असम माला योजना: दूरदराज गांवों तक सड़क संपर्क, सीएम हिमंता सरमा ने गिनाए फायदे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 3 जुलाई को कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी असम माला योजना के अंतर्गत हजारों किलोमीटर सड़कों के निर्माण से गुवाहाटी सहित असम के दूरदराज और भौगोलिक रूप से दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था में आमूल परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण जनता की बाजारों, अस्पतालों, स्कूलों और सरकारी सेवाओं तक पहुंच सुलभ हो रही है और विकास की रफ्तार तेज हो रही है।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
सरमा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, 'असम माला योजना के तहत हमारी सरकार दूरदराज के क्षेत्रों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण कर रही है, ताकि लोगों की यात्रा आसान हो और विकास की राह हर गांव तक पहुंचे।' उन्होंने बालिकुची जाने वाली एक विशेष सड़क परियोजना का उल्लेख करते हुए बताया कि बेहतर संपर्क से यात्रा का समय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है और स्थानीय निवासियों का दैनिक आवागमन सरल हो गया है।
वीडियो में स्थानीय यात्रियों और निवासियों को यह बताते दिखाया गया कि नई सड़क ने परिवहन को पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक बना दिया है।
असम माला योजना का उद्देश्य और दायरा
असम माला योजना राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से कम विकसित और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सड़क निर्माण और उन्नयन के लिए शुरू की गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य संपर्क की मौजूदा कमियों को दूर करना, हर मौसम में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना और गांवों को प्रमुख राजमार्गों तथा शहरी केंद्रों से जोड़कर आर्थिक विकास को गति देना है।
अधिकारियों के अनुसार यह योजना केंद्र सरकार के ग्रामीण सड़क कार्यक्रमों की पूरक है और साथ ही असम की विशिष्ट भौगोलिक एवं संपर्क संबंधी आवश्यकताओं को संबोधित करती है। फिलहाल विभिन्न जिलों में अलग-अलग चरणों में कई सड़क परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
आम जनता पर असर
बेहतर सड़क अवसंरचना से कृषि उत्पादों की बाजार तक आवाजाही सुगम होने, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंच में सुधार और स्थानीय व्यापार व पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब असम के कई आंतरिक इलाके बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण बार-बार कट जाते हैं।
राज्य सरकार का कहना है कि सड़क अवसंरचना में यह निवेश अंतिम छोर तक संपर्क मजबूत करेगा, आपदा राहत क्षमताओं को बेहतर बनाएगा और पहले दुर्गम रहे क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं खोलेगा।
सरकार की व्यापक रणनीति
राज्य सरकार ने बार-बार यह रेखांकित किया है कि सुदृढ़ सड़क संपर्क उसकी संतुलित क्षेत्रीय विकास और समावेशी वृद्धि की नीति का केंद्रबिंदु है। हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देने के अपने रुख पर कायम है, जिसके तहत असम माला योजना एक प्रमुख वाहन के रूप में उभरी है।
गौरतलब है कि पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधा रही है और इस तरह की राज्य-स्तरीय योजनाएं केंद्रीय पहलों के साथ मिलकर इस अंतर को पाटने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले महीनों में और परियोजनाओं के पूर्ण होने से असम के ग्रामीण परिदृश्य में और बदलाव आने की संभावना है।