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अखिलेश यादव का आरोप: यूपी में फर्जी एनकाउंटरों से पीडीए वर्ग को निशाना बना रही योगी सरकार

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अखिलेश यादव का आरोप: यूपी में फर्जी एनकाउंटरों से पीडीए वर्ग को निशाना बना रही योगी सरकार

सारांश

अखिलेश यादव ने लखनऊ में सीधे आरोप दागे — यूपी में फर्जी एनकाउंटर महज़ पुलिसिया कार्रवाई नहीं, बल्कि जाति और राजनीतिक पहचान के आधार पर पीडीए वर्ग को दबाने का हथियार है। साथ में बिजली संकट और महंगाई पर भाजपा को घेरते हुए उन्होंने विपक्षी एजेंडा तेज़ किया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 26 मई को लखनऊ में प्रेसवार्ता कर योगी सरकार पर फर्जी एनकाउंटरों के ज़रिए भय की राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि पीडीए वर्ग को जाति और राजनीतिक पहचान देखकर निशाना बनाया जा रहा है।
जौनपुर में एक यादव पुजारी के कथित फर्जी एनकाउंटर का विशेष उल्लेख किया गया।
भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती को लेकर BJP सरकार पर दस वर्षों में बिजली दरें बढ़ाने और उत्पादन न बढ़ाने का आरोप।
महंगाई, बेरोज़गारी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरा।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार, 26 मई को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में योगी आदित्यनाथ सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटरों के ज़रिए भय और वर्चस्व की राजनीति की जा रही है और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में कई कथित फर्जी मुठभेड़ों को लेकर पीड़ित परिवार खुलकर सामने आ रहे हैं।

फर्जी एनकाउंटर पर मुख्य आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की मर्जी से होने वाला हर एनकाउंटर संदेह के घेरे में है। उनके अनुसार, एनकाउंटर की घटनाओं के ज़रिए लोगों की मानसिकता को हिंसा की ओर मोड़ा जा रहा है और हत्या जैसी घटनाओं को सामान्य बनाने की कोशिश हो रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

उन्होंने जौनपुर में एक यादव पुजारी के कथित फर्जी एनकाउंटर का विशेष रूप से उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में पूरा परिवार सामाजिक और मानसिक पीड़ा झेलता है। सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जाति और राजनीतिक पहचान देखकर पुलिस कार्रवाई की जा रही है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि हाल के दिनों में कई परिवार खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने फर्जी मुठभेड़ों के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में सत्ता के दबाव में पुलिसिया कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले समाज में भाईचारे और मेलजोल की परंपरा थी, लेकिन अब नफरत और डर का माहौल तैयार किया जा रहा है।

बिजली संकट पर भाजपा को घेरा

कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सपा प्रमुख ने बिजली संकट पर भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार समस्या का समाधान करने में विफल रही है। उनका आरोप था कि भाजपा ने पिछले दस वर्षों में बिजली उत्पादन बढ़ाने के बजाय केवल बिजली दरें बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाला है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में आज जो बिजली उपलब्ध हो रही है, उसका बड़ा हिस्सा सपा सरकार के कार्यकाल में स्थापित परियोजनाओं से आ रहा है। गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में उत्तर प्रदेश में बिजली संकट हर वर्ष एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता है।

महंगाई और बेरोज़गारी पर निशाना

सपा प्रमुख ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास के बजाय अंधेरे और अव्यवस्था की ओर धकेल दिया है।

आगे क्या

सपा के इन आरोपों पर योगी सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही फर्जी एनकाउंटर और बिजली संकट के मुद्दे राजनीतिक रूप से और तीखे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस बार बयान को महज़ राजनीतिक बयानबाज़ी से थोड़ा ऊपर उठाता है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन आरोपों को न्यायिक या जाँच-आधारित दबाव में बदल पाएगा, या ये केवल चुनावी मंच तक सीमित रहेंगे। बिजली संकट और महंगाई के मुद्दे हर गर्मी में उठते हैं, पर सपा के पास अपने कार्यकाल की तुलनात्मक संख्याएँ सार्वजनिक करने की ज़िम्मेदारी भी है। एकतरफा दावों से जनता का भरोसा नहीं जीता जाता — ज़मीनी दस्तावेज़ीकरण और विधिक लड़ाई से जीता जाता है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने यूपी में फर्जी एनकाउंटर पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने 26 मई को लखनऊ प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटरों के ज़रिए पीडीए वर्ग को जाति और राजनीतिक पहचान देखकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मर्जी से होने वाला हर एनकाउंटर संदेह के घेरे में है।
जौनपुर फर्जी एनकाउंटर मामला क्या है?
अखिलेश यादव ने जौनपुर में एक यादव पुजारी के कथित फर्जी एनकाउंटर का उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में पूरा परिवार सामाजिक और मानसिक पीड़ा झेलता है। यह मामला उनके उस आरोप का उदाहरण था कि कार्रवाई में जातिगत भेदभाव हो रहा है।
अखिलेश यादव ने यूपी बिजली संकट पर क्या कहा?
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले दस वर्षों में बिजली उत्पादन बढ़ाने के बजाय केवल बिजली दरें बढ़ाईं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ पड़ा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में उपलब्ध बिजली का बड़ा हिस्सा सपा सरकार के कार्यकाल में स्थापित परियोजनाओं से आ रहा है।
पीडीए वर्ग क्या है और सपा इसे क्यों उठा रही है?
पीडीए का अर्थ है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — यह सपा का प्रमुख राजनीतिक गठबंधन आधार है। अखिलेश यादव का आरोप है कि योगी सरकार एनकाउंटर जैसी कार्रवाइयों में इसी वर्ग को असंगत रूप से निशाना बना रही है, जो उनकी चुनावी रणनीति का भी केंद्रीय मुद्दा है।
योगी सरकार ने इन आरोपों पर क्या कहा?
इस प्रेसवार्ता के बाद योगी सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। भाजपा सरकार आमतौर पर एनकाउंटर को अपराध नियंत्रण की सफलता के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
राष्ट्र प्रेस
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