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यूपी बिजली संकट पर अखिलेश यादव का वार: 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा', सरकार को बताया विफल

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यूपी बिजली संकट पर अखिलेश यादव का वार: 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा', सरकार को बताया विफल

सारांश

गर्मी की मार और अंधेरे में डूबे उत्तर प्रदेश को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा पर सबसे तीखा हमला बोला — 'महा विद्युत आपदा' का तंज, बिजली उपकेंद्रों पर PAC तैनाती का आरोप, और अपनी सरकार को चिट्ठी लिखते BJP विधायकों पर कटाक्ष। 2027 का चुनावी रण अभी से गर्म हो गया है।

मुख्य बातें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 27 मई 2026 को यूपी बिजली संकट पर भाजपा सरकार को 'महा विद्युत आपदा' का जिम्मेदार बताया।
अखिलेश ने एक्स (X) पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री को 'असफल' बताया और बिजली मंत्री की समीक्षा बैठकों से अनुपस्थिति पर सवाल उठाया।
आरोप लगाया कि भाजपा राज में बिजली उपकेंद्रों पर PAC तैनात करनी पड़ रही है।
BJP विधायकों और सांसदों पर निशाना — जनता के गुस्से से बचने के लिए अपनी ही सरकार को चिट्ठियाँ लिख रहे हैं।
अखिलेश ने चेतावनी दी कि 2027 चुनाव में जनता भाजपा को 'सबक सिखाएगी।'

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 27 मई 2026 को उत्तर प्रदेश में गहराते बिजली संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की योगी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने प्रदेश की स्थिति को 'महा विद्युत आपदा' करार देते हुए मुख्यमंत्री को 'असफल' बताया और आरोप लगाया कि सरकार ठोस कार्रवाई के बजाय केवल दिखावटी समीक्षा बैठकों में उलझी हुई है। अखिलेश ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा।'

एक्स पर किया तीखा प्रहार

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि यूपी के 'असफल मुख्यमंत्री' ने अभी तक यह नहीं कहा कि 'महा विद्युत आपदा' के पीछे दिल्ली से भेजे गए किसी दूत की साजिश है — और इसे उन्होंने 'शुक्र' बताया। उनकी इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की। सपा प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री 'आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते।'

भाजपा विधायकों-सांसदों पर निशाना

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बिजली संकट से उत्पन्न जनाक्रोश से घबराए BJP के विधायक और सांसद अब अपनी ही सरकार को चिट्ठियाँ लिखकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'कायराना' और 'अवसरवादी राजनीति' बताया। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा राज में बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ रही है — जो उनके अनुसार कानून-व्यवस्था की बदहाली का प्रमाण है।

जनता की परेशानी का उठाया मुद्दा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता लगातार बिजली कटौती, भीषण गर्मी और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है, जबकि भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता के सामने जवाब देने के बजाय अपनी छवि बचाने में लगे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।

राजनीतिक संदेश और चुनावी चेतावनी

अखिलेश यादव ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अगले चुनाव में जनता भाजपा को 'अच्छे से सबक सिखा देगी।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और बिजली संकट एक प्रमुख जन-मुद्दा बनता दिख रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को सत्ता पक्ष के विरुद्ध लगातार भुनाने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ बिजली एक ठोस जन-मुद्दे के रूप में उभर रही है। भाजपा विधायकों का अपनी ही सरकार को पत्र लिखना दर्शाता है कि सत्तापक्ष के भीतर भी जमीनी दबाव महसूस किया जा रहा है — यह तथ्य मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर दब जाता है। बिजली उपकेंद्रों पर PAC तैनाती का आरोप, अगर सत्यापित हो, तो यह केवल बिजली संकट नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था की विफलता की ओर भी इशारा करता है। सपा की रणनीति स्पष्ट है — भाजपा की आंतरिक दरारों को सार्वजनिक करो और जनता की रोजमर्रा की तकलीफ को चुनावी एजेंडे में बदलो।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने यूपी बिजली संकट पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्थिति को 'महा विद्युत आपदा' बताते हुए भाजपा सरकार को विफल करार दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा' और अगले चुनाव में जनता सरकार को सबक सिखाएगी।
अखिलेश यादव ने भाजपा विधायकों पर क्या आरोप लगाए?
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक और सांसद जनता के आक्रोश से बचने के लिए अपनी ही सरकार को चिट्ठियाँ लिख रहे हैं। उन्होंने इसे 'कायराना' और 'अवसरवादी राजनीति' बताया।
यूपी में बिजली उपकेंद्रों पर PAC तैनाती का मामला क्या है?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में बिजली उपकेंद्रों पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) तैनात करनी पड़ रही है, जो उनके अनुसार जनाक्रोश और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का संकेत है। यह आरोप अभी तक सरकार की ओर से सत्यापित नहीं हुआ है।
अखिलेश ने बिजली मंत्री और मुख्यमंत्री के बीच दूरी पर क्या कहा?
अखिलेश यादव ने व्यंग्य करते हुए पूछा कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री 'आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते।' उन्होंने मुख्यमंत्री से बिजली मंत्री के साथ एक तस्वीर पोस्ट करने का अनुरोध किया, यह कहते हुए कि जनता ने दोनों को कभी साथ नहीं देखा।
यूपी बिजली संकट का 2027 चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है?
विश्लेषकों के अनुसार बिजली कटौती और गर्मी की मार उत्तर प्रदेश में एक बड़ा जन-मुद्दा बन रही है। सपा इसे भाजपा सरकार की विफलता के रूप में प्रस्तुत कर 2027 विधानसभा चुनाव में भुनाने की कोशिश में है।
राष्ट्र प्रेस
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