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अंडर-18 हॉकी एशिया कप: पुरुष टीम चैंपियन, महिला टीम ने जीता ब्रॉन्ज; मांडविया ने ₹82.5 लाख से नवाज़ा

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अंडर-18 हॉकी एशिया कप: पुरुष टीम चैंपियन, महिला टीम ने जीता ब्रॉन्ज; मांडविया ने ₹82.5 लाख से नवाज़ा

सारांश

काकामिगाहारा में जापान को 4-1 से हराकर खिताब और कोरिया को 3-0 से पछाड़कर ब्रॉन्ज — भारत की अंडर-18 हॉकी टीमों ने एशिया में दोहरा जश्न मनाया। खेल मंत्री मांडविया ने SAI में ₹82.5 लाख देकर नई पीढ़ी को सलाम किया।

मुख्य बातें

भारतीय पुरुष अंडर-18 हॉकी टीम ने काकामिगाहारा में जापान को 4-1 से हराकर एशिया कप खिताब जीता।
महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मैच में कोरिया को 3-0 से हराया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने SAI मुख्यालय, नई दिल्ली में पुरुष टीम को ₹61.5 लाख और महिला टीम को ₹21 लाख से सम्मानित किया।
सर्वश्रेष्ठ स्कोरर आशीष तानी पूर्ति (पुरुष), नौशीन नाज़ (महिला) और गोलकीपर आयुष राजक (10 सेव) को विशेष सम्मान।
पूर्व कप्तान रानी रामपाल (महिला कोच) और सरदार सिंह (पुरुष कोच) को भी सम्मानित किया गया।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने 9 जून 2025 को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में अंडर-18 एशिया कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाली भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों को सम्मानित किया। पुरुष टीम को ₹61.5 लाख और महिला टीम को ₹21 लाख का पुरस्कार चेक सौंपा गया — कुल ₹82.5 लाख की राशि।

मैदान पर क्या हुआ

जापान के काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल में कप्तान केतन कुशवाहा की अगुवाई में भारतीय पुरुष टीम ने मेजबान जापान को 4-1 से पराजित कर अंडर-18 एशिया कप खिताब अपने नाम किया। वहीं, कप्तान स्वीटी कुजुर के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में कोरिया को 3-0 से हराकर पदक सुनिश्चित किया।

विशेष खिलाड़ियों का सम्मान

खेल मंत्री ने व्यक्तिगत उत्कृष्टता को भी पहचाना। पुरुष वर्ग के सर्वश्रेष्ठ स्कोरर आशीष तानी पूर्ति, महिला वर्ग की सर्वश्रेष्ठ स्कोरर नौशीन नाज़, और सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आयुष राजक — जिन्होंने टूर्नामेंट में 10 गोल बचाए — को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा, भारतीय हॉकी की पूर्व कप्तान और महिला टीम की कोच रानी रामपाल तथा पुरुष टीम के कोच सरदार सिंह को भी मंत्री ने सम्मानित किया। दोनों दिग्गज खिलाड़ी अब अगली पीढ़ी को तराशने में जुटे हैं।

मांडविया का संदेश

खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मांडविया ने कहा, 'देश का नाम रोशन करने के लिए दोनों टीमों ने जो कड़ी मेहनत की है, उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। पूरा देश आप पर गर्व करता है। यह तो बस शुरुआत है — कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। जिसने 13 गोल किए हैं, उसे 15 या उससे अधिक गोल करने का लक्ष्य रखना चाहिए। जिसने 10 गोल रोके हैं, उसे विपक्षी टीम को एक भी गोल न करने देने का लक्ष्य रखना चाहिए।'

उन्होंने आगे जोड़ा कि चाहे पढ़ाई हो या खेल, पूरी लगन ज़रूरी है और खिलाड़ियों को अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार और शुभचिंतकों को गौरवान्वित करते रहना चाहिए।

खेल महाशक्ति की दिशा में प्रतिबद्धता

मांडविया ने यह भी रेखांकित किया कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप भारत को एक वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह जीत ऐसे समय आई है जब भारतीय हॉकी सीनियर स्तर पर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है — और युवा वर्ग में यह सफलता उस पाइपलाइन को और मज़बूत करती है।

रानी रामपाल और सरदार सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का कोचिंग में आना भारतीय हॉकी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहाँ मैदानी अनुभव को तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय हॉकी की गहरी होती जड़ों का संकेत है। रानी रामपाल और सरदार सिंह जैसे दिग्गजों का कोचिंग में उतरना उस मॉडल की पुष्टि करता है जहाँ मैदानी अनुभव सीधे अगली पीढ़ी को मिलता है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ये अंडर-18 खिलाड़ी सीनियर स्तर तक कितनी संख्या में पहुँचते हैं — क्योंकि भारतीय खेल में जूनियर सफलता और सीनियर निरंतरता के बीच की खाई ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण रही है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2025 में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा?
भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 4-1 से हराकर खिताब जीता, जबकि महिला टीम ने कोरिया को 3-0 से पराजित कर ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। दोनों टीमों ने काकामिगाहारा, जापान में यह उपलब्धि हासिल की।
खेल मंत्री मांडविया ने टीमों को कितनी पुरस्कार राशि दी?
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने SAI मुख्यालय में पुरुष टीम को ₹61.5 लाख और महिला टीम को ₹21 लाख का चेक सौंपा, कुल मिलाकर ₹82.5 लाख की पुरस्कार राशि दी गई।
अंडर-18 भारतीय हॉकी टीमों के कोच कौन हैं?
पुरुष टीम के कोच पूर्व कप्तान सरदार सिंह हैं और महिला टीम की कोच पूर्व कप्तान रानी रामपाल हैं। दोनों को भी समारोह में सम्मानित किया गया।
टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन रहे?
पुरुष वर्ग में सर्वश्रेष्ठ स्कोरर आशीष तानी पूर्ति, महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ स्कोरर नौशीन नाज़, और सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर आयुष राजक रहे, जिन्होंने टूर्नामेंट में 10 गोल बचाए।
यह जीत भारतीय हॉकी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह जीत भारत की जूनियर हॉकी पाइपलाइन की मज़बूती को दर्शाती है और सरकार की खेल महाशक्ति बनाने की नीति को ज़मीनी समर्थन देती है। एक ही टूर्नामेंट में पुरुष खिताब और महिला पदक दोनों हासिल करना भारतीय हॉकी के लिए दोहरी उपलब्धि है।
राष्ट्र प्रेस
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