24 अगस्त 2026
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शिलांग हिंसा: मेघालय CM कॉनराड संगमा ने SIT गठन का ऐलान किया, 15 FIR दर्ज, KSU के तीन नेता गिरफ्तार

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शिलांग हिंसा: मेघालय CM कॉनराड संगमा ने SIT गठन का ऐलान किया, 15 FIR दर्ज, KSU के तीन नेता गिरफ्तार

सारांश

शिलांग में 19 अगस्त की 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' के दौरान हुई हिंसा — 18 घायल, 31 वाहन क्षतिग्रस्त — पर मेघालय CM कॉनराड संगमा ने विधानसभा में जवाब दिया। SIT गठित, 15 FIR दर्ज, KSU के तीन शीर्ष नेता गिरफ्तार। असम-पंजीकृत वाहनों पर हमले ने मामले को अंतर-राज्यीय रंग दे दिया है।

मुख्य बातें

19 अगस्त 2026 को शिलांग में KSU की 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' के दौरान हिंसा भड़की, जिसमें 18 लोग घायल हुए।
उपद्रवियों ने कथित तौर पर 31 वाहनों पर पथराव किया, जिनमें से 8 असम में पंजीकृत थे।
मेघालय CM कॉनराड के.
संगमा ने 24 अगस्त को विधानसभा में SIT गठन की घोषणा की; SIT की अगुवाई IG (लॉ एंड ऑर्डर) करेंगे।
घटना में अब तक 15 FIR दर्ज; KSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को BNSS के तहत गिरफ्तार किया गया।
हिंसा में शामिल 5 नकाबपोश संदिग्धों की पहचान, जिनमें से 1 गिरफ्तार ।
MMPO एक्ट लागू किया गया और घायलों को शिलांग सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 24 अगस्त को विधानसभा में स्वयं बयान देते हुए घोषणा की कि 19 अगस्त को शिलांग में 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' के दौरान भड़की हिंसा की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। इस हिंसा में 18 लोग घायल हुए और 31 वाहनों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं।

मुख्य घटनाक्रम

खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित इस रैली को ईस्ट खासी हिल्स के डिप्टी कमिश्नर ने शांतिपूर्ण रहने के आश्वासन पर अनुमति दी थी। हालांकि, कथित तौर पर रैली के दौरान उपद्रवियों ने 31 गाड़ियों पर पत्थर फेंके और आसपास मौजूद लोगों पर हमला किया। घायल 18 लोगों को शिलांग सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

गौरतलब है कि निशाना बनाई गई गाड़ियों में से आठ वाहन असम में पंजीकृत थे, जो इस हिंसा के अंतर-राज्यीय आयाम को उजागर करता है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि घटना की रात यानी 19 अगस्त को ही KSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। इसके अतिरिक्त मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (MMPO) एक्ट भी लागू किया गया।

संगमा ने विधानसभा को सूचित किया, "इस घटना के सिलसिले में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं।" हिंसा में शामिल कथित पाँच नकाबपोश संदिग्धों की पहचान की गई है, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

SIT की भूमिका और जांच का दायरा

गठित SIT की अगुवाई इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर) करेंगे। यह टीम विशेष रूप से असम में पंजीकृत वाहनों पर हुए हमलों की जांच करेगी और दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब मेघालय विधानसभा का ऑटम सेशन शुरू हुआ है और विपक्ष सरकार से जवाब माँग रहा था।

मुख्यमंत्री का आश्वासन

संगमा ने सदन में कहा, "मैं सदन और राज्य के नागरिकों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी और हिंसा में शामिल उपद्रवियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य जवाबदेही तय करने के साथ-साथ 19 अगस्त की घटनाओं के बाद जनता का विश्वास और सामान्य स्थिति बहाल करना है।

आगे क्या होगा

SIT की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। असम में पंजीकृत वाहनों पर हुए हमलों की जांच दो राज्यों के बीच समन्वय की माँग करती है, जो इस मामले को और जटिल बनाती है। राज्य सरकार पर दबाव है कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में अनुमति प्राप्त रैलियाँ हिंसा में न बदलें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो केवल कानून-व्यवस्था का मसला नहीं रह जाता। SIT गठन और 15 FIR त्वरित प्रतिक्रिया के संकेत हैं, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि जांच KSU के संगठनात्मक ढाँचे तक पहुँचती है या केवल मैदान में मौजूद उपद्रवियों तक सीमित रहती है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिलांग 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' हिंसा क्या है?
19 अगस्त 2026 को शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसमें उपद्रवियों ने कथित तौर पर 31 वाहनों पर पथराव किया और लोगों पर हमला किया। इस घटना में 18 लोग घायल हुए।
मेघालय सरकार ने शिलांग हिंसा पर क्या कार्रवाई की?
मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की रात ही KSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को BNSS की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया। इसके अलावा MMPO एक्ट लागू किया गया, 15 FIR दर्ज की गईं और IG (लॉ एंड ऑर्डर) की अगुवाई में SIT गठित की गई।
SIT शिलांग हिंसा में किन पहलुओं की जांच करेगी?
SIT विशेष रूप से असम में पंजीकृत वाहनों पर हुए हमलों की जांच करेगी और हिंसा में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। अब तक पाँच नकाबपोश संदिग्धों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से एक गिरफ्तार है।
KSU की रैली को अनुमति कैसे मिली थी?
ईस्ट खासी हिल्स के डिप्टी कमिश्नर ने यह रैली इस आश्वासन पर अनुमोदित की थी कि यह शांतिपूर्ण रहेगी। हालांकि, रैली के दौरान हिंसा भड़क गई, जिसके बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई की।
शिलांग हिंसा में असम का क्या संबंध है?
हिंसा के दौरान जिन 31 वाहनों को निशाना बनाया गया, उनमें से आठ असम में पंजीकृत थे। SIT इन्हीं हमलों की विशेष रूप से जांच करेगी, जो इस मामले को दो राज्यों के बीच समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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