ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नई माइंस बिछाई तो होगी तत्काल सैन्य कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 अगस्त को घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद सभी समुद्री बारूदी सुरंगें (माइंस) या तो हटा दी गई हैं या विस्फोट कर निष्क्रिय कर दी गई हैं। ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस क्षेत्र में नई माइंस बिछाने की किसी भी कोशिश पर अमेरिका तत्काल और व्यवस्थित सैन्य कार्रवाई करेगा।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का ऐलान
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी नौसेना ने उन्हें सूचित किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र की सभी माइंस साफ कर दी गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि माइंस बिछाने के मामले में अमेरिका की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी तरह प्रभावी है और किसी भी नए प्रयास पर तत्काल सैन्य जवाब दिया जाएगा।
स्पेस फोर्स की निगरानी और परमाणु स्थलों पर नज़र
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी स्पेस फोर्स स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के 'हर इंच' की निगरानी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि स्पेस फोर्स ईरान के पिकऐक्स माउंटेन और पहले नष्ट किए जा चुके तीन अन्य परमाणु स्थलों पर भी नज़र बनाए हुए है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है।
होर्मुज का सामरिक महत्व
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जहाँ से दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल गुजरता है। इस जलडमरूमध्य में किसी भी व्यवधान का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों पर पड़ता है। ईरान पर माइंस बिछाने के आरोप इससे पहले भी लगते रहे हैं, और यह नवीनतम अमेरिकी बयान उस संदर्भ में और भी अहम हो जाता है।
स्कूलों पर जेंडर नीति को लेकर संघीय चेतावनी
इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी स्कूलों को आगाह किया है कि यदि वे बच्चों से जुड़े जेंडर-संबंधी निर्णय माता-पिता को सूचित किए बिना लेते हैं, तो उनकी संघीय फंडिंग रोकी जा सकती है। अमेरिकी शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमैहन ने व्हाइट हाउस में आयोजित 'बैक-टू-स्कूल' कार्यक्रम में कहा कि शिक्षा विभाग और न्याय विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी स्कूल जिला बच्चों पर माता-पिता से अधिक अधिकार न जताए।
मैकमैहन ने कहा, 'यदि स्कूल बच्चों को कट्टरपंथी प्रयोगों के अधीन रखते हैं और माता-पिता को किनारे करते हैं, तो वे अपनी संघीय फंडिंग खो देंगे।'
आगे क्या होगा
विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप का यह बयान ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। होर्मुज में तनाव कम होने या बढ़ने का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ेगा। अमेरिकी नौसेना और स्पेस फोर्स की सक्रिय तैनाती से यह स्पष्ट है कि वाशिंगटन इस जलमार्ग को लेकर किसी भी ढील के मूड में नहीं है।