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हैरी ब्रूक में लारा-तेंदुलकर जैसी प्रतिभा, पर सोच में कमी: जेफ्री बॉयकॉट

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हैरी ब्रूक में लारा-तेंदुलकर जैसी प्रतिभा, पर सोच में कमी: जेफ्री बॉयकॉट

सारांश

जेफ्री बॉयकॉट ने हैरी ब्रूक को तेंदुलकर और लारा की श्रेणी का बताया — लेकिन साथ ही खुलासा किया कि उन्होंने ब्रूक को मदद का ऑफर दिया था, जिसे ब्रूक ने अनदेखा कर दिया। एक साल से अधिक समय से टेस्ट शतक नहीं — प्रतिभा बेशुमार, पर सोच की कमी सबसे बड़ी बाधा।

मुख्य बातें

जेफ्री बॉयकॉट ने हैरी ब्रूक को सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा की श्रेणी का बल्लेबाज़ बताया।
बॉयकॉट ने ब्रूक को एकाग्रता सुधारने में मदद का ऑफर दिया, लेकिन ब्रूक ने कोई संपर्क नहीं किया।
ब्रूक दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज़ हैं, फिर भी एक साल से अधिक समय से टेस्ट शतक नहीं लगा पाए।
हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ ब्रूक ने 91 रन बनाए; लॉर्ड्स की पहली पारी में केवल 15 रन ।
बॉयकॉट ने वनडे में ब्रूक की अनावश्यक आक्रामकता को भी उनकी कमज़ोरी बताया।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान सर जेफ्री बॉयकॉट ने कहा है कि वर्तमान विश्व के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैरी ब्रूक में सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गजों की श्रेणी में पहुँचने की असाधारण क्षमता है — लेकिन उनकी मानसिक सोच उन्हें उस मुकाम तक पहुँचने से रोक रही है। बॉयकॉट ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने ब्रूक को अपना फोन नंबर दिया था ताकि टेस्ट क्रिकेट में एकाग्रता सुधारने में मदद कर सकें, लेकिन ब्रूक की ओर से कोई संपर्क नहीं हुआ।

बॉयकॉट का ब्रूक को ऑफर और खामोशी

जेफ्री बॉयकॉट ने 'एन एक्स्ट्राऑर्डिनरी इनिंग्स' पॉडकास्ट में बताया कि पिछले साल ब्रूक के चाचा उनके पास आए और पूछा कि क्या वे ब्रूक से बात करेंगे। बॉयकॉट ने कहा, 'मेरा उनके पास खुद जाना ठीक नहीं होगा — हो सकता है वह कह दें कि चले जाओ। लेकिन अगर वह मुझसे पूछते, तो मैं ज़रूर मदद करता।' उन्होंने अपना नंबर दिया, पर ब्रूक की ओर से कोई जवाब नहीं आया।

बॉयकॉट ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने ब्रूक के चाचा को साफ़ बताया कि इतनी प्रतिभा बहुत कम खिलाड़ियों में होती है — यह 'खास' है।

तेंदुलकर और लारा की श्रेणी में रखा

इंग्लैंड के लिए 108 टेस्ट और 36 वनडे खेल चुके बॉयकॉट ने कहा, 'मैंने लंबे समय से किसी में भी ऐसी प्रतिभा नहीं देखी जैसी ब्रूक में है — जबरदस्त टाइमिंग, शॉट खेलने का तरीका, लंबा कद, अच्छी पहुँच।' उन्होंने आगे जोड़ा कि अगर ब्रूक बेहतर सोच-समझकर खेलें, तो उनमें लारा और तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों की श्रेणी में आने की काबिलियत है।

बॉयकॉट ने यहाँ तक कहा, 'ब्रैडमैन को छोड़कर शायद ही कोई उनसे ऊपर हो — और यह वाकई खास बात है।'

मौजूदा फॉर्म और एकाग्रता की चुनौती

हैरी ब्रूक इस समय दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज हैं, लेकिन एक साल से अधिक समय से टेस्ट क्रिकेट में शतक नहीं लगा पाए हैं। हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने 91 रन बनाए, जबकि लॉर्ड्स में चल रहे मैच की पहली पारी में वे केवल 15 रन पर आउट हुए।

बॉयकॉट के अनुसार, 'वह अपनी प्रतिभा का पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।' उन्होंने कहा कि ब्रूक की 'सोच अविश्वसनीय है' — और यही उनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी भी।

वनडे में आक्रामकता बन रही है कमज़ोरी

बॉयकॉट ने ब्रूक की वनडे शैली पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, ब्रूक हर गेंद पर शॉट मारने की कोशिश करते हैं, गेंद को परखते नहीं और पहली ही गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की हड़बड़ी में मिड-ऑफ, मिड-ऑन जैसी जगहों पर कैच आउट होते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट में अपनी 'बाज़बॉल' रणनीति के तहत आक्रामक बल्लेबाज़ी पर ज़ोर दे रहा है, और ब्रूक उसके केंद्र में हैं। गौरतलब है कि टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर होने के बावजूद लंबे समय से शतक न बनाना उनके आलोचकों को चर्चा का मौका देता रहा है।

आगे क्या

बॉयकॉट का मानना है कि अगर ब्रूक इसी तरह खेलते रहे, तो करियर 'ठीक-ठाक' रहेगा — लेकिन अगर उन्होंने अपनी मानसिक एकाग्रता सुधारी, तो वे क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाज़ों में शामिल हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि लॉर्ड्स टेस्ट और आगामी मैचों में ब्रूक इस चुनौती का जवाब कैसे देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक चेतावनी भी है। दुनिया का नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज़ एक साल से शतक नहीं लगा पाया — यह आँकड़ा अपने आप में सवाल खड़ा करता है। 'बाज़बॉल' की संस्कृति ने इंग्लैंड को जीत दिलाई है, लेकिन क्या इसी आक्रामकता ने ब्रूक की व्यक्तिगत परिपक्वता को सीमित किया है? बॉयकॉट का ऑफर ठुकराना प्रतीकात्मक है — अनुभव से सीखने की इच्छाशक्ति ही महान और बेहतरीन के बीच की रेखा खींचती है।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेफ्री बॉयकॉट ने हैरी ब्रूक के बारे में क्या कहा?
बॉयकॉट ने कहा कि ब्रूक में सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे महान बल्लेबाज़ों की श्रेणी में पहुँचने की काबिलियत है, लेकिन उनकी मानसिक सोच उन्हें उस मुकाम तक पहुँचने से रोक रही है। उन्होंने यह बात 'एन एक्स्ट्राऑर्डिनरी इनिंग्स' पॉडकास्ट में कही।
बॉयकॉट ने हैरी ब्रूक को मदद का ऑफर क्यों दिया था?
बॉयकॉट ने ब्रूक की टेस्ट क्रिकेट में एकाग्रता सुधारने में मदद करने का प्रस्ताव रखा था। ब्रूक के चाचा ने बॉयकॉट से संपर्क किया था, जिसके बाद बॉयकॉट ने अपना नंबर दिया — लेकिन ब्रूक ने कभी संपर्क नहीं किया।
हैरी ब्रूक का हालिया टेस्ट प्रदर्शन कैसा रहा है?
ब्रूक दुनिया के नंबर एक टेस्ट बल्लेबाज़ हैं, लेकिन एक साल से अधिक समय से टेस्ट शतक नहीं लगा पाए हैं। हेडिंग्ले में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 91 रन बनाए, जबकि लॉर्ड्स की पहली पारी में वे केवल 15 रन पर आउट हुए।
बॉयकॉट ने ब्रूक की वनडे शैली पर क्या आपत्ति जताई?
बॉयकॉट के अनुसार ब्रूक वनडे में हर गेंद पर शॉट मारने की कोशिश करते हैं, गेंद को परखते नहीं और इसी जल्दबाज़ी में मिड-ऑफ, मिड-ऑन जैसी जगहों पर कैच आउट होते हैं।
बॉयकॉट ने ब्रूक की तुलना किन खिलाड़ियों से की?
बॉयकॉट ने ब्रूक की तुलना सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा से की, और यहाँ तक कहा कि डॉन ब्रैडमैन को छोड़कर शायद ही कोई उनसे ऊपर हो — यदि ब्रूक अपनी मानसिकता सुधारें।
राष्ट्र प्रेस
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