कुश मैनी ने रेड बुल रिंग पर पूरा किया अल्पाइन F1 टेस्ट, 850 किमी की ड्राइविंग के बाद मोंजा F2 की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मोटरस्पोर्ट प्रतिभा कुश मैनी ने 29 अगस्त को ऑस्ट्रिया के रेड बुल रिंग सर्किट पर बीडब्ल्यूटी अल्पाइन F1 टीम के साथ दो दिवसीय फॉर्मूला 1 टेस्टिंग प्रोग्राम सफलतापूर्वक संपन्न किया, जिसमें उन्होंने लगभग 200 लैप्स और करीब 850 किलोमीटर की ड्राइविंग की। यह टेस्ट अल्पाइन यंग ड्राइवर प्रोग्राम का हिस्सा है और समर ब्रेक के बाद मोंजा में एफआईए फॉर्मूला 2 सीजन की वापसी से ठीक पहले आया है।
दो दिन का टेस्ट: क्या हुआ
मैनी ने पहले दिन टेस्टिंग प्रीवियस कार (TPC) मशीन के साथ शुरुआत की। सुबह ट्रैक गीला रहा और दिन चढ़ने के साथ मौसम शुष्क हुआ, जिसके चलते उन्होंने वेट, इंटरमीडिएट और सॉफ्ट — तीनों प्रकार के टायरों पर काम किया। बदलते मौसम के बावजूद उन्होंने पहले दिन 82 लैप्स पूरे किए।
दूसरे दिन मैनी ने 2025-स्पेसिफिकेशन वाली F1 कार के साथ प्रोग्राम जारी रखा — वही कार जिसे उन्होंने पिछले साल दिसंबर 2024 में अबू धाबी में आधिकारिक 'यंग ड्राइवर टेस्ट' के दौरान चलाया था। शुष्क मौसम ने अधिक ड्राइविंग का मौका दिया और उन्होंने अकेले दूसरे दिन 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की।
अल्पाइन प्रोग्राम में मैनी की भूमिका
मैनी बीडब्ल्यूटी अल्पाइन F1 टीम के रिजर्व ड्राइवर हैं और अल्पाइन एकेडमी के सदस्य के रूप में नियमित रूप से F1 कार का अनुभव हासिल कर रहे हैं। रेड बुल रिंग पर यह टेस्ट नीदरलैंड्स के जैंडवोर्ट में हुए पिछले टेस्ट के बाद हुआ है, जो दर्शाता है कि टीम उनके विकास में लगातार निवेश कर रही है।
F2 चैंपियनशिप में मैनी का मौजूदा प्रदर्शन
यह टेस्ट ऐसे समय में हुआ है जब मैनी एफआईए फॉर्मूला 2 ड्राइवर्स चैंपियनशिप में छठे स्थान पर हैं। उन्होंने अपनी पिछली तीन रेसों में से दो बार पोडियम फिनिश हासिल की है, जो उनके हालिया शानदार फॉर्म का प्रमाण है। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन के साथ मैनी F2 में किसी भी भारतीय ड्राइवर द्वारा अब तक के सबसे अच्छे चैंपियनशिप फिनिश की दौड़ में बने हुए हैं।
मोंजा में क्या होगा आगे
समर ब्रेक के बाद मैनी मोंजा में F2 सीजन में वापसी करेंगे, जहाँ वे अपनी चैंपियनशिप चुनौती को और धार देने की कोशिश करेंगे। रेड बुल रिंग का यह F1 अनुभव उनके आत्मविश्वास और तकनीकी समझ — विशेषकर विभिन्न टायर कंपाउंड और मौसमी परिस्थितियों में कार की प्रतिक्रिया — को मज़बूत करने में सहायक रहा है। यदि मैनी मोंजा और उसके बाद के राउंड में यही लय बनाए रखते हैं, तो भारतीय मोटरस्पोर्ट इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा सकता है।