यूपी बिजली संकट पर अखिलेश यादव का वार: 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा', सरकार को बताया विफल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 27 मई 2026 को उत्तर प्रदेश में गहराते बिजली संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की योगी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने प्रदेश की स्थिति को 'महा विद्युत आपदा' करार देते हुए मुख्यमंत्री को 'असफल' बताया और आरोप लगाया कि सरकार ठोस कार्रवाई के बजाय केवल दिखावटी समीक्षा बैठकों में उलझी हुई है। अखिलेश ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'भाजपा में अब करंट नहीं रहा।'
एक्स पर किया तीखा प्रहार
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा कि यूपी के 'असफल मुख्यमंत्री' ने अभी तक यह नहीं कहा कि 'महा विद्युत आपदा' के पीछे दिल्ली से भेजे गए किसी दूत की साजिश है — और इसे उन्होंने 'शुक्र' बताया। उनकी इस पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की। सपा प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों में बिजली मंत्री 'आते नहीं हैं या बुलाए नहीं जाते।'
भाजपा विधायकों-सांसदों पर निशाना
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बिजली संकट से उत्पन्न जनाक्रोश से घबराए BJP के विधायक और सांसद अब अपनी ही सरकार को चिट्ठियाँ लिखकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे 'कायराना' और 'अवसरवादी राजनीति' बताया। सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि भाजपा राज में बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ रही है — जो उनके अनुसार कानून-व्यवस्था की बदहाली का प्रमाण है।
जनता की परेशानी का उठाया मुद्दा
सपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश की जनता लगातार बिजली कटौती, भीषण गर्मी और प्रशासनिक अव्यवस्था से जूझ रही है, जबकि भाजपा के जनप्रतिनिधि जनता के सामने जवाब देने के बजाय अपनी छवि बचाने में लगे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से अघोषित बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं।
राजनीतिक संदेश और चुनावी चेतावनी
अखिलेश यादव ने स्पष्ट राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि अगले चुनाव में जनता भाजपा को 'अच्छे से सबक सिखा देगी।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियाँ अभी से शुरू हो चुकी हैं और बिजली संकट एक प्रमुख जन-मुद्दा बनता दिख रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को सत्ता पक्ष के विरुद्ध लगातार भुनाने की कोशिश में है।