18 जुलाई 2026
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2027 में फिर खिलेगा कमल, अखिलेश यादव करें इंतज़ार : केशव प्रसाद मौर्य

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2027 में फिर खिलेगा कमल, अखिलेश यादव करें इंतज़ार : केशव प्रसाद मौर्य

सारांश

उत्तर प्रदेश में बिजली सरचार्ज पर छिड़ी राजनीतिक जंग में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को सीधी चुनौती दी — 2027 तक इंतज़ार करें, भाजपा फिर सत्ता में आएगी। यह बयान UP की सियासत में 2027 के लिए दोनों दलों के बीच बढ़ते टकराव का संकेत है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 1 जून 2026 को कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर जीतेगी।
अखिलेश यादव ने जून के बिजली बिल और सरचार्ज पर भाजपा सरकार को घेरा था, जिस पर मौर्य ने पलटवार किया।
मौर्य ने कहा कि बयान देना अखिलेश यादव का अधिकार है, लेकिन प्रदेश में कमल फिर खिलेगा ।
उपमुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के सरकारी कार्यक्रम की भी जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा — पहले बैठक होने दें।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 1 जून 2026 को स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को 2027 के विधानसभा चुनाव तक इंतज़ार करना चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनना तय है। यह बयान अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने बिजली बिल और सरकारी कमीशन पर निशाना साधा था।

विवाद की जड़ : बिजली बिल पर बयानबाज़ी

अखिलेश यादव ने दावा किया था कि जून माह का बिजली बिल देखकर लोगों की आँखों के सामने अंधेरा छा जाएगा और भाजपा सरकार अपना कमीशन बढ़ाएगी। उत्तर प्रदेश में बिजली के बढ़े हुए सरचार्ज को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनातनी लगातार तेज़ होती जा रही है।

मौर्य का पलटवार

तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव को बयान देने का पूरा अधिकार है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर जीत दर्ज करेगी और प्रदेश में कमल फिर खिलेगा। उन्होंने सपा प्रमुख को सुझाया कि वे तब तक इंतज़ार करें और अपने बयान देते रहें।

मेधावी छात्रों को सम्मान : सरकार की प्राथमिकता

इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य सरकार द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किए जाने के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती आई है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी। उनके अनुसार, प्रदेश के मेधावी युवा ही राज्य का भविष्य हैं और सरकार उनकी शिक्षा, कौशल विकास एवं प्रगति के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार पर संक्षिप्त टिप्पणी

पश्चिम बंगाल में कैबिनेट विस्तार से जुड़े सवाल पर मौर्य ने संयमित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार होती है, वहाँ कैबिनेट बैठक और विस्तार जैसी प्रक्रियाएँ स्वाभाविक रूप से होती हैं। उन्होंने कहा, 'पहले कैबिनेट बैठक होने दीजिए, उसके बाद स्थिति अपने आप स्पष्ट हो जाएगी।'

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ दोनों प्रमुख दलों के एजेंडे में आ चुकी हैं। बिजली दरों और सरचार्ज का मुद्दा आने वाले महीनों में और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, जिस पर सपा और भाजपा दोनों अपनी-अपनी कथा गढ़ने में जुटी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के चुनावी आख्यान को अभी से तय करने की रणनीति है। गौरतलब है कि बिजली सरचार्ज जैसे ज़मीनी मुद्दे पर विपक्ष को रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक होना चाहिए था — लेकिन भाजपा ने इसे चुनावी आत्मविश्वास के प्रदर्शन में बदल दिया। UP में 2022 की जीत के बाद भाजपा के लिए 2027 आसान नहीं होगा, क्योंकि महँगाई, बिजली दरें और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे मतदाताओं के बीच पैठ बना रहे हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या सत्तापक्ष इन मुद्दों पर ठोस जवाब दे पाता है या केवल चुनावी जीत के दावों से काम चलाता रहता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को 2027 तक इंतज़ार करने की बात क्यों कही?
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह बयान अखिलेश यादव की उस टिप्पणी के जवाब में दिया, जिसमें सपा प्रमुख ने जून के बिजली बिल और भाजपा सरकार के कमीशन पर सवाल उठाए थे। मौर्य ने दावा किया कि 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर जीत हासिल करेगी।
UP में बिजली बिल विवाद क्या है?
उत्तर प्रदेश में बिजली के बढ़े हुए सरचार्ज को लेकर सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जून का बिजली बिल देखकर लोगों की आँखों के सामने अंधेरा छा जाएगा और सरकार अपना कमीशन बढ़ा रही है।
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और सपा की क्या स्थिति है?
2022 में भाजपा ने UP में बड़ी जीत दर्ज की थी। 2027 के चुनाव के लिए दोनों दल अभी से अपनी-अपनी रणनीति बना रहे हैं — भाजपा जीत के दावे कर रही है जबकि सपा बिजली, महँगाई जैसे ज़मीनी मुद्दों पर सरकार को घेर रही है।
केशव प्रसाद मौर्य ने मेधावी छात्रों के बारे में क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने की परंपरा जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के युवा ही राज्य का भविष्य हैं और सरकार उनकी शिक्षा व कौशल विकास के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।
पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार पर मौर्य की क्या प्रतिक्रिया थी?
केशव प्रसाद मौर्य ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट विस्तार पर संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जहाँ सरकार होती है वहाँ ऐसी प्रक्रियाएँ स्वाभाविक हैं। उन्होंने कहा कि पहले कैबिनेट बैठक होने दें, उसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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