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बिजली संकट पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'चिट्ठियां नहीं, चुनावी बचाव की कोशिश'

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बिजली संकट पर अखिलेश यादव का BJP पर हमला: 'चिट्ठियां नहीं, चुनावी बचाव की कोशिश'

सारांश

अखिलेश यादव ने UP के बिजली संकट को 'महा विद्युत आपदा' करार देते हुए BJP विधायकों-सांसदों की सरकार को लिखी चिट्ठियों को 'कागजी कवच' बताया — जनहित नहीं, बल्कि चुनावी टिकट के लिए लिखा 'आवेदन पत्र'। तीखे व्यंग्य में उन्होंने 'डबल इंजन' सरकार की विफलता और आम जनता की दुर्दशा को केंद्र में रखा।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 25 मई को एक्स पर पोस्ट कर उत्तर प्रदेश के बिजली संकट पर BJP सरकार को घेरा।
उन्होंने BJP विधायकों-सांसदों की चिट्ठियों को 'जनहित का पत्र' नहीं, बल्कि विपक्ष से चुनावी टिकट पाने का 'आवेदन पत्र' बताया।
सपा मुखिया ने स्पष्ट किया कि उनके गठबंधन में ऐसे नेताओं की कोई जगह नहीं जो जनता को केवल दुख देते हैं।
अखिलेश ने BJP के 'डबल इंजन' के दावे पर तंज कसते हुए पूछा — आपसी टकराहट का खामियाजा जनता क्यों भुगते?
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार जनता की मांगों को नजरअंदाज कर केवल 'खजाने भरने' में लगी है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार, 25 मई को उत्तर प्रदेश में गहराते बिजली संकट और भीषण गर्मी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बढ़ते आक्रोश से घबराए BJP विधायक और सांसद अब दिखावटी चिट्ठियां लिखकर अपनी राजनीतिक ज़मीन बचाने में जुटे हैं — न कि जनहित में।

एक्स पर क्या लिखा अखिलेश ने

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उत्तर प्रदेश में असहनीय 'महा विद्युत आपदा' से उपजे लगातार बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए भयभीत BJP विधायक-सांसद जो 'कागजी कवच' अपना रहे हैं, वह दरअसल अपनी सरकार को लिखा कोई 'जनहित का पत्र' नहीं है। उनके अनुसार, यह 'डूबते जहाज' को छोड़कर आगामी चुनावों में विपक्ष से टिकट पाने के लिए लिखा गया 'आवेदन पत्र' है।

यादव ने स्पष्ट किया कि उनके गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है जो जनता को केवल दुख-दर्द और दिक्कतें देते हैं। उन्होंने कहा कि इस जानलेवा गर्मी में परिवारों के बड़े-बुजुर्गों, बीमारों, बच्चों और महिलाओं की दुर्दशा केवल परिवार वाले ही समझ सकते हैं।

सरकार पर सीधा आरोप

अखिलेश यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कभी 'आपदा में अवसर' ढूंढने वालों ने जिस 'अफसर' को अवसर की जगह चुना था, वही अफसर अब खुद आपदा साबित हो रहा है। उनका इशारा था कि समस्या का समाधान पूछने पर 'दोनों हाथ खड़े करके नारे लगाकर बच निकलने' की प्रवृत्ति से जनता की समस्याएं नहीं सुलझेंगी।

उन्होंने BJP के 'डबल इंजन सरकार' के दावे पर भी तंज कसा और पूछा कि इस आपसी टकराहट का खामियाजा जनता क्यों भुगते।

मंत्रिमंडल फेरबदल पर संकेत

सपा मुखिया ने परोक्ष रूप से संकेत दिया कि यह संकट किसी के लिए किसी 'दूत-मंत्री' को हटाने का अवसर बन सकता है — ताकि मुख्यमंत्री मंत्रिमंडल विस्तार कर सकें और 'सत्ता सुख के लालच में अंतरात्मा से झूठ बोलने वालों' में से किसी को समायोजित कर सकें।

आम जनता पर असर

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की BJP सरकार स्वयं जानती है कि वह अब सत्ता में वापस नहीं आएगी, इसलिए वह जनता की मुश्किलों और मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज करके केवल अपने 'खजाने भरने' में लगी है। गर्मी के इस मौसम में बिजली कटौती से आम नागरिकों, किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर पड़ रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है और बिजली कटौती की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह राजनीतिक हमला सपा की आक्रामक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी उल्लेखनीय है कि सपा के अपने कार्यकाल में भी बिजली कटौती एक बड़ी चुनौती रही थी — इसलिए विपक्ष की आलोचना तब अधिक विश्वसनीय होगी जब वह ठोस वैकल्पिक नीति भी सामने रखे। व्यंग्य धारदार है, लेकिन समाधान की रूपरेखा अभी भी अनुपस्थित है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने BJP विधायकों की चिट्ठियों को 'आवेदन पत्र' क्यों कहा?
अखिलेश यादव का कहना है कि BJP विधायक-सांसद बिजली संकट पर अपनी ही सरकार को जो चिट्ठियां लिख रहे हैं, वे जनहित की चिंता नहीं बल्कि आगामी चुनावों में विपक्ष से टिकट पाने की कोशिश हैं। उनके अनुसार यह 'कागजी कवच' है जो जनता के आक्रोश से खुद को बचाने के लिए अपनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में बिजली संकट कितना गंभीर है?
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच लंबी बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव ने इसे 'महा विद्युत आपदा' करार दिया है और कहा है कि बुजुर्ग, बीमार, बच्चे और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं।
सपा ने BJP के 'डबल इंजन' दावे पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने BJP के 'डबल इंजन सरकार' के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि इस आपसी टकराहट का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
क्या अखिलेश यादव ने BJP नेताओं को अपने गठबंधन में शामिल होने का न्योता दिया?
नहीं। अखिलेश यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है जो जनता को केवल दुख-दर्द देते हैं। यह बयान उन BJP नेताओं के प्रति था जो सत्ता में रहते हुए जनता की अनदेखी करते रहे।
यह बयान राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बयान 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में आया है। बिजली संकट जैसे जमीनी मुद्दे पर BJP के अपने विधायकों का असंतोष सपा को राजनीतिक बढ़त देता है और अखिलेश इसे जनता के बीच BJP-विरोधी माहौल बनाने के लिए भुना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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