सूरत बाढ़ राहत: 2,500 से अधिक परिवारों को ₹6,800 प्रति परिवार की वित्तीय सहायता वितरित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के सूरत में हाल की भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित 2,500 से अधिक परिवारों को जिला प्रशासन ने ₹6,800 प्रति परिवार की वित्तीय सहायता वितरित की है। भातर और माजुरा क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण पूरा होने के बाद यह राहत वितरण युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
राहत वितरण का विवरण
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार को भातर के अंबेडकर नगर, आजाद नगर, इंदिरा नगर और रसूलबाद के निवासियों को व्यक्तिगत रूप से सहायता राशि वितरित की। इस पैकेज में नकद राशि के साथ-साथ घरेलू सामान और कपड़ों की सहायता भी शामिल है, जो उन परिवारों के लिए है जिनके घर, सामान और आजीविका के साधन बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इस राहत पैकेज में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के तहत घरेलू सहायता और दैनिक मजदूरी सहायता भी सम्मिलित है।
प्रशासन की कार्रवाई
जिला कलेक्टर तेजस परमार और सूरत नगर आयुक्त एम. नागराजन की निगरानी में अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण किया। दक्षिण उप-मंडल मजिस्ट्रेट वी. जे. भंडारी के मार्गदर्शन में माजुरा क्षेत्र में भी सर्वेक्षण और राहत वितरण का कार्य पूरा किया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, भंडारी की देखरेख में सूरत शहर भर में अब तक 2,500 से अधिक परिवारों को वित्तीय सहायता पहुँचाई जा चुकी है।
उपमुख्यमंत्री का आश्वासन
निवासियों को संबोधित करते हुए संघवी ने कहा कि कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित नहीं रहेगा और वित्तीय मदद प्रत्येक घर तक पहुँचाई जाएगी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और सर्वेक्षण कर रहे अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया।
संघवी ने कहा कि सूरत ने भारी बारिश के बाद एक बार फिर लचीलापन, धैर्य और एकता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सामान्य जीवन में वापसी के दौरान भी उनके साथ खड़ी रहेगी।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की अत्यधिक बारिश ने सूरत के निचले इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया था। गौरतलब है कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों के घरेलू सामान, व्यवसाय और आजीविका के साधन क्षतिग्रस्त हुए हैं, और यह राहत राशि उनकी तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए दी गई है।
आगे की राह
जिला प्रशासन के अनुसार सर्वेक्षण कार्य जारी है और शेष प्रभावित परिवारों को भी जल्द से जल्द सहायता पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि पुनर्वास प्रक्रिया के अगले चरण में दीर्घकालिक सहायता उपाय भी शामिल किए जाएंगे।