बिहार कैबिनेट ने 11 प्रस्तावों को दी मंजूरी: कुशल युवा कार्यक्रम, सौर ऊर्जा और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को बड़ा बूस्ट
सारांश
मुख्य बातें
बिहार मंत्रिपरिषद ने 12 अगस्त 2026 को पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें युवाओं के कौशल विकास, उच्च शिक्षा वित्तपोषण, सौर ऊर्जा सब्सिडी, डिजिटल कनेक्टिविटी और शहरी अवसंरचना से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। ये फैसले राज्य सरकार के 'सात निश्चय-3' एजेंडे के तहत लिए गए हैं और रोजगार से लेकर ऊर्जा तक कई मोर्चों पर नई पहल को गति देंगे।
कुशल युवा कार्यक्रम का विस्तार
युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के प्रस्ताव के तहत 'सात निश्चय-3' के निश्चय-1 'दोगुना रोजगार-दोगुना आय' के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पाँच वर्षों के लिए विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस पर ₹430 करोड़ के अनुमानित व्यय को मंजूरी दी गई है।
इसके साथ ही राज्य के निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की कुल स्वीकृत सीटों में 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन अब बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के माध्यम से कराने की अनुमति दी गई, जिससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार भी वित्तीय सहायता देगी। राज्यांश के रूप में अधिकतम 2 किलोवाट तक ₹10,000 प्रति किलोवाट और अधिकतम ₹20,000 प्रति उपभोक्ता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दिए जाएंगे। इस मद में एक वर्ष में ₹1,000 करोड़ के अनुमानित व्यय को मंजूरी मिली है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बिजली की माँग और ग्रामीण विद्युतीकरण की चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।
उच्च शिक्षा और बीएड संस्थानों का सुदृढ़ीकरण
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026-2031 को अगले पाँच वर्षों के लिए विस्तारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस पर ₹950 करोड़ के व्यय को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए व्यापक और सुलभ वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के तहत राज्य के 300 से अधिक एकल शिक्षक-शिक्षा संस्थानों (बीएड) को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालयों में रूपांतरित करने और उनके शैक्षणिक सुदृढ़ीकरण को स्वीकृति दी गई है। गौरतलब है कि NEP 2020 के तहत एकल-विषयी संस्थानों को चरणबद्ध रूप से बंद करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित है।
शहरी विकास और डिजिटल कनेक्टिविटी
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव के तहत गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और बिहारशरीफ के चार नगर निकायों में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने के लिए प्रत्येक नगर निकाय में 10-10 एकड़ भूमि 25 वर्षों के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई। यह भूमि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों को आवंटित की जाएगी।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव के तहत भारतनेट के पूर्ववर्ती नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से संबंधित राइट ऑफ वे के त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन के एडेंडम पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे राज्य में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बल मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में नए पद और अन्य निर्णय
ऊर्जा विभाग ने बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के अधीन ग्रिड उपकेंद्र कार्यालयों के लिए विभिन्न श्रेणियों के कुल 221 पदों के सृजन को मंजूरी दी है। इनमें सहायक कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता, प्रधान अग्रजयन तथा अग्रजयन तकनीकी कोटि के पद शामिल हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के तहत विशेष सचिव संजय कुमार को 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2027 तक एक वर्ष के लिए संविदा आधार पर नियोजन की स्वीकृति दी गई। ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण से संबंधित पूर्व में जारी आदेश को घटनोत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई। इन निर्णयों से रोजगार, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, ऊर्जा और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में राज्य की नीतिगत दिशा और स्पष्ट होती है।