वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026: भारत ने 102 गोल्ड समेत 114 पदक जीते, अहमदाबाद में रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप 2026 में मेजबान भारत ने 8 जून 2026 को अहमदाबाद के ईकेए एरिना में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 102 गोल्ड, 9 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज — कुल 114 पदक — के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। 79 देशों के 522 खिलाड़ियों की भागीदारी वाली इस पहली बार आयोजित विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भारत का यह प्रदर्शन योगासन खेल के इतिहास में एक मील का पत्थर बन गया है।
भारत का दबदबा और पदक तालिका
पदक तालिका में जापान ने 3 गोल्ड और 3 सिल्वर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। अर्जेंटीना तीसरे स्थान पर रहा, जिसका श्रेय काफी हद तक उसकी एकमात्र प्रतिनिधि नाबिला बर्राजा को जाता है — उन्होंने अकेले 2 गोल्ड और 2 सिल्वर जीतकर अपने देश को शीर्ष-3 में पहुँचाया, जो इस चैंपियनशिप की सबसे उल्लेखनीय व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक रही।
पदक तालिका में पाँचवें स्थान पर रहे नेपाल ने कुल पदकों की गिनती में भारत के बाद दूसरा सबसे सफल देश होने का गौरव पाया — 1 गोल्ड, 36 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज समेत कुल 52 पदक। उज्बेकिस्तान ने भी 1 गोल्ड, 13 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज सहित 25 पदक जीतकर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रतियोगिता का स्वरूप और भागीदारी
यह पहली बार आयोजित वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप थी, जिसमें 31 देशों के खिलाड़ियों ने कम से कम एक पदक जीता और 10 देशों ने कम से कम एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारत ने 122 सदस्यीय दल उतारा था। प्रतिस्पर्धा छह आयु वर्गों में हुई — सब-जूनियर (10–14 वर्ष), जूनियर (14–18 वर्ष), सीनियर (18–28 वर्ष), सीनियर-ए (28–35 वर्ष), सीनियर-बी (35–45 वर्ष) और सीनियर-सी (45–55 वर्ष)।
मुख्य पदक परिणाम
आर्टिस्टिक पेयर — सब-जूनियर महिला: गोल्ड — ईशिका गुच्छैत और ईशानवी (भारत, 90.89); सिल्वर — निया विजयवर्गीय एवं आरोही लोखंडे (जाम्बिया, 82.38); ब्रॉन्ज — रेंका आओकी और इचिका शिमिजु (जापान, 60.34)।
आर्टिस्टिक पेयर — जूनियर महिला: गोल्ड — दीपा लोढ़ी और सीमा नियोपाने (भारत, 90.42); सिल्वर — स्वेक्ष्या थापा और प्रज्ञा गौतम (नेपाल, 56.39); ब्रॉन्ज — तसिला ब्लेसिंग्स फिरी और डेबोरा (जाम्बिया, 41.30)।
आर्टिस्टिक पेयर — जूनियर पुरुष: गोल्ड — आयुष भौमिक और ओम देहंकर (भारत, 91.03); सिल्वर — मुखेशकर राजन और प्रतीश संजीवकुमार (श्रीलंका, 33.08); ब्रॉन्ज — कन्ना सिंह खड़का और संदेश धिताल (नेपाल, 20.27)।
रिदमिक पेयर — सीनियर महिला: गोल्ड — इंदु माठुरिया और देवी (भारत, 71.77); सिल्वर — जुमानोवा आलिया अबुबाकिर और अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान, 68.84); संयुक्त ब्रॉन्ज — चारुनी निकेशला कीरिपिटिया गमेथिगे और सौम्या सेवमिनी गुरुगामगे (श्रीलंका) तथा मनार मोहम्मद अल मस्करी और श्रेया नागासुब्रमणियन (ओमान, 23.05)।
लेग बैलेंस इंडिविजुअल — सब-जूनियर महिला: गोल्ड — शालिनी डे (भारत, 45.00); सिल्वर — सुमन्ता (नेपाल, 33.33); ब्रॉन्ज — आरोही लोखंडे (जाम्बिया, 32.84)।
हैंड बैलेंस इंडिविजुअल — सब-जूनियर पुरुष: गोल्ड — अर्थव सिंह नेगी (भारत, 48.08); सिल्वर — प्रयास जंग चौहान (नेपाल, 40.05); ब्रॉन्ज — प्रणद रत्नकुमार (श्रीलंका, 33.39)। सीनियर महिला: गोल्ड — शिल्पा दास (भारत, 45.79); सिल्वर — ऐझान कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान, 39.69); ब्रॉन्ज — छादियन परियार (नेपाल, 35.05)।
बैक बेंड इंडिविजुअल — सब-जूनियर पुरुष: गोल्ड — गोकर्ण शर्मा (भारत, 48.25); सिल्वर — यातीश कृष्णंथन (श्रीलंका, 35.90); ब्रॉन्ज — टिमोथी जेम्स (रोमानिया, 32.18)। सब-जूनियर महिला: गोल्ड — रिशा शेट्टी (भारत, 46.75); सिल्वर — यश्वी बाबरिया (ओमान, 43.39); ब्रॉन्ज — सोनम वांग्मो तामांग (नेपाल, 40.38)।
बैक बेंड — जूनियर पुरुष: गोल्ड — राज काजोल (भारत, 46.50); सिल्वर — निबिसुन तामांग (नेपाल, 36.83); ब्रॉन्ज — जय राजेश सोनजा (ओमान, 31.76)। जूनियर महिला: गोल्ड — अनिका राणा (भारत, 45.33); सिल्वर — प्रिया घर्ती क्षेत्री (नेपाल, 36.79); ब्रॉन्ज — थुवेशा रमेश (श्रीलंका, 36.23)।
ट्विस्टिंग बॉडी इंडिविजुअल — जूनियर पुरुष: गोल्ड — आदर्श (भारत, 47.83); सिल्वर — अलिखोन रखमानो (उज्बेकिस्तान, 37.76); ब्रॉन्ज — परांजय संजीव व्यास (ओमान, 35.39)। सीनियर पुरुष: गोल्ड — सुभाजीत कर्मकार (भारत, 45.42); सिल्वर — एलन (उज्बेकिस्तान, 39.73); ब्रॉन्ज — अर्कान फौजान रियांतो (इंडोनेशिया, 38.09)। सीनियर महिला: गोल्ड — मधु वर्मा (भारत, 44.08); सिल्वर — अंसतबायेवा आयसुलु अरिसलान (उज्बेकिस्तान, 37.39); ब्रॉन्ज — श्रेया नागासुब्रमणियम (ओमान, 36.79)।
सुपाइन इंडिविजुअल — जूनियर पुरुष: गोल्ड — द्रोण (भारत, 37.91); सिल्वर — बाबिन श्रेष्ठ (नेपाल, 35.44); ब्रॉन्ज — जय राजेश सोनेजी (ओमान, 33.64)। सीनियर महिला: गोल्ड — रिया (भारत, 42.48); सिल्वर — एशियन कुआनिशबायेवा (कजाकिस्तान, 41.30); ब्रॉन्ज — जुमानोवा अकीया अबुबाकिर किजी (उज्बेकिस्तान, 39.84)।
ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि यह वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप का पहला संस्करण था, जो योगासन को वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक खेल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत की इस प्रचंड जीत ने यह संकेत दिया है कि योग की जन्मभूमि इस खेल में भी वैश्विक नेतृत्व करने को तत्पर है। आने वाले संस्करणों में अन्य देशों की तैयारी और प्रतिस्पर्धा का स्तर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे यह खेल और अधिक रोमांचक होगा।