दिल्ली में 1.05 लाख रुपये की ठगी में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी, टेलीग्राम पर निवेश का धोखा

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दिल्ली में 1.05 लाख रुपये की ठगी में दो संदिग्धों की गिरफ्तारी, टेलीग्राम पर निवेश का धोखा

सारांश

दिल्ली के शाहदरा में साइबर पुलिस ने टेलीग्राम पर संचालित निवेश धोखाधड़ी का खुलासा किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 1,05,969 रुपये ठग लिए थे। इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनसे पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

Key Takeaways

  • साइबर धोखाधड़ी के मामलों में सतर्क रहें।
  • टेलीग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर निवेश योजनाओं की सत्यता की जांच करें।
  • पुलिस की कार्रवाई से सतर्कता बढ़ी है।
  • आवश्यक है कि लोग वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूक रहें।

नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में साइबर पुलिस ने एक बड़े टेलीग्राम-आधारित निवेश धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने एक व्यक्ति से क्रिप्टो ट्रेडिंग एवं आकर्षक निवेश योजनाओं के नाम पर 1,05,969 रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने उनके कब्जे से धोखाधड़ी में उपयोग किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

यह मामला 12 नवंबर 2025 को तब सामने आया जब 30 वर्षीय रमन शर्मा, जो शाहदरा का निवासी है, ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई 2025 को उन्हें टेलीग्राम के एक समूह के माध्यम से अज्ञात लोगों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग और कम समय में अधिक मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए उन्होंने कुछ कथित ग्राहकों के लाभ के फर्जी स्क्रीनशॉट और नकली निवेश रिटर्न भी दिखाए।

इन झूठे दावों और आकर्षक मुनाफे के वादों के चलते शिकायतकर्ता ने विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी में कुल 1,05,969 रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें कोई रिटर्न नहीं मिला और आरोपी गायब हो गए, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाना शाहदरा में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाया।

जांच के परिणामस्वरूप पुलिस ने दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी 28 वर्षीय रिंकू और अलीगढ़ निवासी 26 वर्षीय अभिषेक यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार रिंकू इस ठगी नेटवर्क में मुख्य रूप से बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का संचालन कर रहा था, जिसका उपयोग ठगी की गई रकम प्राप्त करने के लिए किया गया था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से वह मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें संबंधित बैंक खाते से जुड़ा सिम कार्ड था।

अभिषेक यादव पर आरोप है कि वह धोखाधड़ी वाले बैंक खाते से जुड़े ओटीपी और लेन-देन अलर्ट को संभालने में शामिल था। उसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जो ठगी के लेन-देन से संबंधित था।

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन इस साइबर फ्रॉड नेटवर्क को चलाने में उपयोग किए जा रहे थे। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं तथा यह नेटवर्क कितनी दूर तक फैला हुआ है।

साइबर थाना शाहदरा की टीम की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की मदद से इस मामले में सफलता मिली है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगी के ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

Point of View

NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

यह ठगी कैसे हुई?
आरोपियों ने टेलीग्राम पर संपर्क कर क्रिप्टो ट्रेडिंग और आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच दिया, जिससे शिकायतकर्ता ने पैसे ट्रांसफर किए।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की और विशेष टीम के माध्यम से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय रिंकू और 26 वर्षीय अभिषेक यादव के रूप में हुई है।
पुलिस ने कौन-कौन से सबूत बरामद किए?
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इस मामले में आगे की जांच कैसे होगी?
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन लोग शामिल हैं और नेटवर्क कितना बड़ा है।
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