अखिलेश यादव की माँग: भाजपा और 'संगी-साथियों' की संपत्ति, चंदे व गतिविधियों की हो कानूनी जाँच
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार, 23 मई 2026 को सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उससे जुड़े संगठनों पर तीखा प्रहार करते हुए माँग की कि जिस प्रकार असली शस्त्रों के लाइसेंस की जाँच होती है, उसी प्रकार देश, समाज और सामाजिक सौहार्द पर 'अदृश्य शस्त्रों' से प्रहार करने वालों की गतिविधियों की भी कानूनी पड़ताल होनी चाहिए। लखनऊ से सक्रिय सपा प्रमुख का यह बयान उत्तर प्रदेश में जारी बिजली संकट की पृष्ठभूमि में आया है।
अदृश्य शस्त्रों पर अखिलेश का आरोप
अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि कुछ 'अदृश्य शस्त्र' गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वकील और आम जनता दोनों यह सवाल उठा रहे हैं कि BJP नेताओं और उनके सहयोगियों के निर्माण, चंदे, संपत्तियों, विदेश दौरों तथा कथित गुप्त गतिविधियों की निष्पक्ष जाँच कर उनका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक किया जाए।
संपत्ति, चंदा और बेनामी निर्माण पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि वकीलों की माँग है कि भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय और प्रतिष्ठानों के कागज़-नक्शे मँगाकर उनकी वैधता जाँची जाए। इसके अलावा BJP और उनके 'संगी-साथियों' द्वारा निर्माणों, आयोजनों व आपदाओं के नाम पर 'जगह-जगह' से बटोरे गए 'तरह-तरह' के चंदे-फंड का हिसाब माँगा जाए और उनका ऑडिट हो।
अखिलेश ने यह भी पूछा कि 'अनरजिस्टर्ड' लोग ज़मीन किसके नाम से लेकर निर्माण करते हैं और ये संपत्तियाँ बेनामी क्यों नहीं मानी जाती हैं। उन्होंने इन निर्माणों को 'कार्यालय' कहा जाए या 'अड्डा' — यह सवाल भी उठाया। साथ ही पूछा कि इन कथित 'संगी-साथियों' का खर्च कौन उठाता है और तथाकथित स्वदेशी संगठनों के लोग विदेश भ्रमण पर क्यों जाते हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ और सामाजिक सौहार्द पर आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि ये 'संगी-साथी' औपनिवेशिक काल से किसी की कठपुतली रहे हैं और उनका इतिहास मुखबिरी का रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग सामाजिक सौहार्द बिगाड़ते हैं और अब किसी 'नई साज़िश' के तहत 'मानस के मान' पर लाठियाँ चलवा रहे हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में कई सामाजिक और धार्मिक आयोजनों को लेकर विवाद चल रहे हैं।
बिजली संकट पर भाजपा को घेरा
अखिलेश यादव ने एक अलग पोस्ट में उत्तर प्रदेश में जारी बिजली संकट के लिए BJP सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस 'महा विद्युत आपदा' के लिए BJP सरकार, बिजली मंत्री, BJP के सांसद, विधायक, मेयर, पार्षद, बिजली विभाग के उच्चाधिकारी और भ्रष्ट ठेकेदार जिम्मेदार हैं।
उन्होंने जनता से अपील की कि बिजली विभाग के कनिष्ठ कर्मचारियों या लाइनमैन पर गुस्सा न निकाला जाए, क्योंकि हज़ारों संविदा कर्मचारियों की छंटनी के बाद वे पहले से ही अत्यधिक दबाव में काम कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि बिजली आने पर मोबाइल चार्ज कर लें, टॉर्च तैयार रखें, घर के बुजुर्गों, बीमारों व बच्चों का विशेष ध्यान रखें और अंधेरे का फायदा उठाने वाले असामाजिक तत्वों से सावधान रहें।
आगे क्या
अखिलेश यादव की यह माँग विधानसभा चुनावों से पहले सपा की आक्रामक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। BJP की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयानबाज़ी उत्तर प्रदेश में विपक्ष की जमीनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश है।