शिलांग हिंसा के बाद असम-मेघालय की उच्चस्तरीय बैठक: SIT गठित, 3,770 वाहन सुरक्षित वापस
सारांश
मुख्य बातें
शिलांग हिंसा के तीन दिन बाद असम और मेघालय सरकारों ने 22 अगस्त को गुवाहाटी के कोइनाधारा स्टेट गेस्ट हाउस में उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, फंसे पर्यटकों की वापसी और दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक समन्वय पर कई ठोस निर्णय लिए गए। 19 अगस्त को शिलांग में भड़की हिंसा में असम पंजीकृत वाहनों पर हमले हुए थे, जिसके बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ गया था।
बैठक का नेतृत्व और एजेंडा
बैठक की अध्यक्षता मेघालय के उपमुख्यमंत्री डॉ. एस. धर और असम सरकार के मंत्री अतुल बोरा ने संयुक्त रूप से की। तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस चर्चा में दोनों राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल रहे। एजेंडे में शिलांग की घटना की समीक्षा, असम नंबर वाले वाहनों पर हुए हमले, मेघालय में फंसे पर्यटकों की सुरक्षित वापसी और अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र को मजबूत करना शामिल था।
मेघालय सरकार की कार्रवाई
मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की घटना पर औपचारिक रूप से खेद व्यक्त किया और हिंसा में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरकार ने बताया कि खासी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के संबंध में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं और पुलिस ने पाँच नकाबपोश आरोपियों की पहचान कर ली है जिन पर वाहनों पर हमले का आरोप है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन भी किया गया है।
पर्यटकों और वाहनों की वापसी
बैठक में बताया गया कि अब तक 3,770 से अधिक असम पंजीकृत वाहनों को सुरक्षित रूप से मेघालय से असम पहुँचाया जा चुका है। दोनों सरकारों ने निर्णय लिया कि मेघालय में अभी भी फंसे यात्रियों और वाहनों को अगले 48 घंटों के भीतर विशेष अभियान चलाकर सुरक्षित वापस लाया जाएगा। असम नियंत्रण कक्ष को 175 लोगों से संबंधित 54 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई हैं, जबकि मेघालय नियंत्रण कक्ष को अब तक 379 कॉल मिली हैं।
दीर्घकालिक समन्वय के उपाय
बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विशेष हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी है। अंतरराज्यीय सीमा से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर स्थायी संयुक्त समितियाँ बनाने का भी फैसला किया गया है। पर्यटक वाहनों की आवाजाही और पर्यटन हितों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभागों तथा वाहन संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक अलग संयुक्त समिति भी गठित की जाएगी। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं — व्हाट्सएप: +91 81014888 और लैंडलाइन: 0361-2381-511।
मुख्यमंत्री सरमा की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर बैठक के परिणामों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि शिलांग की घटना के तुरंत बाद उनकी मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से बातचीत हुई थी, जिसके बाद यह बैठक संभव हो सकी। सरमा ने कहा कि असम के लोगों की चिंताओं और भावनाओं को बैठक में उचित महत्व दिया गया और SIT के गठन तथा आरोपियों की गिरफ्तारी को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता से शीघ्र ही स्थिति सामान्य होगी और दोनों राज्यों के संबंध और प्रगाढ़ होंगे।
गौरतलब है कि असम और मेघालय के बीच सीमा विवाद पहले से ही एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, और इस हिंसा ने दोनों राज्यों के आपसी संबंधों को नई चुनौती दी है। अब सभी की निगाहें SIT की जाँच और जिला स्तरीय समितियों के गठन की प्रक्रिया पर टिकी हैं।