असम-मेघालय सीमा पर हालात सामान्य: CM कॉनराड संगमा ने विधानसभा में दी जानकारी, हॉटलाइन और स्थायी समिति का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 24 अगस्त 2026 को मेघालय विधानसभा में बताया कि 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसा के बाद असम-मेघालय सीमा पर स्थिति अब सामान्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच लोगों, वाहनों और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।
संयुक्त बैठक और रुकावटें हटाई गईं
22 अगस्त को असम और मेघालय के प्रतिनिधिमंडलों के बीच एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मेघालय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री स्नियावभलांग धर ने किया, जबकि असम की ओर से वरिष्ठ मंत्री अतुल बोरा ने नेतृत्व संभाला।
मुख्यमंत्री संगमा ने बताया कि इस बैठक के परिणामस्वरूप असम स्थित संगठनों द्वारा जोरबाट में लगाया गया सड़क जाम हटा लिया गया, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला फिर से सुचारू हो सकी। यह ऐसे समय में आया है जब शिलांग की हिंसा के बाद अंतर-राज्यीय कॉरिडोर पर तनाव चरम पर था।
स्थायी समिति और हॉटलाइन की स्थापना
भविष्य में ऐसी रुकावटों को रोकने के लिए असम और मेघालय के बीच एक समर्पित हॉटलाइन स्थापित की गई है। इसके अलावा, एक स्थायी जिला-स्तरीय समिति के गठन की भी घोषणा की गई है, जिसमें मेघालय के नोंगपोह और असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) तथा संबंधित स्तर के पुलिस अधिकारी शामिल होंगे।
यह समिति अंतर-राज्यीय सीमा पर उत्पन्न होने वाले रोज़मर्रा के विवादों का त्वरित समाधान करेगी। गौरतलब है कि असम-मेघालय सीमा विवाद दशकों पुरानी समस्या है और ऐसे संस्थागत तंत्र की लंबे समय से माँग थी।
पर्यटन परिवहन के लिए संयुक्त पैनल
मुख्यमंत्री संगमा ने दोनों राज्यों के आयुक्त और सचिव स्तरीय परिवहन अधिकारियों तथा पर्यटक टैक्सी संघों के प्रतिनिधियों को मिलाकर एक संयुक्त परिवहन समिति बनाने की योजना की घोषणा की। यह प्रस्तावित पैनल पर्यटक परिवहन की आवाजाही को सुविधाजनक और विनियमित करेगा तथा असम और मेघालय के साझा पर्यटन हितों की रक्षा करेगा।
परिवहन संघों का आंदोलन वापस
परिवहन के प्रभारी मेघालय के उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के परिवहन संघों के साथ एक अलग बैठक भी हुई, जिसके बाद संघ अपना आंदोलन वापस लेने पर सहमत हो गए। इस निर्णय से वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई।
आगे क्या होगा
लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए सितंबर के दूसरे सप्ताह में सरकार और संघों के बीच एक और बैठक होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री संगमा ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि सरकार शांति बनाए रखने और पड़ोसी राज्यों के बीच लोगों, वाहनों तथा आवश्यक वस्तुओं की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।