सपा पर केशव प्रसाद मौर्य का हमला: वोटबैंक की राजनीति का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- केशव प्रसाद मौर्य का सपा पर तीखा हमला
- मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने के बयान का विरोध
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व
- सरकार की महिलाओं को सशक्त करने की प्रतिबद्धता
प्रयागराज, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को प्रयागराज में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। मौर्य ने अखिलेश यादव के द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने के संबंध में दिए गए बयान को लेकर उन पर वोट-बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "अखिलेश यादव वोट-बैंक की राजनीति में संलिप्त हैं। वे मुस्लिम समुदाय को खुश करने के प्रयास में लगे हुए हैं और उन्हें एक वोट-बैंक के रूप में बनाए रखना चाहते हैं। वे एक तथाकथित 'फर्जी पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करते हैं। जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।"
महिला आरक्षण पर चर्चा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' को केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नए संसद भवन में पारित किया गया था। इस विश्वास के साथ कि यह अधिनियम 2029 से लोकसभा और उन राज्य विधानसभाओं में लागू होगा, जहां चुनाव होने वाले हैं। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रति प्रतिबद्ध है।
नोएडा में श्रमिकों के हालिया विरोध प्रदर्शन पर भी उपमुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, "सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति हमारे श्रमिक भाई-बहनों और सेवा प्रदाताओं दोनों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है।"
इससे पहले, ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से बात करते हुए सपा पर महिलाओं को भ्रमित करने का आरोप लगाया और कहा कि 2010 में कांग्रेस के शासन में जब महिला आरक्षण बिल लाया गया था, तो समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने उसे फाड़ दिया था।
उन्होंने कहा, "आप सभी यह बात बहुत अच्छी तरह जानते हैं। कांग्रेस की भी इसे पास करने की कोई मंशा नहीं थी। वे महिलाओं को भ्रमित और गुमराह करके रखना चाहते थे। अब प्रधानमंत्री मोदी ने एक सशक्त रुख अपनाया है कि हम अपनी बेटियों और महिलाओं को न्याय और अधिकार दिलाकर रहेंगे।"
उन्होंने वाराणसी में आयोजित टाउन हॉल कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। उन्होंने जाति, धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर इसमें हिस्सा लिया। मैं प्रदेश के 25 करोड़ लोगों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से महिलाओं को उनका उचित हिस्सा और अधिकार नहीं मिल सका था। आज प्रधानमंत्री मोदी उन्हें उनके अधिकार और हक प्रदान करने जा रहे हैं।