न्यूजीलैंड सांसद परमजीत परमार ने पीएम मोदी के ऑकलैंड दौरे को बताया ऐतिहासिक, भारत-न्यूजीलैंड FTA को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
न्यूजीलैंड की संसद सदस्य परमजीत परमार ने 10 जुलाई 2026 को ऑकलैंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया और कहा कि यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड मैत्री को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी। उन्होंने हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को दोनों देशों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
दौरे का महत्व
एसीटी पार्टी की सांसद परमार ने कहा कि भारतीय समुदाय 100 वर्षों से अधिक समय से न्यूजीलैंड में योगदान दे रहा है और प्रवासी भारतीय इस दौरे को लेकर विशेष रूप से उत्साहित हैं। उनके अनुसार, यह दौरा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच एक स्वाभाविक और पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी की शुरुआत है।
परमार ने कहा, 'यह उन महान संबंधों की बस शुरुआत है, जो न्यूजीलैंड और भारत दोनों पक्षों के लिए स्वाभाविक रूप से फायदेमंद होगा।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह दौरा प्रधानमंत्री मोदी के लिए यादगार रहेगा।
भारत-न्यूजीलैंड FTA पर प्रतिक्रिया
परमार ने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से इस समझौते की पुरजोर समर्थक रही है, क्योंकि FTA प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देकर, रोजगार के अवसर पैदा करके और लागत कम करके दोनों देशों के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाता है।
गौरतलब है कि यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक व्यापार तनाव चरम पर है और बहुपक्षीय व्यापार ढाँचे कमजोर पड़ रहे हैं। ऐसे में द्विपक्षीय FTA दोनों देशों को आर्थिक स्थिरता प्रदान कर सकता है।
भारत की आर्थिक प्रगति पर नज़रिया
भारतीय मूल की सांसद परमार ने वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बावजूद भारत के विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 15 वर्षों में भारत ने जो तरक्की की है, वह अनेक क्षेत्रों में उसे वैश्विक नेता के रूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के व्यक्ति के रूप में यह देखकर उन्हें गर्व होता है।
परमार ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष रूप से UPI जैसी प्रणालियों की भी प्रशंसा की और कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत और न्यूजीलैंड के बीच सहयोग के व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक वैश्विक तकनीकी नेता के रूप में उभर रहा है।
भू-राजनीतिक सहयोग की संभावनाएँ
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनावों के संदर्भ में परमार ने कहा कि जैसे-जैसे भारत-न्यूजीलैंड संबंध औपचारिक रूप लेंगे, दोनों सरकारें भू-राजनीतिक मुद्दों पर भी मिलकर काम कर सकती हैं। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अपनी विदेश नीति में प्रशांत देशों के साथ संबंध मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना है।