राजकोट पुलिस ने ₹9.61 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी में इंदौर से आरोपी हार्दिक तन्ना को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
राजकोट सिटी पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के इंदौर से हार्दिक तन्ना को गिरफ्तार किया, जिस पर 'द्वारकाधीश एंटरप्राइज' नामक फर्म के माध्यम से शिकायतकर्ता और कई निवेशकों से कुल ₹9,61,91,492 रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अधिक रिटर्न का प्रलोभन देकर निवेशकों का विश्वास अर्जित किया और बाद में रकम लेकर राजकोट से फरार हो गया।
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस के अनुसार, कथित धोखाधड़ी 2023 में शुरू हुई थी। तन्ना ने निवेशकों को बताया कि द्वारकाधीश एंटरप्राइज विभिन्न डेबिट कार्ड स्वाइप करने और उनके एवज में लोन देने का कारोबार करती है। कथित तौर पर उसने अच्छे रिटर्न का भरोसा दिलाकर लोगों को निवेश के लिए राजी किया।
शुरुआती चरण में आरोपी ने निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें रिटर्न के रूप में कुछ राशि वापस भी की। भरोसा कायम होने के बाद उसने और अधिक मुनाफे का वादा करते हुए बैंक खातों एवं नकद — दोनों माध्यमों से अतिरिक्त निवेश जुटाया। अंततः उसने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और राजकोट से भाग गया।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
19 अगस्त को गांधीग्राम-2 (यूनिवर्सिटी) पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 316(5) और गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स ऑफ डिपॉजिटर्स (इन फाइनेंशियल एस्टेब्लिशमेंट्स) एक्ट, 2003 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर के.के. गोहिल ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर आर.आर. कोठिया और उनकी टीम को आरोपी का पता लगाने का निर्देश दिया। तकनीकी और गुप्त स्रोतों से जानकारी मिली कि तन्ना इंदौर में है, जिसके बाद टीम को वहाँ भेजा गया और उसे विजय नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया।
आरोपी का कबूलनामा
पूछताछ के दौरान हार्दिक तन्ना ने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसे राजकोट वापस लाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
पुलिस ने बताया कि यह पूरा ऑपरेशन राजकोट सिटी पुलिस कमिश्नर ब्रजेशकुमार झा और एडिशनल पुलिस कमिश्नर चैतन्य मांडलिक के निर्देशन में चलाया गया। यह मामला उन निवेशकों के लिए चेतावनी है जो अनियमित और अपंजीकृत फर्मों में असाधारण रिटर्न के वादे पर भरोसा करते हैं।