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विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026: भारत ने पहले दिन 6 में से 5 स्वर्ण पदक जीते, अहमदाबाद में दबदबा

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विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026: भारत ने पहले दिन 6 में से 5 स्वर्ण पदक जीते, अहमदाबाद में दबदबा

सारांश

अहमदाबाद में पहली बार आयोजित विश्व योगासन चैंपियनशिप में भारत ने पहले ही दिन 5 स्वर्ण पदक जीतकर दुनिया को अपना दम दिखाया। अभय बर्मन के ऐतिहासिक पहले स्वर्ण से लेकर ज्योति देउरकर की ट्विस्टिंग बॉडी जीत तक — यह भारत के योगासन को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक शुरुआत है।

मुख्य बातें

भारत ने 5 जून 2026 को विश्व योगासन चैंपियनशिप के पहले दिन 6 में से 5 स्वर्ण पदक जीते।
अभय बर्मन ने 63.42 अंक के साथ चैंपियनशिप का पहला स्वर्ण पदक भारत को दिलाया।
रितु मंडल ( 64.33 ), रितु ठाकुर ( 63.50 ), रोशन थापा ( 65.67 ) और ज्योति देउरकर ( 46.14 ) ने भी स्वर्ण पदक जीते।
सिंगापुर के नैथेनियल टैन लिओंग एन ने सीनियर ए पुरुष श्रेणी में भारत को स्वर्ण से वंचित रखा; भारत के सुमीर गनावली को कांस्य मिला।
भारत की ओर से 122 प्रतिभागी इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं; आयोजन 4 से 8 जून 2026 तक चलेगा।
यह चैंपियनशिप योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में मान्यता दिलाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

मेजबान भारत ने अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 के पहले दिन 6 में से 5 स्वर्ण पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। 5 जून 2026 को हुई स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों ने पारंपरिक योगासन से लेकर ट्विस्टिंग बॉडी श्रेणियों तक अपना दमदार प्रदर्शन दर्ज किया। यह टूर्नामेंट 4 से 8 जून 2026 तक चलेगा।

मुख्य घटनाक्रम: किसने जीता कौन-सा पदक

पश्चिम बंगाल के अभय बर्मन ने सीनियर पुरुष पारंपरिक योगासन श्रेणी में 63.42 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इस ऐतिहासिक चैंपियनशिप में भारत का पहला स्वर्ण पदक दर्ज कराया। इंडोनेशिया के अर्कान रियांतो (57.23 अंक) ने रजत और उज्बेकिस्तान के एलन ने 53.21 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।

सीनियर महिला श्रेणी में रितु मंडल ने 64.33 अंक के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कजाकिस्तान की ऐजान कुआनिशबायेवा (58.97) ने रजत और हांगकांग की लैम नगा मान (56.98) ने कांस्य पदक जीता।

सीनियर ए महिला श्रेणी में रितु ठाकुर ने 63.50 अंक के साथ स्वर्ण, अर्जेंटीना की नबीला सोल बाराजा (62.04) ने रजत और केन्या की अवुओर सौलिन्हा ने कांस्य पदक जीता। सीनियर बी पुरुष श्रेणी में रोशन थापा ने 65.67 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया; बांग्लादेश के मोहम्मद मामून खान बाबू (58.57) रजत और किर्गिस्तान के डेनिल रायकोव (53.55) कांस्य पर रहे।

ट्विस्टिंग बॉडी व्यक्तिगत सीनियर बी महिला श्रेणी में ज्योति देउरकर ने 46.14 अंक के साथ स्वर्ण जीता। ओमान की ओलिमुथु नवमणि (38.66) और जापान की साओरी क्यूई (38.41) क्रमशः रजत और कांस्य पर रहीं।

एकमात्र चूक: सीनियर ए पुरुष श्रेणी

भारत सीनियर ए पुरुष श्रेणी में स्वर्ण पदक नहीं जीत सका — यह पहले दिन की एकमात्र श्रेणी रही जहाँ भारत शीर्ष पर नहीं पहुँचा। सिंगापुर के नैथेनियल टैन लिओंग एन ने 55.37 अंक के साथ स्वर्ण जीता। तंजानिया के करीमू स्वाफी (54.99) ने रजत और भारत के सुमीर गनावली (54.00) ने कांस्य पदक जीता।

विजेताओं की प्रतिक्रिया

स्वर्ण पदक जीतने के बाद अभय बर्मन ने कहा, 'भारत के लिए पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक जीतना एक ऐसा पल है जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा। इतने जोशीले समर्थकों के सामने अपने देश में मुकाबला करने से मुझे बहुत आत्मविश्वास मिला। मुझे इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत की मजबूत शुरुआत में योगदान देने पर गर्व है।'

रितु मंडल ने कहा, 'यह चैंपियनशिप हर योगासन एथलीट के लिए एक यादगार पल है। भारत के लिए पदक जीतना एक सपने के सच होने जैसा है। मैंने 12 साल की उम्र में प्रशिक्षण शुरू किया था। आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद इस उपलब्धि को हासिल करना बेहद खास है। मैं अपने कोच, मैनेजर और पूरी टीम को इस पूरे सफर में मार्गदर्शन और साथ देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।'

आयोजन की पृष्ठभूमि और ओलंपिक महत्वाकांक्षा

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 को युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI), स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात, गुजरात पर्यटन और गुजरात योगासन खेल एसोसिएशन का समर्थन प्राप्त है। यह आयोजन योगासन को एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में स्थापित करने और इसके ओलंपिक समावेश की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मेजबान भारत की ओर से इस चैंपियनशिप में 122 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। स्पर्धाएँ छह आयु श्रेणियों में आयोजित हो रही हैं — सब-जूनियर (10-14 वर्ष), जूनियर (14-18 वर्ष), सीनियर (18-28 वर्ष), सीनियर ए (28-35 वर्ष), सीनियर बी (35-45 वर्ष) और सीनियर सी (45-55 वर्ष)। आने वाले दिनों में और अधिक श्रेणियों में मुकाबले होंगे और भारत की पदक संख्या में और वृद्धि की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित 'सॉफ्ट पावर' रणनीति का हिस्सा है — जहाँ मेजबानी, सरकारी समर्थन और 122 प्रतिभागियों की फौज एक साथ उतारी गई है। गौरतलब है कि योगासन अभी तक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) द्वारा मान्यता प्राप्त खेल नहीं है, इसलिए इन पदकों का भार वैश्विक एथलेटिक्स की तुलना में अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए। असली परीक्षा यह है कि क्या यह चैंपियनशिप योगासन को IOC मान्यता की राह पर ले जा पाती है, या यह एक भव्य घरेलू उत्सव बनकर रह जाती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व योगासन चैंपियनशिप 2026 क्या है और यह कहाँ आयोजित हो रही है?
यह योगासन की पहली अंतरराष्ट्रीय विश्व स्तरीय चैंपियनशिप है, जो 4 से 8 जून 2026 तक अहमदाबाद, गुजरात में आयोजित हो रही है। इसे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, आयुष मंत्रालय और SAI सहित कई सरकारी संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है।
भारत ने पहले दिन कितने और कौन-से स्वर्ण पदक जीते?
भारत ने पहले दिन 6 में से 5 स्वर्ण पदक जीते। विजेता रहे — अभय बर्मन (सीनियर पुरुष, 63.42 अंक), रितु मंडल (सीनियर महिला, 64.33 अंक), रितु ठाकुर (सीनियर ए महिला, 63.50 अंक), रोशन थापा (सीनियर बी पुरुष, 65.67 अंक) और ज्योति देउरकर (ट्विस्टिंग बॉडी सीनियर बी महिला, 46.14 अंक)।
किस श्रेणी में भारत को स्वर्ण पदक नहीं मिला?
सीनियर ए पुरुष श्रेणी में भारत स्वर्ण पदक नहीं जीत सका। सिंगापुर के नैथेनियल टैन लिओंग एन ने 55.37 अंक के साथ स्वर्ण जीता, जबकि भारत के सुमीर गनावली 54.00 अंक के साथ कांस्य पदक पर रहे।
रितु मंडल की योगासन यात्रा कैसी रही?
रितु मंडल ने 12 साल की उम्र में योगासन का प्रशिक्षण शुरू किया था। आठ साल की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने विश्व योगासन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और इसे 'सपने के सच होने जैसा' बताया।
इस चैंपियनशिप में कितने देशों के एथलीट और कितनी श्रेणियाँ हैं?
चैंपियनशिप में इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, सिंगापुर, तंजानिया, अर्जेंटीना, केन्या, बांग्लादेश, किर्गिस्तान, जापान, ओमान और हांगकांग सहित कई देशों के एथलीट शामिल हैं। स्पर्धाएँ छह आयु श्रेणियों में आयोजित हो रही हैं — सब-जूनियर (10-14 वर्ष) से लेकर सीनियर सी (45-55 वर्ष) तक।
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