मेघालय में तुरा के हालात सामान्य, सीएम संगमा ने किया निरीक्षण
सारांश
Key Takeaways
- तुरा में हालात सामान्य हो रहे हैं।
- मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों का निरीक्षण किया।
- स्थानीय लोगों ने सफाई अभियान शुरू किया।
- प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाई है।
शिलांग, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले के तुरा में दो दिनों की अशांति के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य दिशा में बढ़ रहे हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रभावित लोगों तक खाद्य सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और उन हिस्सों का निरीक्षण किया जहां तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि अशांति के कारण जिन क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की कमी हो गई है, वहां तुरंत आवश्यक आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अराइमाइल और उसके आसपास के लगभग 17 बस्तियों में हिंसा के चलते चावल और अन्य आवश्यक सामान की कमी हो गई है। इस पर संगमा ने पश्चिम गारो हिल्स के उपायुक्त को निर्देश दिया कि वे स्थानीय विकास समितियों के साथ मिलकर प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करें, ताकि राहत सामग्री जल्द वितरित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता और आवश्यक सामग्री मिले।
उन्होंने हिंसा में क्षतिग्रस्त दुकानों, घरों और अन्य संपत्तियों का भी निरीक्षण किया और आश्वासन दिया कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार की ओर से आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
इसी बीच, तुरा के विभिन्न इलाकों में हालात को सामान्य करने के लिए स्थानीय लोगों ने स्वेच्छा से सफाई अभियान भी शुरू किया। स्थानीय निवासी, युवा समूह और संगठनों के सदस्य सड़कों पर फैले मलबे, टूटे सामान और जले हुए सामान को साफ करते नजर आए।
गौरतलब है कि यह अशांति इस सप्ताह की शुरुआत में तब शुरू हुई थी जब गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के आगामी चुनाव में गैर-आदिवासियों की भागीदारी के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे थे। इसके बाद कुछ क्षेत्रों में कथित उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिससे स्थिति हिंसक हो गई।
फिलहाल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है और शांति बनाए रखने के लिए सामुदायिक नेताओं के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।