सूरत बाढ़ राहत: हर्ष संघवी ने 2,000 परिवारों को ₹6,800 प्रति परिवार सहायता वितरित की
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को सूरत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 2,000 परिवारों को प्रति परिवार ₹6,800 की आर्थिक सहायता वितरित की। भटार क्षेत्र के आंबेडकरनगर, आजादनगर, इंदिरानगर और रसूलाबाद के प्रभावित नागरिकों को नकद राहत, घरेलू सामान और कपड़ा सहायता सम्मिलित रूप से दी गई। भारी वर्षा और बाढ़ से हुई तबाही के बीच राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि राहत सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचे।
मुख्य घटनाक्रम
उपमुख्यमंत्री संघवी ने सहायता वितरण के दौरान बाढ़ प्रभावित नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वेक्षण में पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र परिवार इस सहायता से वंचित नहीं रहेगा और हर घर तक पहुँचकर आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन की कार्यवाही
जिला कलेक्टर तेजस परमार ने मूसलाधार वर्षा के तुरंत बाद सर्वेक्षण शुरू करने के निर्देश दिए। प्रांत अधिकारी (दक्षिण) वीजे भंडारी के मार्गदर्शन में मजूरा क्षेत्र के प्रभावितों का सर्वेक्षण पूरा किया गया और उन्हें घरेलू सामान तथा मनरेगा योजना के अनुसार दैनिक मेहनताना सहित ₹6,800 की सहायता वितरित की गई। अब तक सूरत शहर में अनुमानित 2,500 से अधिक परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान की जा चुकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
संघवी ने कहा कि बाढ़ की विकट परिस्थितियों में भी सूरत के नागरिकों ने अपने अदम्य साहस, धीरज और एकता का परिचय दिया है। उन्होंने जोड़ा कि जन प्रतिनिधि, राज्य सरकार के अधिकारी और कर्मचारी हर कठिन घड़ी में प्रभावितों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनके अनुसार यह आर्थिक सहयोग केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुनर्वास और सामान्य जीवन की ओर लौटने की पूरी यात्रा में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी।
आम जनता पर असर
जिन परिवारों, व्यापारियों और नागरिकों को माल-सामान का नुकसान हुआ है तथा जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है, उनके लिए यह ₹6,800 की सहायता राशि आर्थिक संबल का काम करेगी। गौरतलब है कि यह सहायता नकद, घरेलू उपकरण और कपड़ों के संयुक्त रूप में दी जा रही है, जिससे तत्काल जरूरतें पूरी हो सकें।
क्या होगा आगे
प्रशासन का डोर-टू-डोर सर्वेक्षण जारी है और शेष प्रभावित परिवारों तक राहत पहुँचाने की प्रक्रिया चल रही है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि पुनर्वास के अगले चरण में दीर्घकालिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।