2027 UP चुनाव में BJP 2017 और 2022 से बड़े अंतर से जीतेगी: केशव प्रसाद मौर्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 28 जून 2025 को गाजियाबाद में आयोजित लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती समारोह में दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 2017 और 2022 से भी बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी। समारोह में उमड़ी भीड़ को उन्होंने इस दावे का प्रमाण बताया।
चुनावी दावा और भीड़ का संदेश
मौर्य ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि जनता का BJP के प्रति विश्वास अटूट है। उनके अनुसार, यह जनसमर्थन 2027 के चुनावी नतीजों में भी साफ दिखेगा और पार्टी पिछले दोनों चुनावों से बड़ी जीत दर्ज करेगी।
काशी-मथुरा पर न्यायिक प्रक्रिया का इंतज़ार
मौर्य ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब काशी और मथुरा से जुड़े विवादों में भी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य आगे बढ़ेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। गौरतलब है कि काशी और मथुरा से संबंधित मामले अभी विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं।
जम्मू-कश्मीर विकास और मोदी नेतृत्व
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास कार्यों में तेज़ी आई है और इसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।
समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला
समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्य ने कहा कि दिवंगत मुलायम सिंह यादव की सरकार पर रामभक्तों पर गोली चलवाने का आरोप इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो लोग राम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान नहीं दे सके, वे केवल राजनीतिक बयानबाज़ी कर रहे हैं और दोषी व्यक्ति किसी भी स्थिति में बच नहीं पाएंगे।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT जांच
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर मौर्य ने स्पष्ट किया कि इसमें गठित विशेष जांच दल (SIT) निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आवश्यक कार्रवाई जारी है। मौर्य ने जनता से अपील की कि जांच पूरी होने तक धैर्य रखें और विपक्ष के 'भ्रामक प्रचार' से प्रभावित न हों — जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज़ होने लगी है और सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं।