29 अगस्त 2026
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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने KVIT के 'अरीवुकुडम' का उद्घाटन किया, बोले — रिसर्च और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग से बनेगा विकसित भारत

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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने KVIT के 'अरीवुकुडम' का उद्घाटन किया, बोले — रिसर्च और इंडस्ट्री-एकेडेमिया सहयोग से बनेगा विकसित भारत

सारांश

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इरोड के KVIT में 'अरीवुकुडम' रिसर्च पार्क का उद्घाटन कर एक स्पष्ट संदेश दिया — भारत का भविष्य रिसर्च, पेटेंट और उद्योग-शिक्षा सहयोग में है, न केवल डिग्रियों में। एक लाख से अधिक पूर्व छात्रों वाले इस संस्थान के लिए यह नई पहचान की शुरुआत है।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 29 अगस्त 2026 को पेरुंदुरई, इरोड में KVIT के 'अरीवुकुडम' रिसर्च पार्क का उद्घाटन किया।
KVIT संस्थानों से अब तक लगभग एक लाख विद्यार्थी शिक्षित हो चुके हैं; संस्था के 41 संस्थापकों की सराहना की गई।
एंकर इंडस्ट्रीज और अरीवुकुडम रिसर्च पार्क के बीच उद्योग-शिक्षा सहयोग के लिए MOU पर हस्ताक्षर हुए।
राधाकृष्णन ने युवाओं से एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी में दक्षता हासिल करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और जस्टिस एम.
सुंदेश सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 29 अगस्त 2026 को पेरुंदुरई, इरोड (तमिलनाडु) में कोंगु वेल्लार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट (KVIT) के शोध-केंद्र 'अरीवुकुडम' का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत की निरंतर प्रगति के लिए अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-शिक्षा जगत के बीच सुदृढ़ सहयोग अनिवार्य है। संस्था के स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने शिक्षण संस्थानों से आग्रह किया कि वे बुनियादी पाठ्यक्रम की सीमाओं से बाहर निकलकर वैश्विक ज्ञान और नवाचार के केंद्र बनें।

KVIT की उपलब्धियाँ और संस्थापकों की सराहना

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने KVIT के 41 संस्थापकों की दूरदर्शिता को रेखांकित किया और बताया कि इन संस्थानों के माध्यम से अब तक लगभग एक लाख विद्यार्थी शिक्षित हो चुके हैं। उन्होंने कोंगु क्षेत्र में शिक्षा के प्रसार में इन संस्थापकों के योगदान को ऐतिहासिक बताया। साथ ही उन्होंने जर्मनी, अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देशों के साथ KVIT के वैश्विक शैक्षणिक संबंधों की प्रशंसा की।

युवाओं से राधाकृष्णन का आह्वान

उपराष्ट्रपति ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट की दिशा में सक्रिय रूप से कदम बढ़ाएँ। उन्होंने विशेष रूप से एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए स्वयं को तैयार करने का आग्रह किया। राधाकृष्णन ने 'बदलाव ही एकमात्र निरंतरता है' के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए युवाओं से कहा कि वे अपनी शक्तियाँ पहचानें, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और दूसरों से तुलना किए बिना अपने मार्ग पर डटे रहें।

उन्होंने मानसिक स्थिरता और तीक्ष्ण बुद्धि के लिए योग और ध्यान को अपनाने की सलाह दी तथा स्वामी विवेकानंद को उद्धृत करते हुए कहा, 'आप वही बनते हैं जो आप सोचते हैं।'

उद्योग-शिक्षा सहयोग: MOU और प्रदर्शनी

कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में एंकर इंडस्ट्रीज और अरीवुकुडम — ए रिसर्च पार्क के बीच समझौता ज्ञापनों (MOU) का आदान-प्रदान हुआ, जो उद्योग और शिक्षा जगत के बीच व्यावहारिक सहयोग को नई दिशा देगा। राधाकृष्णन ने कोंगु इंजीनियरिंग कॉलेज के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया, जिसमें नवीन परियोजनाएँ और तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए गए थे।

उन्होंने अरीवुकुडम रिसर्च पार्क, फार्मेसी कॉलेज, कोंगु नेचुरोपैथी और योग मेडिकल कॉलेज तथा KVITT के क्लाउड किचन की आधारशिला रखने की स्मृति में पट्टिकाओं का अनावरण किया और संस्था से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

समारोह में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस अवसर पर तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एम. एम. सुंदेश, KVIT ट्रस्ट के अध्यक्ष देवराजन सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। यह समारोह ऐसे समय में आयोजित हुआ जब देश भर में शिक्षा को अनुसंधान और उद्योग से जोड़ने की माँग तेज़ होती जा रही है। आने वाले समय में 'अरीवुकुडम' रिसर्च पार्क किस हद तक वैश्विक ज्ञान केंद्र के रूप में उभरता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 'अरीवुकुडम' जैसे रिसर्च पार्क केवल उद्घाटन की चमक तक सीमित रहेंगे या वास्तव में पेटेंट, स्टार्टअप और औद्योगिक समाधान देंगे। भारत में दर्जनों ऐसे 'इनक्यूबेटर' और 'रिसर्च पार्क' उद्घाटन के बाद निष्क्रिय पड़ जाते हैं। MOU साइनिंग प्रतीकात्मक कदम है — परख तब होगी जब एंकर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियाँ वास्तव में शोध को उत्पाद में बदलें। जर्मनी, जापान और अमेरिका के साथ वैश्विक संबंधों का उल्लेख उत्साहजनक है, पर उन साझेदारियों के ठोस परिणाम सार्वजनिक नहीं किए गए।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'अरीवुकुडम' रिसर्च पार्क क्या है और यह कहाँ स्थित है?
'अरीवुकुडम' तमिलनाडु के इरोड जिले के पेरुंदुरई में स्थित कोंगु वेल्लार इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ट्रस्ट (KVIT) का नवस्थापित शोध और नवाचार केंद्र है। इसका उद्घाटन 29 अगस्त 2026 को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने किया।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने युवाओं को किन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह दी?
उन्होंने युवाओं से एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट में सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
KVIT और एंकर इंडस्ट्रीज के बीच MOU से क्या फायदा होगा?
इस MOU के तहत एंकर इंडस्ट्रीज और अरीवुकुडम रिसर्च पार्क के बीच उद्योग-शिक्षा सहयोग को संस्थागत रूप दिया जाएगा, जिससे शोध परियोजनाओं को उद्योग की ज़रूरतों से जोड़ा जा सकेगा। इसका उद्देश्य नवाचार को व्यावसायिक समाधानों में बदलना है।
KVIT के माध्यम से अब तक कितने विद्यार्थी शिक्षित हुए हैं?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में बताया कि KVIT संस्थानों के माध्यम से अब तक लगभग एक लाख लोगों ने शिक्षा प्राप्त की है। संस्था की स्थापना 41 दूरदर्शी संस्थापकों ने की थी।
इस समारोह में कौन-कौन से प्रमुख अतिथि उपस्थित थे?
समारोह में तमिलनाडु और केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस एम. एम. सुंदेश और KVIT ट्रस्ट के अध्यक्ष देवराजन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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