29 अगस्त 2026
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नेताजी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा की बहाली के लिए मेघालय CM कॉनराड संगमा ने ₹5 लाख स्वीकृत किए

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नेताजी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा की बहाली के लिए मेघालय CM कॉनराड संगमा ने ₹5 लाख स्वीकृत किए

सारांश

शिलांग में केएसयू की मोटरसाइकिल रैली के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा तोड़ी गई। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने आरआर कॉलोनी पहुँचकर ₹5 लाख की बहाली राशि स्वीकृत की और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

मेघालय CM कॉनराड संगमा ने 29 अगस्त को शिलांग की आरआर कॉलोनी का दौरा किया।
खासी छात्र संघ (केएसयू) की काले झंडे वाली मोटरसाइकिल रैली के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा क्षतिग्रस्त हुई।
प्रतिमा की बहाली के लिए ₹5 लाख की राशि स्वीकृत की गई।
यह प्रतिमा 23 जनवरी 2023 को नेताजी की जयंती पर स्थापित की गई थी; नेताजी ने 1927 और 1938 में शिलांग का दौरा किया था।
राज्य सरकार ने तोड़फोड़ के दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 29 अगस्त 2026 को शिलांग के रिंजाह स्थित आरआर कॉलोनी का दौरा कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की क्षतिग्रस्त प्रतिमा का निरीक्षण किया और बहाली के लिए ₹5 लाख की राशि स्वीकृत की। यह प्रतिमा खासी छात्र संघ (केएसयू) की काले झंडे वाली मोटरसाइकिल रैली के दौरान हुई तोड़फोड़ में क्षतिग्रस्त हुई थी।

मुख्यमंत्री का दौरा और आश्वासन

मुख्यमंत्री संगमा ने आरआर कॉलोनी में स्थानीय गैर-आदिवासी समुदाय के सदस्यों से सीधे बातचीत की और उनकी चिंताओं को सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार क्षतिग्रस्त प्रतिमा की पूर्ण बहाली सुनिश्चित करेगी। बहाली कार्य के लिए ₹5 लाख की राशि तत्काल स्वीकृत की गई।

संगमा ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी ऐसी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी जो शिलांग और मेघालय के अन्य हिस्सों में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करे। उन्होंने विभिन्न समुदायों के बीच एकता बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

केएसयू रैली और तोड़फोड़ की घटनाएँ

खासी छात्र संघ (केएसयू) ने अपनी विभिन्न माँगों को लेकर दबाव बनाने के उद्देश्य से काले झंडे वाली मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया था। इस रैली के दौरान शिलांग के कई स्थानों पर हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ हुईं, जिनमें आरआर कॉलोनी में स्थापित नेताजी की प्रतिमा को भी क्षति पहुँची। इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता उत्पन्न की।

नेताजी का शिलांग से ऐतिहासिक संबंध

क्षतिग्रस्त प्रतिमा का विशेष ऐतिहासिक महत्व है क्योंकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का शिलांग से गहरा नाता रहा है। उन्होंने पहली बार 1927 में इस पहाड़ी शहर का दौरा किया था और 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में पुनः यहाँ आए थे। आरआर कॉलोनी में यह प्रतिमा 23 जनवरी 2023 को नेताजी की जयंती के अवसर पर स्थापित की गई थी।

सरकार की कार्रवाई और आगे की राह

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा केएसयू रैली से जुड़ी अशांति के बाद सामान्य स्थिति बहाल करने और प्रभावित निवासियों की चिंताओं को दूर करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। राज्य प्रशासन शहर के शांतिपूर्ण सामाजिक ताने-बाने की रक्षा के लिए सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या केएसयू रैलियों के दौरान बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं पर राज्य प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मेघालय में आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों के बीच तनाव की जड़ें गहरी हैं, और बिना संरचनात्मक संवाद के केवल आश्वासन इस खाई को नहीं पाट सकते।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिलांग में नेताजी की प्रतिमा कैसे क्षतिग्रस्त हुई?
खासी छात्र संघ (केएसयू) की काले झंडे वाली मोटरसाइकिल रैली के दौरान शिलांग के कई स्थानों पर हिंसा और तोड़फोड़ हुई, जिसमें आरआर कॉलोनी में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा भी क्षतिग्रस्त हो गई।
मेघालय सरकार ने प्रतिमा बहाली के लिए कितनी राशि स्वीकृत की?
मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने 29 अगस्त को आरआर कॉलोनी के दौरे के दौरान प्रतिमा की बहाली के लिए ₹5 लाख की राशि स्वीकृत की।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का शिलांग से क्या संबंध है?
नेताजी ने पहली बार 1927 में शिलांग का दौरा किया था और 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में पुनः यहाँ आए थे। आरआर कॉलोनी में यह प्रतिमा 23 जनवरी 2023 को उनकी जयंती पर स्थापित की गई थी।
केएसयू रैली किस उद्देश्य से आयोजित की गई थी?
खासी छात्र संघ ने अपनी विभिन्न माँगों को लेकर दबाव बनाने के लिए यह काले झंडे वाली मोटरसाइकिल रैली आयोजित की थी। रैली के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाएँ संगठन की घोषित मंशा से परे थीं।
तोड़फोड़ के दोषियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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