कच्छ पुलिस ने 3 दिन में लौटाए ₹35 लाख, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आदेश पर हुई त्वरित कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के कड़े निर्देश पर पश्चिम कच्छ पुलिस ने 12 अगस्त 2026 को महज तीन दिनों के भीतर एक निवेश धोखाधड़ी मामले को सुलझाते हुए पीड़िता आशाबेन सिद्धपुरा को ₹35 लाख से अधिक की राशि वापस दिलाई। यह मामला कच्छ के मुंद्रा क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक फर्जी कंपनी ने पैसे दोगुने करने का लालच देकर लोगों से बड़ी रकम हड़प ली थी।
मामले की पृष्ठभूमि
लगभग तीन वर्ष पूर्व मुंद्रा निवासी आशाबेन सिद्धपुरा रोज़गार की तलाश में एक कंपनी में एजेंट के रूप में जुड़ी थीं। कंपनी ने अधिक आर्थिक लाभ का प्रलोभन देकर आशाबेन को अन्य लोगों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। कंपनी ने निवेशकों को पैसे दोगुने करके लौटाने की विभिन्न योजनाएँ दिखाईं और इस प्रकार बड़ी रकम एकत्र की।
जब निर्धारित अवधि पूरी होने पर राशि वापसी का समय आया, तो कंपनी के संचालकों ने पहले बहाने बनाए और अंततः भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया। इससे आशाबेन न केवल अपनी, बल्कि अन्य लोगों की जमा-पूँजी भी फँसने के कारण गंभीर संकट में पड़ गईं।
उपमुख्यमंत्री तक पहुँची गुहार
न्याय की उम्मीद लेकर आशाबेन स्वयं गांधीनगर पहुँचीं और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के समक्ष अपनी पूरी आपबीती सुनाई। संघवी ने इस शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल पश्चिम कच्छ पुलिस अधीक्षक को कड़े निर्देश जारी किए कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जाए और उनकी राशि वापस करवाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही पश्चिम कच्छ पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने अगले ही दिन आशाबेन से प्रत्यक्ष भेंट कर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा (LCB) सहित पुलिस की विशेष टीम ने तत्काल प्रभाव से गहन जाँच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक विकास सुंडा ने बताया कि यह कार्रवाई 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के अंतर्गत की गई। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पूरी टीम ने पूरी तत्परता से काम किया, जिसके परिणामस्वरूप केवल तीन दिनों में ₹35 लाख से अधिक की राशि पीड़िता को वापस दिलाई जा सकी।
पीड़िता की प्रतिक्रिया और अपील
जीवनभर की कमाई सुरक्षित वापस मिलने पर आशाबेन ने गहरी संतुष्टि व्यक्त की और कहा कि उनका गांधीनगर तक का सफर सच में सार्थक रहा। उन्होंने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की त्वरित निर्णय-क्षमता और पश्चिम कच्छ पुलिस की पूरी टीम के प्रति हृदय से आभार जताया।
आशाबेन ने नागरिकों से भी अपील की कि वे अधिक लाभ या पैसे दोगुने करने के प्रलोभन में आकर किसी भी संदिग्ध कंपनी में निवेश न करें। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि ऐसी पोंज़ी-शैली की योजनाएँ किस तरह आम लोगों की मेहनत की कमाई को हड़प लेती हैं।
आगे की राह
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनी के संचालकों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया गया है या नहीं। पश्चिम कच्छ पुलिस की जाँच जारी है और अन्य प्रभावित निवेशकों के मामलों पर भी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।