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26वीं एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप: जापान ने 6 स्वर्ण के साथ जीती ट्रॉफी, भारत की मेजबानी को मिली वैश्विक सराहना

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26वीं एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप: जापान ने 6 स्वर्ण के साथ जीती ट्रॉफी, भारत की मेजबानी को मिली वैश्विक सराहना

सारांश

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 26वीं एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप का पर्दा गिरा — जापान ने 6 स्वर्ण के साथ बाजी मारी, और भारत ने देश में पहली बार महाद्वीपीय तलवारबाजी की मेजबानी कर वैश्विक मंच पर अपनी खेल प्रबंधन क्षमता का लोहा मनवाया।

मुख्य बातें

26वीं एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप का समापन 24 जून 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ — यह भारत में इस खेल का पहला महाद्वीपीय आयोजन था।
जापान ने 6 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य — कुल 15 पदकों के साथ पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया।
दक्षिण कोरिया ( 10 पदक ) दूसरे और कजाकिस्तान ( 5 पदक ) तीसरे स्थान पर रहा।
34 से अधिक देशों के 400 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया; टूर्नामेंट LA 2028 ओलंपिक रोडमैप का हिस्सा था।
भारत की प्राची लोहान और सचिन टॉप-25 में रहे; सी.ए.
भवानी देवी और तनिक्षा खत्री ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
अगली एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप अबू धाबी में आयोजित होगी।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में 24 जून 2026 को 26वीं एशियन सीनियर फेंसिंग चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ। छह दिनों तक चली यह प्रतियोगिता भारत में आयोजित तलवारबाजी की पहली महाद्वीपीय-स्तर की चैंपियनशिप थी, जिसमें 34 से अधिक देशों के 400 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। जापान ने 6 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।

पदक तालिका: जापान शीर्ष पर, कोरिया और कजाकिस्तान भी आगे

जापान ने 15 पदकों6 स्वर्ण, 5 रजत, 4 कांस्य — के साथ चैंपियनशिप जीती। दक्षिण कोरिया कुल 10 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि कजाकिस्तान 5 पदकों के साथ तीसरे पायदान पर काबिज रहा। यह टूर्नामेंट इसलिए भी रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण था क्योंकि इसमें भाग लेने वाले एथलीट लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए अपना दीर्घकालिक रोडमैप तैयार कर रहे थे।

भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन

फेंसिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) की अगुवाई में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारतीय एथलीटों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्राची लोहान (विमेंस एपी) और सचिन (मेन्स फॉयल) टॉप-25 में जगह बनाने में सफल रहे। टोक्यो ओलंपियन सी.ए. भवानी देवी और उभरती हुई प्रतिभा तनिक्षा खत्री ने भी अपने प्रदर्शन से दर्शकों को प्रभावित किया। यह टूर्नामेंट भारतीय फेंसरों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का दुर्लभ अवसर रहा।

सरकार की प्रतिक्रिया: रिजिजू का समर्थन का वादा

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और भारत में फेंसिंग के बढ़ते ढाँचे की सराहना की। उन्होंने कहा, 'फेंसिंग एक बहुत ही रणनीतिक खेल है, जिसमें कई ओलंपिक पदक जीतने का मौका है। यह भारत को वैश्विक स्तर पर शानदार अवसर देता है। मैं इसे और बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से सपोर्ट करने और सभी जरूरी मदद देने का अपना पक्का वादा दोहराता हूँ।'

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख

इंटरनेशनल फेंसिंग फेडरेशन (FIE) की कार्यकारी समिति के सदस्य एंथनी जे.आर. डोनाल्ड ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'यह चैंपियनशिप सच में यादगार बन गई। पूरे एशिया के एथलीटों ने जबरदस्त स्किल और पक्का इरादा दिखाया है।' उन्होंने अगले वर्ष अबू धाबी में होने वाली चैंपियनशिप के लिए सभी देशों के फेंसरों को आमंत्रित भी किया। फेंसिंग कन्फेडरेशन ऑफ एशिया और FAI के सचिव जनरल राजीव मेहता ने युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के सहयोग को इस सफलता का आधार बताया।

आगे क्या

'वन ड्रीम, वन ब्लेड, वन प्राइड' के लक्ष्य के साथ आयोजित इस चैंपियनशिप ने भारत को विश्वस्तरीय खेल प्रबंधन के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। अगली एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप अबू धाबी में आयोजित होगी, और भारतीय एथलीटों की नजर अब लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की तैयारी पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी पदक तालिका है — जहाँ भारत अभी भी शीर्ष तीन में नहीं है। किरेन रिजिजू का 'पूरी मदद' का वादा नया नहीं है; फेंसिंग को ठोस फंडिंग, कोचिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और जूनियर स्तर पर व्यापक पहुँच चाहिए, न कि केवल मंच पर दिए गए आश्वासन। भवानी देवी और तनिक्षा खत्री जैसी प्रतिभाएँ उम्मीद जगाती हैं, लेकिन LA 2028 के लिए महज दो साल बचे हैं — और पदक की दौड़ में शामिल होने के लिए भारत को मेजबानी से आगे बढ़कर प्रदर्शन में भी छलाँग लगानी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

26वीं एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में किसने जीत हासिल की?
जापान ने 6 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य — कुल 15 पदकों के साथ चैंपियनशिप जीती। दक्षिण कोरिया 10 पदकों के साथ दूसरे और कजाकिस्तान 5 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यह चैंपियनशिप भारत के लिए क्यों खास थी?
यह भारत में आयोजित तलवारबाजी की पहली महाद्वीपीय-स्तर की प्रतियोगिता थी। नई दिल्ली के भारत मंडपम में छह दिन चले इस आयोजन ने भारत को विश्वस्तरीय खेल प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाई।
भारतीय एथलीटों ने चैंपियनशिप में कैसा प्रदर्शन किया?
प्राची लोहान (विमेंस एपी) और सचिन (मेन्स फॉयल) टॉप-25 में रहे। टोक्यो ओलंपियन सी.ए. भवानी देवी और उभरती प्रतिभा तनिक्षा खत्री ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया, हालांकि भारत पदक तालिका के शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सका।
अगली एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप कहाँ होगी?
अगली एशियन फेंसिंग चैंपियनशिप अबू धाबी में आयोजित होगी। इंटरनेशनल फेंसिंग फेडरेशन के कार्यकारी समिति सदस्य एंथनी जे.आर. डोनाल्ड ने सभी देशों के फेंसरों को इसमें भाग लेने का आमंत्रण दिया है।
इस टूर्नामेंट का LA 2028 ओलंपिक से क्या संबंध है?
यह चैंपियनशिप लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की तैयारी के व्यापक रोडमैप का हिस्सा थी। 34 से अधिक देशों के एथलीट यहाँ ओलंपिक की दिशा में अपनी रैंकिंग और तैयारी को परखने के उद्देश्य से उतरे थे।
राष्ट्र प्रेस
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