भारत ने हिरोसाकी में IAU 24-घंटे एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 जीती, लगातार तीसरा खिताब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय अल्ट्रारनर्स ने 30 मई 2026 को जापान के हिरोसाकी में आयोजित IAU 24-घंटे एशिया और ओशिनिया चैंपियनशिप 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 2022, 2024 के बाद लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की टीम ने पुरुष वर्ग में पूरे व्यक्तिगत पोडियम पर कब्जा किया और एशिया-ओशिनिया स्तर पर अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर दर्ज किया।
पुरुष वर्ग: पूरा पोडियम भारत के नाम
अमर सिंह देवंदा ने 282.881 किलोमीटर (226 लैप) की दूरी तय कर गोल्ड मेडल जीता और नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित किया। गीनो एंटनी ने 272.894 किलोमीटर (218 लैप) के साथ सिल्वर, जबकि सौरव कुमार रंजन ने 260.058 किलोमीटर (208 लैप) दौड़कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। तीनों एथलीटों ने मिलकर कुल 815.833 किलोमीटर की दूरी तय की, जो एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप इतिहास का सर्वश्रेष्ठ टीम स्कोर है और किसी भी एशियाई देश का IAU चैंपियनशिप में अब तक का बेहतरीन प्रदर्शन माना जा रहा है। जापान दूसरे और ऑस्ट्रेलिया तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग: टीम ब्रॉन्ज और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
महिला वर्ग में भारतीय टीम ने 667.722 किलोमीटर की कुल दूरी तय कर टीम ब्रॉन्ज मेडल जीता। जापान ने 707.357 किलोमीटर के साथ गोल्ड और ऑस्ट्रेलिया ने 684.450 किलोमीटर के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारतीय महिला टीम की अगुवाई तेनजिन डोल्मा ने की, जिन्होंने 228.939 किलोमीटर दौड़कर व्यक्तिगत चौथा स्थान हासिल किया और नया भारतीय महिला राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।
रिकॉर्डों की झड़ी
इस चैंपियनशिप में भारत के लिए रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में 12 घंटे और 24 घंटे की कैटेगरी में नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हुए। दल के 11 में से 8 एथलीटों ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किए। उल्लेखनीय है कि भारतीय पुरुष टीम का स्कोर विश्व स्तर के अब तक के सर्वश्रेष्ठ टीम स्कोर से केवल 13 किलोमीटर पीछे रहा।
कोच और खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
टीम के हेड कोच संतोष पद्मनाभन ने इस जीत को पूरे भारतीय अल्ट्रारनिंग समुदाय के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता केवल खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरे सपोर्ट स्टाफ की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। अमर सिंह देवंदा ने कहा, 'यह जीत सिर्फ दूरी या रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक सीमाओं को पार करने की कहानी है।' उन्होंने उम्मीद जताई कि इस उपलब्धि से भारत में एंड्योरेंस स्पोर्ट्स को और बढ़ावा मिलेगा।
तेनजिन डोल्मा ने कहा, 'दूरदराज के गांव से निकलकर इस स्तर पर पहुंचना गर्व की बात है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि बेहतर सपोर्ट और फंडिंग मिलने से भारत के और एथलीट अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।
आगे की राह
यह लगातार तीसरा खिताब भारत को एशिया-ओशिनिया अल्ट्रारनिंग में निर्विवाद दावेदार के रूप में स्थापित करता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत में एंड्योरेंस स्पोर्ट्स का बुनियादी ढांचा अभी भी विकास के शुरुआती चरण में है। अगला लक्ष्य विश्व स्तर के टीम स्कोर रिकॉर्ड को तोड़ना है — और इस प्रदर्शन के बाद वह संभावना अब दूर नहीं लगती।