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असम से EU ट्रैवल पाबंदी हटी, ऑस्ट्रेलिया-जापान के बाद यूरोपीय देशों ने भी दी मंजूरी

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असम से EU ट्रैवल पाबंदी हटी, ऑस्ट्रेलिया-जापान के बाद यूरोपीय देशों ने भी दी मंजूरी

सारांश

ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद EU देशों ने भी असम पर लगी ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदियाँ हटा लीं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने EU राजनयिकों की हालिया यात्रा के बाद आए इस फैसले को असम में बढ़ते वैश्विक भरोसे का प्रमाण बताया। यह कदम राज्य के पर्यटन, व्यापार और निवेश के लिए नए द्वार खोल सकता है।

मुख्य बातें

EU सदस्य देशों ने असम पर लागू ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदियाँ हटा लीं — ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद यह तीसरा बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की।
भारत में EU राजदूत महामहिम हर्वे डेल्फिन की भूमिका को सरमा ने विशेष रूप से सराहा।
EU राजनयिकों की हालिया असम यात्रा और उनके सकारात्मक फीडबैक ने इस निर्णय में अहम भूमिका निभाई।
इस फैसले से असम के पर्यटन, चाय उद्योग, हस्तशिल्प और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देशों ने असम पर लागू अपनी ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदियाँ हटा लेने का फैसला किया है, जिसकी घोषणा असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार, 20 जून 2026 को की। ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद EU का यह कदम असम के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री की घोषणा और EU राजदूत का आभार

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'असम के लिए अच्छी खबर। ऑस्ट्रेलिया और जापान के बाद, अब EU के सदस्य देशों ने भी अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव किया है और राज्य में आने वाले अपने नागरिकों के लिए लगाई गई पाबंदियों को हटा लिया है।' उन्होंने इस पहल को आगे बढ़ाने में सहयोग के लिए भारत में EU के राजदूत महामहिम हर्वे डेल्फिन का विशेष आभार व्यक्त किया।

EU राजनयिकों की यात्रा की भूमिका

सरमा ने स्पष्ट किया कि EU राजनयिकों की हालिया असम यात्रा और उनके सकारात्मक अनुभव ने इस निर्णय में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अनुसार, यह कदम 'असम में बढ़ते भरोसे का प्रतीक है और EU-असम के बीच गहरे संबंधों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।' गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से कई विदेशी देशों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए असम की यात्रा के प्रति अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी थी।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

EU देशों द्वारा ट्रैवल एडवाइजरी हटाए जाने से अब यूरोपीय पर्यटक बिना किसी आधिकारिक चेतावनी के असम की यात्रा कर सकेंगे। इससे राज्य के पर्यटन स्थलों, होटल उद्योग, हस्तशिल्प, चाय उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब असम सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग की संभावनाएँ

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रैवल पाबंदियाँ हटने से केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए अवसर भी खुलेंगे। EU असम के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार बन सकता है, विशेष रूप से चाय निर्यात और जैव विविधता आधारित पर्यटन के क्षेत्र में। यह निर्णय भारत-EU के व्यापक कूटनीतिक संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की राह

ऑस्ट्रेलिया, जापान और अब EU देशों द्वारा पाबंदियाँ हटाए जाने की यह श्रृंखला असम की बदलती छवि को दर्शाती है। राज्य सरकार इस सकारात्मक गति को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संपर्क और पर्यटन अवसंरचना विकास दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऑस्ट्रेलिया और जापान द्वारा ट्रैवल एडवाइजरी हटाना असम की बदलती वैश्विक छवि का संकेत है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि इन पाबंदियों के दौरान असम में वास्तविक सुरक्षा स्थिति कितनी बदली, इसका कोई स्वतंत्र मूल्यांकन सामने नहीं आया है। राजनयिक यात्राओं पर आधारित धारणा परिवर्तन और ज़मीनी हकीकत में अंतर हो सकता है। असली लाभ तब दिखेगा जब यूरोपीय पर्यटकों की वास्तविक संख्या में वृद्धि होगी — घोषणाओं से नहीं, आँकड़ों से।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

EU देशों ने असम की ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदी क्यों हटाई?
EU राजनयिकों की हालिया असम यात्रा और उनके सकारात्मक अनुभव के बाद EU सदस्य देशों ने अपनी ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव कर असम आने वाले नागरिकों पर लगी पाबंदियाँ हटा लीं। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार, यह कदम असम में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय भरोसे का प्रतीक है।
असम से ट्रैवल पाबंदी हटाने वाले देश कौन-कौन से हैं?
अब तक ऑस्ट्रेलिया, जापान और EU के सदस्य देशों ने असम पर लगी ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदियाँ हटाई हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 जून 2026 को एक्स पर साझा की।
इस फैसले से असम के पर्यटन पर क्या असर पड़ेगा?
EU देशों की ट्रैवल एडवाइजरी हटने से यूरोपीय पर्यटक अब बिना किसी आधिकारिक चेतावनी के असम आ सकेंगे। इससे राज्य के होटल उद्योग, हस्तशिल्प, चाय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
EU राजदूत हर्वे डेल्फिन की इसमें क्या भूमिका रही?
मुख्यमंत्री सरमा ने भारत में EU राजदूत महामहिम हर्वे डेल्फिन का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पहल को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में EU राजनयिकों ने असम का दौरा किया था।
असम पर ट्रैवल एडवाइजरी पाबंदियाँ पहले क्यों लगाई गई थीं?
पिछले कई वर्षों से कुछ विदेशी देशों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए असम की यात्रा के प्रति अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी थी। इन एडवाइजरी के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या प्रभावित हो रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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