अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026: पुरुष टीम ने जापान को 4-1 से हराया, PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2026 को जापान में संपन्न अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 में भारतीय पुरुष और महिला टीमों के शानदार प्रदर्शन पर हार्दिक बधाई दी। पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक और महिला टीम ने कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
पुरुष टीम की ऐतिहासिक जीत
भारतीय अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल मुकाबले में मेज़बान जापान को 4-1 से पराजित कर अंडर-18 एशिया कप 2026 का स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टूर्नामेंट भर टीम ने अपनी तकनीकी दक्षता और सामूहिक खेल से विरोधियों को चुनौती दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हमारे युवा हॉकी खिलाड़ियों की शानदार कामयाबी। भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम को पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 जीतने पर बधाई। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त स्किल और टीमवर्क दिखाया, जिसका नतीजा फाइनल में यादगार जीत के रूप में सामने आया। यह जीत हमारे युवाओं के बीच हॉकी की बढ़ती लोकप्रियता को भी दिखाती है। टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।'
महिला टीम ने कांस्य पदक जीता
भारतीय अंडर-18 महिला हॉकी टीम ने कांस्य पदक मुकाबले में कोरिया को 3-0 से हराकर पदक सुनिश्चित किया। टूर्नामेंट में टीम के संघर्षपूर्ण प्रदर्शन को व्यापक सराहना मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने महिला टीम को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, 'भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम को अंडर-18 एशिया कप 2026 में कांस्य पदक जीतने पर बधाई। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त हिम्मत दिखाई। यह कामयाबी भारत में महिला हॉकी की बढ़ती ताकत और हमारे खिलाड़ियों की जबरदस्त काबिलियत को दिखाती है। टीम को उनके आने वाले प्रयासों के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं।'
हॉकी इंडिया का नगद पुरस्कार
हॉकी इंडिया ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दोनों टीमों के लिए नगद पुरस्कारों की घोषणा की। स्वर्ण पदक विजेता पुरुष टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को ₹3 लाख और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को ₹1.5 लाख दिए जाएंगे।
कांस्य पदक जीतने वाली महिला टीम की प्रत्येक खिलाड़ी को ₹1 लाख और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को ₹50,000 का पुरस्कार दिया जाएगा। यह घोषणा युवा खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाने का काम करेगी।
आम जनता और खेल जगत पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय हॉकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है। गौरतलब है कि सीनियर टीम की हालिया सफलताओं के बाद जूनियर स्तर पर यह उपलब्धि भारतीय हॉकी की मज़बूत पाइपलाइन का संकेत देती है। आने वाले वर्षों में ये युवा खिलाड़ी सीनियर टीम की रीढ़ बन सकते हैं।