यूपी बिजली कटौती पर मायावती ने योगी सरकार को घेरा, गरीब-किसानों के लिए तत्काल राहत की माँग
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 22 मई 2025 को भीषण गर्मी के बीच प्रदेश में जारी बिजली कटौती पर गहरी चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने की माँग की। उन्होंने कहा कि करोड़ों गरीब, किसान और मेहनतकश लोगों का जीवन इस संकट से अत्यंत कष्टदायी हो गया है।
मायावती ने क्या कहा
मायावती ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम आपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतें और उसको लेकर विशेषकर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है तथा इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में अपना आक्रोश भी प्रकट कर रहे हैं, जिसकी चर्चा मीडिया में भी काफी व निरंतर रहती है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'अतः सरकार से अपील है कि वह बिजली आपूर्ति संबंधी लोगों के कष्ट और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जरूरी उपाय तत्काल सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, नए पावर प्लांट आदि के माध्यम से भी आगे के लिए बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने का प्रयास करे तो यह व्यापक जनहित में उचित होगा।'
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का हाल
उत्तर प्रदेश में इस वर्ष गर्मी ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुंदेलखंड का बांदा जिला राज्य का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है। मौसम विभाग ने प्रदेश में तीन दिनों के लिए हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को धूप में अनावश्यक न निकलने की सलाह दे रहा है।
गौरतलब है कि भीषण गर्मी के चलते बिजली की माँग में भारी उछाल आई है, जिससे आपूर्ति और माँग के बीच की खाई और चौड़ी हो गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य का बिजली बुनियादी ढाँचा पहले से ही दबाव में है।
आम जनता पर असर
बिजली कटौती से परेशान होकर कई इलाकों में लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किए हैं। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार, जिनके पास वैकल्पिक साधन नहीं हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं। किसानों की सिंचाई और छोटे व्यापारियों का कारोबार भी बाधित हो रहा है।
यह पहली बार नहीं है जब गर्मी के मौसम में उत्तर प्रदेश में बिजली संकट सुर्खियों में आया हो। विपक्षी दलों ने पिछले कई वर्षों से राज्य में बिजली आपूर्ति की अपर्याप्त व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा है।
मायावती की माँग और सुझाव
BSP प्रमुख ने केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं रहीं — उन्होंने दीर्घकालिक समाधान के तौर पर नए पावर प्लांट स्थापित करने का सुझाव भी दिया। उनका कहना है कि बिजली संकट का स्थायी हल तभी निकलेगा जब उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जाए।
क्या होगा आगे
राज्य सरकार की ओर से अभी तक बिजली कटौती पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष के बढ़ते दबाव और जनता के आक्रोश को देखते हुए आने वाले दिनों में सरकार पर राहत उपायों की घोषणा का दबाव बढ़ सकता है। गर्मी का मौसम अभी जारी रहने के अनुमान के साथ, बिजली संकट निकट भविष्य में एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना रहेगा।