अमर सिंह देवंदा का गोल्ड, भारत ने IAU 24H एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में जीते 5 मेडल
सारांश
मुख्य बातें
अमर सिंह देवंदा ने 282.881 किलोमीटर (226 लैप) की दूरी तय करके IAU 24 घंटे एशिया और ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में पुरुष व्यक्तिगत स्वर्ण पदक अपने नाम किया। जापान में 23 से 24 मई के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित अल्ट्रा रनिंग प्रतियोगिता में भारत ने कुल 5 मेडल जीते और पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप करते हुए इतिहास रच दिया।
पुरुष वर्ग में भारत का ऐतिहासिक क्लीन स्वीप
भारतीय पुरुष टीम ने 815.833 किलोमीटर की संयुक्त दूरी के साथ टीम गोल्ड मेडल हासिल किया। अमर सिंह देवंदा ने व्यक्तिगत स्वर्ण जीता, जबकि गीनो एंटनी ने 272.894 किलोमीटर (218 लैप) के साथ रजत पदक अपने नाम किया। पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में भारत का यह क्लीन स्वीप इस चैंपियनशिप के इतिहास में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
मेज़बान देश जापान ने मासाकी किमोटो की अगुवाई में 754.726 किलोमीटर के साथ टीम सिल्वर जीता। ऑस्ट्रेलिया के फिल गोर ने 253.392 किलोमीटर की दूरी तय की और उनकी टीम ने 732.525 किलोमीटर के साथ टीम ब्रॉन्ज़ अपने नाम किया।
महिला वर्ग में भारत का कांस्य पदक
भारतीय महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 667.722 किलोमीटर की दूरी के साथ टीम ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। तेनजिन डोल्मा ने 228.939 किलोमीटर की दूरी तय करके व्यक्तिगत चौथा स्थान हासिल किया — एक उल्लेखनीय प्रदर्शन जो पदक से बेहद करीब रहा।
महिला व्यक्तिगत वर्ग में जापान की मिहो नाकाटा ने घरेलू मैदान पर दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 208 लैप में 261.170 किलोमीटर की दूरी तय कर स्वर्ण पदक जीता — और दूसरे स्थान पर रहे एथलीट से 20 किलोमीटर से अधिक का अंतर बनाए रखा। जापानी महिला टीम ने 707.357 किलोमीटर के साथ टीम गोल्ड जीता। ऑस्ट्रेलिया ने 684.450 किलोमीटर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की प्रतिक्रिया
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस उपलब्धि का जश्न मनाते हुए लिखा: 'भारतीय अल्ट्रा रनिंग के लिए इतिहास। फिर से एशिया-ओशिनिया के चैंपियन। 2022, 2024 और अब 2026।' यह लगातार तीसरी बार है जब भारत ने इस चैंपियनशिप में पुरुष टीम खिताब अपने नाम किया है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक अल्ट्रा रनिंग परिदृश्य में तेज़ी से अपनी पहचान बना रहा है। 2022 और 2024 के बाद 2026 में भी इस खिताब पर कब्ज़ा बनाए रखना भारतीय अल्ट्रा एंड्योरेंस एथलेटिक्स की परिपक्वता को दर्शाता है।
प्रतियोगिता का व्यापक परिदृश्य
इस चैंपियनशिप में कुल 81 एथलीट — 39 महिलाएँ और 42 पुरुष — ने 9 फेडरेशनों का प्रतिनिधित्व किया। 24 घंटे की अविराम रेसिंग में एथलीटों ने शारीरिक और मानसिक दोनों मोर्चों पर अपनी सीमाओं को परखा। भारत के पाँच पदक इस प्रतियोगिता में किसी एक देश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक रहे।
आने वाले महीनों में भारतीय अल्ट्रा रनिंग टीम के वैश्विक प्रतियोगिताओं में इसी प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीद है, और AFI इस सफलता को देश में अल्ट्रा एंड्योरेंस खेलों के विकास के लिए प्रेरणा के रूप में देख रहा है।