज: विद्युत उपभोक्ता परिषद ने की पुनर्विचार की मांग, दायर होगी याचिका
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज को लेकर विरोध तेज हो गया है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने 30 मई 2026 को इस फैसले को पूरी तरह गलत बताते हुए इस पर पुनर्विचार की माँग की है और विद्युत नियामक आयोग में याचिका दायर करने की घोषणा की है। उनका कहना है कि जब प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी में पर्याप्त बिजली भी नहीं मिल रही, तब उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना अनुचित है।
सरचार्ज का आधार और विवाद
विद्युत नियामक आयोग ने मार्च 2026 के लिए बिजली खरीद लागत ₹4.94 प्रति यूनिट स्वीकृत की थी। हालाँकि, पावर कॉरपोरेशन का दावा है कि वास्तविक खरीद लागत ₹5.86 प्रति यूनिट रही। इसी अंतर को आधार बनाकर प्रदेश के उपभोक्ताओं से ₹1,610 करोड़ की अतिरिक्त वसूली 10 प्रतिशत सरचार्ज के रूप में की जा रही है।
अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन ने गलत आधार पर यह निर्णय लिया है और सोमवार को विद्युत नियामक आयोग में इस फैसले के विरुद्ध याचिका दायर की जाएगी।
उपभोक्ताओं की दोहरी मार
वर्मा ने बताया कि उपभोक्ताओं को पहले स्मार्ट मीटर की समस्याओं का सामना करना पड़ा और अब लगातार हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान है। ऐसे समय में दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का पहले से ही लगभग ₹51,000 करोड़ का सरप्लस निकलता है। ऐसे में नया आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह अनुचित है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश सिंह राजपूत ने कहा कि राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद उन्होंने अपने गृह जिले कन्नौज, पड़ोसी जिले फर्रुखाबाद और अन्य स्थानों पर बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए तुरंत बैठक आयोजित की। उन्होंने कहा कि जो कमियाँ पहचानी गईं, उन्हें दूर किया गया और भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के प्रयास किए गए।
उल्लेखनीय है कि मंत्री राजपूत ने स्वीकार किया कि उन्हें जून से बिजली बिलों में प्रस्तावित 10 प्रतिशत बढ़ोतरी से जुड़ी रिपोर्टों की जानकारी नहीं थी।
आम जनता पर असर
प्रदेश में करीब 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। अवधेश कुमार वर्मा ने चेतावनी दी कि चुनावी माहौल में जनता की परेशानियों को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
आगे क्या होगा
वर्मा ने कहा कि आने वाले दिनों में बिजली संकट और गहरा सकता है, क्योंकि बिजली उत्पादन की स्थिति अभी संतोषजनक नहीं है। उपभोक्ता परिषद ने सरकार से समय रहते ठोस कदम उठाकर उपभोक्ताओं को राहत देने की अपील की है और हर स्तर पर संघर्ष जारी रखने की घोषणा की है।