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असम-मेघालय टैक्सी विवाद सुलझा: मुख्यमंत्रियों की बातचीत के बाद नाकेबंदी खत्म

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असम-मेघालय टैक्सी विवाद सुलझा: मुख्यमंत्रियों की बातचीत के बाद नाकेबंदी खत्म

सारांश

19 अगस्त की हिंसा के बाद असम और मेघालय के बीच बनी टैक्सी नाकेबंदी ने पर्यटन को ठप कर दिया था। अब दोनों मुख्यमंत्रियों की सीधी बातचीत के बाद गतिरोध सुलझ गया है — लेकिन होमस्टे और टूरिज्म कारोबारियों को मुआवजे से साफ इनकार कर दिया गया है।

मुख्य बातें

19 अगस्त 2025 को हुई हिंसा के बाद असम और मेघालय के टूरिस्ट टैक्सी संगठनों के बीच गतिरोध पैदा हो गया था।
मुख्यमंत्री कॉनराड के.
संगमा और हिमंता बिस्वा सरमा के बीच बातचीत के बाद नाकेबंदी खत्म हुई।
पर्यटन मंत्री टिमोथी डी.
शिरा ने दोनों राज्यों के बीच पर्यटक वाहनों की आपसी आवाजाही की पुष्टि की।
मेघालय सरकार ने हिंसा में क्षतिग्रस्त असम की टूरिस्ट गाड़ियों के मालिकों को मुआवजा देने का निर्णय लिया।
बुकिंग रद्द होने से नुकसान उठाने वाले होमस्टे और पर्यटन व्यवसायों को कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।

मेघालय के पर्यटन मंत्री टिमोथी डी. शिरा ने मंगलवार, 25 अगस्त को शिलांग में घोषणा की कि असम और मेघालय के टूरिस्ट टैक्सी संगठनों के बीच का गतिरोध आखिरकार सुलझा लिया गया है। 19 अगस्त को हुई हिंसा के बाद दोनों राज्यों के बीच सड़क जाम की स्थिति बन गई थी, जिसने पर्यटन उद्योग को गहरी चोट पहुँचाई थी।

मुख्यमंत्री स्तर पर हुई बातचीत

मंत्री शिरा ने बताया कि यह विवाद मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच सीधी बातचीत के बाद सुलझाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह मामला सुलझ गया है, इसलिए अब कोई रोक या नाकेबंदी नहीं होनी चाहिए।' दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच पर्यटक वाहनों की आवाजाही पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध अब अस्वीकार्य है।

पर्यटन पर पड़ा व्यापक असर

शिरा ने स्वीकार किया कि सड़क जाम के कारण पर्यटकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई थी। इससे न केवल होटल और होमस्टे संचालकों को बुकिंग रद्द होने का नुकसान उठाना पड़ा, बल्कि राज्य में बाहर से आने वाले पर्यटकों पर निर्भर तमाम व्यवसाय भी प्रभावित हुए। गौरतलब है कि मेघालय की अर्थव्यवस्था पर्यटन से होने वाली आमदनी पर काफी हद तक निर्भर है।

आपसी आवाजाही पर सहमति

पर्यटन मंत्री ने दोनों राज्यों के टैक्सी संगठनों से स्पष्ट आह्वान किया कि वे एक-दूसरे की पंजीकृत पर्यटक गाड़ियों को बिना किसी बाधा के अपने-अपने राज्यों में चलने दें। उन्होंने कहा कि असम की टूरिस्ट एसोसिएशन को मेघालय में पंजीकृत वाहनों को प्रवेश देना चाहिए और इसी तरह मेघालय की एसोसिएशन को असम के वाहनों के लिए रास्ता खुला रखना चाहिए। यह पारस्परिकता ही दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग की रीढ़ है।

मुआवजे पर सरकार का रुख

मेघालय सरकार ने 19 अगस्त की हिंसा में क्षतिग्रस्त हुई असम की पर्यटक गाड़ियों के मालिकों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है। हालाँकि, शिरा ने यह स्पष्ट कर दिया कि नाकेबंदी के कारण बुकिंग रद्द होने से नुकसान उठाने वाले पर्यटन व्यवसायों — जिनमें होमस्टे संचालक भी शामिल हैं — को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'होमस्टे के लिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।'

संयम की अपील और आगे की राह

मंत्री शिरा ने दोनों राज्यों के संबंधित पक्षों से संयम बरतने की अपील की और आगाह किया कि एक राज्य में की गई किसी भी उग्र कार्रवाई का असर दूसरे राज्य पर भी पड़ता है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रयास कर रही हैं। इस समझौते से दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 19 अगस्त की हिंसा की परिस्थितियाँ अभी भी अनुत्तरित हैं। होमस्टे और पर्यटन व्यवसायों को मुआवजे से इनकार यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता राजनयिक सुलह है, न कि जमीनी स्तर पर आर्थिक राहत। पूर्वोत्तर में इस तरह के अंतर-राज्यीय टैक्सी विवाद पहले भी उठते रहे हैं — बिना दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे के ये विवाद बार-बार सिर उठाते हैं और हर बार पर्यटन उद्योग को नुकसान उठाना पड़ता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम और मेघालय के बीच टैक्सी विवाद क्या था?
19 अगस्त 2025 को हुई हिंसा के बाद दोनों राज्यों के टूरिस्ट टैक्सी संगठनों ने एक-दूसरे की गाड़ियों को रोकना शुरू कर दिया था, जिससे सड़क जाम हो गई और पर्यटकों की आवाजाही ठप हो गई। इससे मेघालय के पर्यटन उद्योग को भारी नुकसान हुआ।
यह गतिरोध कैसे सुलझाया गया?
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच सीधी बातचीत के बाद यह विवाद सुलझाया गया। पर्यटन मंत्री टिमोथी डी. शिरा ने 25 अगस्त को इसकी पुष्टि की।
क्या क्षतिग्रस्त टैक्सी मालिकों को मुआवजा मिलेगा?
मेघालय सरकार ने हिंसा में क्षतिग्रस्त असम की पर्यटक गाड़ियों के मालिकों को मुआवजा देने का निर्णय लिया है। हालाँकि, बुकिंग रद्द होने से नुकसान उठाने वाले होमस्टे और अन्य पर्यटन व्यवसायों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।
इस विवाद का मेघालय के पर्यटन पर क्या असर पड़ा?
सड़क नाकेबंदी के कारण पर्यटकों की आवाजाही लगभग पूरी तरह रुक गई थी, जिससे होटल, होमस्टे और पर्यटन पर निर्भर व्यवसायों को भारी नुकसान हुआ। मंत्री शिरा ने माना कि इस विवाद ने मेघालय आने वाले पर्यटकों की संख्या पर बुरा असर डाला।
आगे दोनों राज्यों के बीच टैक्सी आवाजाही कैसे होगी?
पर्यटन मंत्री ने स्पष्ट किया कि दोनों राज्यों के टैक्सी संगठन एक-दूसरे की पंजीकृत पर्यटक गाड़ियों को बिना रोक-टोक के आने-जाने देंगे। यह पारस्परिक व्यवस्था दोनों राज्यों के पर्यटन उद्योग के लिए जरूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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