शोपियां में स्टीम बॉयलर विस्फोट: यूपी के इंजीनियर सौरभ सिंह की मौत, दो अलीगढ़ निवासी घायल
सारांश
Key Takeaways
- शोपियां के जुम जुम कोल्ड स्टोर में बुधवार देर शाम स्टीम बॉयलर विस्फोट हुआ।
- यूपी के अलीगढ़ निवासी इंजीनियर सौरभ सिंह की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत।
- घायल दिलीप कुमार और राम कुमार — दोनों अलीगढ़ के निवासी — का अस्पताल में उपचार जारी।
- तीनों कर्मचारी मरम्मत कार्य के दौरान विस्फोट की चपेट में आए।
- पुलिस ने विस्फोट के कारणों की जाँच शुरू की; औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल उठे।
शोपियां (जम्मू-कश्मीर), 30 अप्रैल। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार देर शाम एक कोल्ड स्टोरेज यूनिट में स्टीम बॉयलर विस्फोट हो गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी इंजीनियर सौरभ सिंह की मौत हो गई और दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना अग्लार के फल मंडी क्षेत्र स्थित जुम जुम कोल्ड स्टोर में मरम्मत कार्य के दौरान हुई।
घटनाक्रम: कैसे हुआ विस्फोट
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों कर्मचारी — सौरभ सिंह, दिलीप कुमार और राम कुमार — कोल्ड स्टोरेज सुविधा में स्टीम बॉयलर की मरम्मत कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया। तीनों उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के निवासी हैं। स्टीम बॉयलर संयंत्र के भीतर हीटिंग, दबाव नियंत्रण और रखरखाव कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है और उच्च दबाव व तापमान पर काम करता है।
अस्पताल में मौत, दो का इलाज जारी
विस्फोट के बाद तीनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया गया। अधिकारियों के अनुसार उपचार के दौरान सौरभ सिंह ने दम तोड़ दिया। घायल दिलीप कुमार और राम कुमार का अस्पताल में इलाज जारी है। उनकी स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट नहीं आई है।
स्टीम बॉयलर से जुड़ा जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार स्टीम बॉयलर उच्च दबाव और तापमान के तहत संचालित होते हैं, और मरम्मत या नियमित संचालन के दौरान किसी भी तकनीकी खराबी से विस्फोट हो सकता है। यदि इन्हें उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल के बिना संभाला जाए, तो ये अत्यंत उच्च जोखिम वाले उपकरण बन जाते हैं।
दक्षिण कश्मीर में कोल्ड स्टोरेज का महत्व
दक्षिण कश्मीर के जिलों में राष्ट्रीय बाजारों में सेब और अन्य फलों की निरंतर आपूर्ति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में कोल्ड स्टोरेज इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। शरद ऋतु में फसल की अधिकता से बाजार में कीमतें गिरने से रोकने के लिए उत्पादक इन सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं। गौरतलब है कि इन इकाइयों में काम करने वाले अधिकांश तकनीकी कर्मचारी उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों से आते हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार विस्फोट के कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। यह घटना औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ बाहर से आए कुशल कर्मचारी काम करते हैं।