शिलांग हिंसा के बाद असम-मेघालय की उच्चस्तरीय बैठक: SIT गठित, 3,770 वाहन सुरक्षित वापस, 48 घंटे में निकासी का वादा
सारांश
मुख्य बातें
शिलांग हिंसा के बाद असम और मेघालय सरकारों ने 22 अगस्त को गुवाहाटी के कोइनाधारा स्टेट गेस्ट हाउस में उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक कर कई अहम फैसले लिए। 19 अगस्त को शिलांग में हुई हिंसक घटना और असम पंजीकृत वाहनों पर हमलों के बाद यह बैठक दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने की दिशा में पहला ठोस कदम मानी जा रही है।
बैठक का नेतृत्व और मुख्य एजेंडा
तीन घंटे से अधिक चली इस बैठक का नेतृत्व मेघालय के उपमुख्यमंत्री डॉ. एस. धर और असम सरकार के मंत्री अतुल बोरा ने किया। दोनों राज्यों के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी इसमें शामिल रहे। चर्चा के केंद्र में शिलांग की हिंसक घटना, असम नंबर वाले वाहनों पर हमले, मेघालय में फंसे पर्यटकों की सुरक्षा और अंतरराज्यीय समन्वय के मुद्दे रहे।
मेघालय सरकार की कार्रवाई और खेद
बैठक में मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की घटना पर खेद व्यक्त किया और हिंसा में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। सरकार ने बताया कि खासी स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना से जुड़े मामलों में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं और वाहनों पर हमले में शामिल लोगों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने पाँच नकाबपोश आरोपियों की पहचान भी कर ली है।
पर्यटकों और वाहनों की वापसी
अब तक 3,770 से अधिक असम पंजीकृत वाहनों को सुरक्षित रूप से मेघालय से असम पहुंचाया जा चुका है। दोनों सरकारों ने तय किया है कि मेघालय में अभी भी फंसे यात्रियों और वाहनों को अगले 48 घंटों के भीतर सुरक्षित निकाला जाएगा, जिसके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। असम नियंत्रण कक्ष को 175 लोगों से संबंधित 54 आपातकालीन कॉल प्राप्त हुई हैं, जबकि मेघालय नियंत्रण कक्ष को 379 कॉल मिली हैं। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं — व्हाट्सएप: +91 81014888 और लैंडलाइन: 0361-2381-511।
दीर्घकालिक समन्वय के फैसले
बेहतर अंतरराज्यीय समन्वय के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच विशेष हॉटलाइन स्थापित करने पर सहमति बनी है। सीमा से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तर पर स्थायी संयुक्त समितियाँ बनाने का फैसला हुआ है। पर्यटक वाहनों की आवाजाही और पर्यटन हितों की रक्षा के लिए परिवहन विभागों तथा वाहन संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक अलग संयुक्त समिति भी गठित की जाएगी। मेघालय सरकार ने दोहराया कि राज्य में आने वाले सभी पर्यटकों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री सरमा की प्रतिक्रिया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक के नतीजों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि शिलांग घटना के बाद उनकी मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा से बातचीत हुई थी, जिसके बाद यह बैठक आयोजित हुई। सरमा ने कहा कि असम के लोगों की चिंताओं और भावनाओं को बैठक में उचित महत्व दिया गया और SIT गठन तथा गिरफ्तारियों को सही दिशा में उठाया गया कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि असम और मेघालय केवल पड़ोसी राज्य नहीं, बल्कि साझा इतिहास और आपसी भाईचारे से जुड़े हैं — और दोनों सरकारों की प्रतिबद्धता से जल्द स्थिति सामान्य होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में अंतरराज्यीय संबंध और पर्यटन सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं। दोनों राज्यों की साझा प्रतिबद्धता और संस्थागत तंत्र की स्थापना आगे के लिए एक सकारात्मक संकेत है।